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Late Marriage: 30 के बाद शादी, फिर देर से मां बनने का फैसला, महिलाओं के लिए बड़ा खतरा; डॉक्टरों ने दी चेतावनी

Sat, 04 Jul 2026 11:33 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Sat, 04 Jul 2026 11:33 AM IST
सार

Problems of Late Marriage:  आगरा में आयोजित गायनी विशेषज्ञों के सेमिनार में चिकित्सकों ने कहा कि देर से शादी, देर से मातृत्व और असंतुलित जीवनशैली महिलाओं में हार्मोन संबंधी समस्याएं, बांझपन और रसौली के मामलों को बढ़ा रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार करीब 15% महिलाएं रसौली से प्रभावित हैं और समय पर जांच, संतुलित आहार तथा नियमित व्यायाम से जोखिम कम किया जा सकता है।

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Delayed Marriage and Late Pregnancy Linked to Rising Fibroid Cases Doctors Warn at Agra Seminar
आगरा ऑब्स एंड गायनी सोसाइटी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शादी देर से होने, बच्चा भी देर से करना बांझपन के साथ रसौली की बड़ी वजह बन रहा है। आगरा ऑब्स एंड गायनी सोसाइटी के हरीपर्वत स्थित होटल में हुए सेमिनार में चिकित्सकों ने इस पर चिंता जताई। विशेषज्ञों ने बताया कि 15 फीसदी महिलाओं में ये समस्या है। इसकी सर्जरी रोबोट से भी की जा रही है।
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सोसाइटी अध्यक्ष डॉ. रजनी पचौरी ने बताया कि 35-40 साल की महिलाओं में बांझपन के साथ रसौली की बड़ी वजह 30-32 की उम्र के बाद शादी, फिर बच्चे भी देर से करना, खराब खानपान समेत अन्य वजह हैं। इससे हार्मोंस गड़बड़ाने से ये बीमारी पनप रही है। सचिव डॉ. मीनल जैन ने कहा कि महिलाओं की खराब फिटनेस, फास्टफूड खाना, देर से जागना-सोना, धूम्रपान के अलावा जेनेटिक भी ये परेशानी मिल रही है। डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा ने बताया कि छोटी उम्र में ये बीमारी होने पर दवाओं से उपचार किया जाता है, कई तरह की नई दवाएं भी आ चुकी हैं।
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एसएन की पूर्व प्राचार्य डॉ. सरोज सिंह ने कहा कि बांझपन, माहवारी के वक्त अत्यधिक दर्द होना, अत्यधिक ब्लीडिंग होने पर चिकित्सक से परामर्श लें। उन्होंने महिलाओं पौष्टिक भोजन, योग-व्यायाम करने और देर से शादी करने से बचने की सलाह दी। सेमिनार में डॉ. मुकेश चंद्रा, डॉ. संध्या अग्रवाल, डॉ. जयदीप मल्होत्रा, डॉ. निधि गुप्ता, डॉ. अनु पाठक, डॉ. अंजलि वोहरा, डॉ. किया जैन, डॉ. ऋषभ पचौरी आदि ने भी व्याख्यान दिया।

डॉक्टर्स डे पर इन्हें किया सम्मानित
 डॉ. संध्या अग्रवाल, डॉ. मुकेश चंद्रा, डॉ. सरोज सिंह, डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा, डॉ. निहारिका मल्होत्रा, डॉ. संतोष सिंघल, डॉ. निधि बंसल, डॉ. दीपशिखा मलकानी, डॉ. हेमा सडाना, डॉ. अभिलाषा प्रकाश, डॉ. कविता भटनागर, डॉ. कामिनी खुराना, डॉ. रत्ना शर्मा और डॉ. गायत्री गुप्ता को सम्मानित किया गया।

 
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