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‘मौत’ का मंजर देख कांप उठी रूह

Wed, 24 Dec 2014 02:08 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला
ब्यूरो, अमर उजाला Updated Wed, 24 Dec 2014 02:08 AM IST
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आगरा। आगरा-मथुरा हाईवे पर खड़वाई-अटूस के बीच मंगलवार रात हुए भीषण हादसे में मौत का मंजर देखकर आसपास के लोगों की रूह कांप गईं। फोर्स गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। उसके टुकड़े हो गए। दो लाशें सड़क पर पड़ी थीं। घायल गाड़ी में फंस थे। रात के सन्नाटे में चीत्कार गूंजी तो हर कोई सहम गया और दौड़ता हुआ मदद को पहुंचा।
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मिढ़ाकुर के राजेंद्र सिंह सोलंकी का फतेहपुर सीकरी रोड स्थित गांव नानपुर मोड़ पर सरस्वती शिक्षा निकेतन इंटर कालेज है। उनकी बेटी सुधा पत्नी चंद्रभान प्रिंसिपल हैं। बहू नीरज पत्नी नरेंद्र सिंह भी कालेज में पढ़ाती थीं। मंगलवार सुबह कालेज के शिक्षक और शिक्षिकाओं सहित 18 लोगों का दल टाटा फोर्स गाड़ी सेे मथुरा-वृंदावन घूमने के लिए गया था। राजेंद्र सिंह भी थे। लौटते वक्त खड़वाई-अटूस गांवों के बीच उनकी गाड़ी मिढ़ाकुर की ओर से आ रही ट्रैक्टर ट्राली से जा टकराई। हादसा इतना भयावह था कि फोर्स गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। उसकी छत अलग हो गई। ट्रैक्टर ट्राली सड़क के साइड में गड्ढे में उतर गई। चीखपुकार सुन ग्रामीण पहुंचे तो दो लाशें सड़क पर देख घबरा गए। उन्होंने तुरंत गाड़ी में फंसे घायलों को बाहर निकाला। सड़क पर पड़े लोगों को किनारे किया।
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इस बीच पुलिस भी पहुंच गई। रुनकता चौकी इंचार्ज सीताराम सरोज ने सभी घायलों को सड़क से गुजरते वाहनों को रोककर तुरंत उपचार के लिए अस्पताल भेजा। राजेंद्र सिंह की मौत हो गई। बेटी और बहू घायल हैं। ग्रामीणों का कहना था कि अगर हादसे के बाद समय पर लोग और पुलिस नहीं आती तो मरने वालों की संख्या अधिक हो सकती थी।
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जिंदा हैं, विश्वास नहीं हुआ
आगरा। हादसे में किसी के बचने की उम्मीद नहीं थी। शिक्षक विपिन और रामचंद्र ने मौत को करीब से देखा। हादसे के बाद दोनों की आंखें खुलीं तो जिंदा पाकर विश्वास हीं नहीं हुआ। उन्हें कम चोट आई। घायलों की मदद की। शिक्षकों ने बताया कि वह सभी गांव लौट रहे थे, तभी हादसा हुआ। वह गाड़ी से निकलकर सड़क पर गिर चुके थे। विपिन के पैर में तो रामचंद्र के सिर में चोट है। विपिन ने ही सौ नंबर पर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद रामचंद्र भी उठा। विपिन ने बताया कि तकरीबन 15 मिनट बाद पुलिस पहुंची और उन्हें अस्पताल भेज दिया। इमरजेंसी में विपिन किसी तरह से संभला। फिर गांव के लोगों को सूचना दी। इसके बाद घायल और मृतकों के परिवारीजनों को फोन पर सूचित किया।
एक शिक्षक का कटा हाथ
कालेज शिक्षक वीरेंद्र ड्राइवर के पास वाली सीट पर बैठे हुए। चालक की जान चली गई। वीरेंद्र का हाथ कट गया। उनकी गंभीर हालत बनी हुई थी।
यह हुए थे घायल
वीरेंद्र ेसिंह, राजकुमार, अखिलेश, धमेंद्र, रामचंद्र, विपिन, सत्यप्रकाश, मुकेश, श्रीमती नीरज, सुधा आदि हैं।
चालक को दो बार टोका भी
अस्पताल में भर्ती घायल धर्मेंद्र ने बताया कि चालक गाड़ी तेज दौड़ा रहा था। वह पिछले सीट पर बैठे थे। गाड़ी के सामने कई वाहन आने से बचे थे। चालक से कहा भी, गाड़ी धीमी चलाओ। दो बार टोका भी। मगर, कुछ देर बाद ही हादसा हो गया।

रुचि की थी 20 फरवरी को शादी
हादसे में मरी शिक्षिका रुचि निवासी मिढ़ाकुर की शादी तय हो गई थी। 20 फरवरी को शादी होनी थी। घर में तैयारियां चल रही थी। उनकी मौत की जानकारी पर घर में कोहराम मच गया। परिवारीजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए।
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