{"_id":"613285e28ebc3e5ad87ff102","slug":"death-in-lift-agra-news-agr5062512152","type":"story","status":"publish","title_hn":"लिफ्ट के आने से पहले खुला गेट, पांचवीं मंजिल से गिरकर युवक की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लिफ्ट के आने से पहले खुला गेट, पांचवीं मंजिल से गिरकर युवक की मौत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा। संजय प्लेस स्थित प्रतीक सेंटर टावर में शुक्रवार सुबह 10 बजे लिफ्ट के गेट में तकनीकी कमी की वजह से हाथरस के गांव सरौठ निवासी राजू (34) की मौत हो गई। वह पांचवीं मंजिल पर थे। भूतल पर जाने के लिए लिफ्ट का बटन दबाया। लिफ्ट के आने से पहले ही उसके अंदर जाने वाला गेट खुल गया। वह अंदर गए और लिफ्ट के गड्ढे (खाली जगह) में जा गिरे। परिजनों ने लापरवाही से मौत का आरोप लगाते हुए सोसायटी, सीए और गार्ड के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
प्रतीक सेंटर टावर में पांचवीं मंजिल पर गार्गी रेफ्रीजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग इंजीनियरिंग का ऑफिस है। तकरीबन एक महीने से राजू यहां चालक की नौकरी कर रहे थे। उनके चाचा रणधीर सिंह ने बताया कि राजू सुबह तकरीबन 8:30 बजे घर से बाइक लेकर ऑफिस के लिए निकला था। 10:30 बजे उनके पास फोन आया कि राजू लिफ्ट से गिर गया है। वह अस्पताल पहुंचे, वहां राजू की मौत हो चुकी थी।
मोबाइल पर कर रहे थे बात
रणधीर सिंह के मुताबिक, राजू का ऑफिस बंद था। राजू ने साथियों से बात की। उन्होंने कुछ देर में पहुंचने की बात कही। राजू पांचवीं मंजिल से भूतल पर जाने के लिए लिफ्ट के गेट पर खड़ा हो गया। वह हेलमेट हाथ में लेकर किसी से मोबाइल पर भी बात कर रहा था। तभी लिफ्ट से एक व्यक्ति बाहर निकलकर चला गया। इसके बाद लिफ्ट ऊपरी मंजिल पर चली गई। राजू ने कुछ सेकंड बाद बटन दबाया तो गेट खुल गया। राजू समझा कि लिफ्ट मौजूद है। वह अंदर जाते ही संभल भी नहीं सका। वह भूतल पर लिफ्ट के गड्ढे में जा गिरा। गार्ड कोमल सिंह ने लोगों की मदद से गेट को खोलकर कोमल को बाहर निकाला। उसकी सांस चल रही थीं। लोग उसे ऑटो से निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां हालत में सुधार नहीं होने पर उसे एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी ले जा रहे थे। रास्ते में उसकी मौत हो गई। राजू की जेब में आधार कार्ड रखा हुआ था। इस पर परिजनों और पुलिस को सूचना दी गई।
विज्ञापन
चाचा बोले-तकनीकी खराबी ने ली भतीजे की जान
मृतक राजू के चाचा रणधीर सिंह ने बताया कि यह हादसा लिफ्ट का संचालन करने वालों की लापरवाही से हुआ है। लिफ्ट में प्रवेश के लिए एक गेट लगा होता है। यह लिफ्ट के तल पर आने पर ही खुलता है। मगर, राजू पांचवीं मंजिल पर खड़ा था। लिफ्ट सातवीं मंजिल पर थी। इसके बावजूद गेट खुल गया। गेट में तकनीकी कमी थी। लिफ्ट के मेंटेनेंस की जिम्मेदारी सोसायटी की होती है। उन्होंने ठीक से जिम्मेदारी नहीं निभाई। इसके लिए सोसायटी और सीए जिम्मेदार हैं। उन्होंने प्रतीक सेंटर वेलफेयर सोसायटी, सीए मुकेश गुप्ता और गार्ड कोमल सिंह को हादसे के लिए जिम्मेदार मानते हुए तहरीर दी है। थाने का प्रभार देख रहे एसआई अमित कुमार ने बताया कि लापरवाही से मौत के मामले में सीए, सोसायटी और गार्ड के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। विवेचना के बाद कार्रवाई की जाएगी।
लॉक डाउन में छूट गई थी राजू की नौकरी
