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नवजात की मौत: सरकारी एंबुलेंस स्टाफ पर निजी अस्पताल में भर्ती कराने का आरोप, जांच करेंगी विशेषज्ञों की टीम
Tue, 05 Dec 2023 10:00 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 05 Dec 2023 10:00 AM IST
सार
पीड़ित ने नवजात को सरकारी एंबुलेंस स्टाफ पर निजी अस्पताल में भर्ती कराने का आरोप लगाया था। इस मामले की जांच के लिए विशेषज्ञों की टीम बनाई गई है।
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एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के एसएन इमरजेंसी से निजी अस्पताल में नवजात को भर्ती कराने और नवजात की मौत हो जाने की जांच शुरू हो गई है। सरकारी एंबुलेंस स्टाफ पर आरोप है। स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए विशेषज्ञों की टीम बनाई है। एंबुलेंस सेवा-108 के प्रभारी से भी पूरे मामले की जांच रिपोर्ट तलब की गई है।
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि सहपऊ निवासी मजदूर अतुल कुमार ने आरोप लगाया था कि उनकी नवजात को हाथरस जिला अस्पताल से 108 एंबुलेंस सेवा से एसएन इमरजेंसी रेफर किया गया था। स्टाफ ने भ्रमित कर ट्रांस यमुना कॉलोनी स्थित एएस चिल्ड्रन हॉस्पिटल एंड क्रिटिकल केयर में भर्ती कराया। यहां 7 दिन में 60 हजार रुपये खर्च हो गए। नवजात की मौत भी हो गई।
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मामला संज्ञान में लेकर जांच के लिए एसीएमओ डॉ. एसएम प्रजापति को जिम्मेदारी दी गई है। टीम में एसएन मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ भी शामिल किए जाएंगे। मंगलवार को टीम जांच करने जाएगी। 108 एंबुलेंस सेवा प्रभारी ने भी जांच शुरू कर दी है। इसमें हाथरस और आगरा की टीमें लगीं हैं। जांच के बाद कार्रवाई होगी। एसएन में भी जांच शुरू कर दी गई है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि इमरजेंसी स्टाफ की भूमिका की जांच करने के लिए सीसीटीवी कैमरे देखे जा रहे हैं।
पीड़ित को धमकाया
मृतक नवजात के पिता अतुल का कहना है कि फोन पर समझौता करने और बयान बदलने के लिए उन्हें फोन पर धमकाया जा रहा है। अज्ञात लोग उन्हें आगरा आकर लिखित में बयान लिखकर देने के लिए भी दबाव बना रहे हैं। इससे वह डरे हुए हैं।
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सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि सहपऊ निवासी मजदूर अतुल कुमार ने आरोप लगाया था कि उनकी नवजात को हाथरस जिला अस्पताल से 108 एंबुलेंस सेवा से एसएन इमरजेंसी रेफर किया गया था। स्टाफ ने भ्रमित कर ट्रांस यमुना कॉलोनी स्थित एएस चिल्ड्रन हॉस्पिटल एंड क्रिटिकल केयर में भर्ती कराया। यहां 7 दिन में 60 हजार रुपये खर्च हो गए। नवजात की मौत भी हो गई।
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मामला संज्ञान में लेकर जांच के लिए एसीएमओ डॉ. एसएम प्रजापति को जिम्मेदारी दी गई है। टीम में एसएन मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ भी शामिल किए जाएंगे। मंगलवार को टीम जांच करने जाएगी। 108 एंबुलेंस सेवा प्रभारी ने भी जांच शुरू कर दी है। इसमें हाथरस और आगरा की टीमें लगीं हैं। जांच के बाद कार्रवाई होगी। एसएन में भी जांच शुरू कर दी गई है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि इमरजेंसी स्टाफ की भूमिका की जांच करने के लिए सीसीटीवी कैमरे देखे जा रहे हैं।
पीड़ित को धमकाया
मृतक नवजात के पिता अतुल का कहना है कि फोन पर समझौता करने और बयान बदलने के लिए उन्हें फोन पर धमकाया जा रहा है। अज्ञात लोग उन्हें आगरा आकर लिखित में बयान लिखकर देने के लिए भी दबाव बना रहे हैं। इससे वह डरे हुए हैं।
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