धोनी की पसंद दीपक चाहर का एशिया कप के लिए टीम इंडिया में चयन, जानें उनके अनछुए पहलू
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आगरा ताजनगरी के लाल दीपक चाहर को एशिया कप के लिए टीम इंडिया में शामिल किया गया है। पाकिस्तान के खिलाफ मैच के दौरान ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या के चोटिल हो जाने के कारण दीपक को यह मौका मिला है। इससे पहले वह इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 मैच खेल चुके हैं। उसमें शानदार स्विंग बॉलिंग से चयनकर्ताओं का दिल जीत लिया था।
26 वर्षीय दीपक आईपीएल में लंबे समय से खेल रहे हैं। इस साल चेन्नई सुपरकिंग से खेले। रणजी में राजस्थान के खिलाड़ी हैं। उनकी पहचान बॉलिंग आलराउंडर की बनी है। उन्हें टीम इंडिया में चयन की सूचना फोन से मिली। उस समय जयपुर में थे। उनके पिता लोकेंद्र सिंह चाहर ने बताया कि दीपक दुबई के लिए रवाना हो गए हैं।
बेटे के चयन पर उन्होंने कहा कि उनके लिए यह गर्व की बात है कि दीपक को वनडे के लिए चुना गया है। वह चाहते हैं कि दीपक टेस्ट भी खेलें और लगातार खेलें। वह इस समय शानदार फॉर्म में हैं। उम्मीद है कि गेंद और बल्ले दोनों से अच्छा प्रदर्शन करेंगे।
हालांकि अंतिम 11 में स्थान पाने के लिए उनके और खलील के बीच मुकाबला रहेगा। अगर बांग्लादेश और श्रीलंका के खिलाफ मैच में भुवी या बुमराह में से किसी एक को आराम दिया गया तो दीपक को मौका मिलने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी। ताजनगरी के लोग तो यही चाहते हैं कि दीपक हर मैच खेलें। खासतौर से पाक के खिलाफ जरूर।
दीपक चाहर यहां चाहर एकेडमी में प्रैक्टिस करते हैं, उनके चचेरे भाई राहुल चाहर भी क्रिकेटर हैं। वह आईपीएल के खिलाड़ी हैं। राजस्थान रणजी में दीपक के साथ ही हैं। दीपक की ताकत उनकी स्विंग गेंदबाजी है। उनकी खूबी यह है कि वह लाइन से भटकते नहीं हैं। लेंथ भी पहली गेंद से ही पकड़ लेते हैं।
इस बार आईपीएल में उन्होंने शानदार खेल दिखाया। इसके बाद इंडिया ए के लिए इंग्लैंड में शानदार गेंदबाजी की। वहां से टीम इंडिया में टी-20 में इंग्लैंड के खिलाफ खेलने का मौका मिला तो सभी को प्रभावित किया। सुनील गावस्कर ने कमेंटरी करते हुए उनकी गेंदबाजी की तारीफ की। महेंद्र सिंह धोनी तो कई बार तारीफ कर चुके हैं।
पिता ने बेटे के करियर के लिए नौकरी तक छोड़ दी
दीपक का जन्म सात अगस्त 1992 को हुआ था। उनकी सफलता के पीछे सबसे बड़ा हाथ उनके पिता लोकेंद्र चाहर का है। लोकेंद्र ने बेटे के करियर के लिए सेना की नौकरी तक छोड़ दी। लोकेंद्र बेटे दीपक के कोच भी हैं। नौकरी के कारण बेटे को कोचिंग में ज्यादा समय नहीं दे पा रहे थे। इस कारण अक्तूबर 2006 में नौकरी छोड़ दी। इस बारे में पूछे जाने पर लोकेंद्र बड़ी विनम्रता से कहते हैं कि औलाद के लिए लोग बड़ी- बड़ी कुर्बार्नियां देते हैं, नौकरी छोड़ना कोई बड़ी बात नहीं, उन्हें खुशी है कि तपस्या का फल मिला।
अपने पहले ही प्रथम श्रेणी मैच में लिए थे आठ विकेट
दीपक ने प्रथम श्रेणी में अपने करियर की शुरुआत हैदराबाद के खिलाफ की थी। अपने पहले ही मैच में आठ विकेट लेकर हैदराबाद को रणजी में उनके इतिहास के सबसे छोटे स्कोर पर समेट दिया था। हैदराबाद ने इस मैच में मात्र 21 रन बनाए थे। इस मैच के बाद ही 18 वर्षीय दीपक पर सभी की नज़रें हो गए। दीपक ने अपने स्पेल में मात्र 10 रन देकर 7.3 ओवर में हैदराबाद को बैक फुट पर धकेल दिया था। हैदराबाद की पूरी टीम ताश के पत्तों की तरह मात्र 15.3 ओवर में सिमट गई थी।
सात साल से खेल रहे हैं आईपीएल
दीपक 2011 से लगातार आईपीएल खेल रहे हैं। इस दौरान वह 2011 से 2015 में राजस्थान रॉयल्स की टीम में रहे। इसके बाद दो साल धोनी की टीम राइजिंग पुणे सुपरजान्ट्स से जुड़े रहे। इस बार दीपक को जनवरी 2018 में चेन्नई ने खरीदा लिया। इस आईपीएल का पहला ओवर उन्होंने ही डाला था। फाइनल मैच का पहला ओवर भी उन्होंने ही किया था।