परिजनों ने बताया कि राजू तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके दो छोटे भाई अजीत और संजय हैं। अजीत बीमार रहता है। पिता भगवान सिंह बुजुर्ग हैं। वो भी बीमार रहते हैं। राजू की पत्नी सपना है। उनके दो बच्चे छह साल का दिव्यांश और 11 माह की बेटी दिव्या है। राजू की लॉकडाउन में नौकरी छूट गई थी। वह काफी समय से नौकरी की तलाश कर रहे थे। किसी परिचित की मदद से हाल में ही यहां नौकरी लगी थी। अब हादसा हो गया। इससे पूरा परिवार टूट गया है। अब घर में कोई कमाने वाला नहीं है। पूरे परिवार की जिम्मेदार राजू पर ही थी। दो बच्चों से पिता का साया उठ गया। बेटा पापा के लिए रोये जा रहा था। घटना से परिवार में कोहराम मच गया।
सीसीटीवी कैमरे का फुटेज आया सामने
पुलिस ने टावर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक किए। इसमें लिफ्ट के सामने ही कैमरा लगा है। इसमें नजर आ रहा है कि राजू हेलमेट हाथ में लेकर मोबाइल पर बात कर रहे हैं। वह लिफ्ट के आने का इंतजार कर रहे हैं। तभी एक युवक लिफ्ट से निकलता है। कुछ सेकंड तक राजू रुके रहते हैं। फिर गेट खोलते हैं और अंदर चले जाते हैं। तभी हादसा हो जाता है।
बेलनगंज में लिफ्ट गिरने से गई थी व्यापारी की जान
फरवरी 2020 में बेलनगंज स्थित चार मंजिला गोदाम की लिफ्ट गिरने से मैसर्स राजेश इलेक्ट्रिक फर्म के मालिक राजेश गुप्ता की मौत हो गई थी। वह प्रोफेसर कॉलोनी, कमला नगर के रहने वाले थे। परिजनों ने बताया था कि राजेश गुप्ता लिफ्ट से नीचे आ रहे थे। तीसरी मंजिल पर लिफ्ट की चेन टूट गई थी। इससे राजेश गुप्ता की मौत हो गई थी। इसके अलावा भी शहर में लिफ्ट में फंसने के हादसे हो चुके हैं।
देखने के बाद ही करें प्रवेश
पुलिस के एक्सपर्ट के मुताबिक, जल्दबाजी के चक्कर में लिफ्ट में ओवरलोडिंग नहीं करनी चाहिए। लिफ्ट में जाने से पहले एक बटन दबाना होता है, जिससे लिफ्ट आ जाती है। यह ध्यान रखे हैं कि लिफ्ट में प्रवेश से पहले भी खाली जगह में कोई न जाए, उसके लिए एक गेट लगा होता है। यह लिफ्ट के आने पर ही खुलता है। गेट खोलने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि लिफ्ट आई है या नहीं, लिफ्ट में फंसने पर अलार्म बटन का इस्तेमाल करें। इसे बार-बार नहीं दबाएं। फोन से अपने करीबियों को सूचना दें।
विज्ञापन
प्रतीक सेंटर टावर में पांचवीं मंजिल पर गार्गी रेफ्रीजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग इंजीनियरिंग का ऑफिस है। तकरीबन एक महीने से राजू यहां चालक की नौकरी कर रहे थे। उनके चाचा रणधीर सिंह ने बताया कि राजू सुबह तकरीबन 8:30 बजे घर से बाइक लेकर ऑफिस के लिए निकला था। 10:30 बजे उनके पास फोन आया कि राजू लिफ्ट से गिर गया है। वह अस्पताल पहुंचे, वहां राजू की मौत हो चुकी थी।
विज्ञापन
मोबाइल पर कर रहे थे बात
रणधीर सिंह के मुताबिक, राजू का ऑफिस बंद था। राजू ने साथियों से बात की। उन्होंने कुछ देर में पहुंचने की बात कही। राजू पांचवीं मंजिल से भूतल पर जाने के लिए लिफ्ट के गेट पर खड़ा हो गया। वह हेलमेट हाथ में लेकर किसी से मोबाइल पर भी बात कर रहा था। तभी लिफ्ट से एक व्यक्ति बाहर निकलकर चला गया। इसके बाद लिफ्ट ऊपरी मंजिल पर चली गई। राजू ने कुछ सेकंड बाद बटन दबाया तो गेट खुल गया। राजू समझा कि लिफ्ट मौजूद है। वह अंदर जाते ही संभल भी नहीं सका। वह भूतल पर लिफ्ट के गड्ढे में जा गिरा। गार्ड कोमल सिंह ने लोगों की मदद से गेट को खोलकर कोमल को बाहर निकाला। उसकी सांस चल रही थीं। लोग उसे ऑटो से निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां हालत में सुधार नहीं होने पर उसे एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी ले जा रहे थे। रास्ते में उसकी मौत हो गई। राजू की जेब में आधार कार्ड रखा हुआ था। इस पर परिजनों और पुलिस को सूचना दी गई।
विज्ञापन
चाचा बोले-तकनीकी खराबी ने ली भतीजे की जान
मृतक राजू के चाचा रणधीर सिंह ने बताया कि यह हादसा लिफ्ट का संचालन करने वालों की लापरवाही से हुआ है। लिफ्ट में प्रवेश के लिए एक गेट लगा होता है। यह लिफ्ट के तल पर आने पर ही खुलता है। मगर, राजू पांचवीं मंजिल पर खड़ा था। लिफ्ट सातवीं मंजिल पर थी। इसके बावजूद गेट खुल गया। गेट में तकनीकी कमी थी। लिफ्ट के मेंटेनेंस की जिम्मेदारी सोसायटी की होती है। उन्होंने ठीक से जिम्मेदारी नहीं निभाई। इसके लिए सोसायटी और सीए जिम्मेदार हैं। उन्होंने प्रतीक सेंटर वेलफेयर सोसायटी, सीए मुकेश गुप्ता और गार्ड कोमल सिंह को हादसे के लिए जिम्मेदार मानते हुए तहरीर दी है। थाने का प्रभार देख रहे एसआई अमित कुमार ने बताया कि लापरवाही से मौत के मामले में सीए, सोसायटी और गार्ड के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। विवेचना के बाद कार्रवाई की जाएगी।
लॉक डाउन में छूट गई थी राजू की नौकरी
परिजनों ने बताया कि राजू तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके दो छोटे भाई अजीत और संजय हैं। अजीत बीमार रहता है। पिता भगवान सिंह बुजुर्ग हैं। वो भी बीमार रहते हैं। राजू की पत्नी सपना है। उनके दो बच्चे छह साल का दिव्यांश और 11 माह की बेटी दिव्या है। राजू की लॉकडाउन में नौकरी छूट गई थी। वह काफी समय से नौकरी की तलाश कर रहे थे। किसी परिचित की मदद से हाल में ही यहां नौकरी लगी थी। अब हादसा हो गया। इससे पूरा परिवार टूट गया है। अब घर में कोई कमाने वाला नहीं है। पूरे परिवार की जिम्मेदार राजू पर ही थी। दो बच्चों से पिता का साया उठ गया। बेटा पापा के लिए रोये जा रहा था। घटना से परिवार में कोहराम मच गया।
सीसीटीवी कैमरे का फुटेज आया सामने
पुलिस ने टावर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक किए। इसमें लिफ्ट के सामने ही कैमरा लगा है। इसमें नजर आ रहा है कि राजू हेलमेट हाथ में लेकर मोबाइल पर बात कर रहे हैं। वह लिफ्ट के आने का इंतजार कर रहे हैं। तभी एक युवक लिफ्ट से निकलता है। कुछ सेकंड तक राजू रुके रहते हैं। फिर गेट खोलते हैं और अंदर चले जाते हैं। तभी हादसा हो जाता है।
बेलनगंज में लिफ्ट गिरने से गई थी व्यापारी की जान
फरवरी 2020 में बेलनगंज स्थित चार मंजिला गोदाम की लिफ्ट गिरने से मैसर्स राजेश इलेक्ट्रिक फर्म के मालिक राजेश गुप्ता की मौत हो गई थी। वह प्रोफेसर कॉलोनी, कमला नगर के रहने वाले थे। परिजनों ने बताया था कि राजेश गुप्ता लिफ्ट से नीचे आ रहे थे। तीसरी मंजिल पर लिफ्ट की चेन टूट गई थी। इससे राजेश गुप्ता की मौत हो गई थी। इसके अलावा भी शहर में लिफ्ट में फंसने के हादसे हो चुके हैं।
देखने के बाद ही करें प्रवेश
पुलिस के एक्सपर्ट के मुताबिक, जल्दबाजी के चक्कर में लिफ्ट में ओवरलोडिंग नहीं करनी चाहिए। लिफ्ट में जाने से पहले एक बटन दबाना होता है, जिससे लिफ्ट आ जाती है। यह ध्यान रखे हैं कि लिफ्ट में प्रवेश से पहले भी खाली जगह में कोई न जाए, उसके लिए एक गेट लगा होता है। यह लिफ्ट के आने पर ही खुलता है। गेट खोलने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि लिफ्ट आई है या नहीं, लिफ्ट में फंसने पर अलार्म बटन का इस्तेमाल करें। इसे बार-बार नहीं दबाएं। फोन से अपने करीबियों को सूचना दें।