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डेंगू से युवक की मौत, दिल्ली एम्स में भी चला था इलाज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 25 Sep 2018 10:08 PM IST
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dengue
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आगरा के न्यू आगरा निवासी सतीश शर्मा (38) की डेंगू से मौत हो गई है। ये भवन निर्माण की ठेकेदारी का कार्य करते थे। इनका इलाज दिल्ली के एम्स में भी चला था। मंगलवार की तड़के अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
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इनके भाई अनिल शर्मा ने बताया कि सतीश को पिछले दस दिन से बुखार आ रहा था। न्यू आगरा स्थित प्राइवेट हास्पिटल में भर्ती कराया। जांच कराने पर डेंगू बताया गया। प्लेटलेट्स लगातार गिरने पर 19 सितंबर को दिल्ली एम्स लेकर गए। यहां की जांच में भी डेंगू की पुष्टि हुई। इलाज के बाद हालत में सुधार हुआ और प्लेटलेट्स 40 हजार को पार कर गई। इस पर डाक्टरों ने इलाज लिखकर 22 सितंबर को डिस्चार्ज कर दिया।
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अगले दिन हालत फिर खराब हुई तो न्यू आगरा स्थित प्राइवेट हास्पिटल में भर्ती करा दिया। प्लेटलेट्स की जांच कराई तो आठ हजार पाई। लगातार हालत
बिगड़ती गई और मंगलवार की सुबह मौत हो गई।
प्लेटलेट्स का लगातार गिरना खतरे की घंटी
आंखों का लाल होना और दर्द, सिर और जोड़ों में भी दर्द है। ये डेंगू के लक्षण हैं। इसे सामान्य बुखार न समझें। जरूरी है कि विशेषज्ञ चिकित्सक इलाज कराएं। अगर लगातार प्लेटलेट्स कम हो रही हैं तो ये मरीज के लिए खतरे की घंटी है। चिकित्सक बताते हैं कि नियमित दवा और आराम से मर्ज पूरी तरह से ठीक हो जाती है।
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ये हैं लक्षण
मलेरिया : जाड़े के साथ तेज बुखार, एक दिन छोड़कर बुखार आता है। उल्टी, जी मिचलाता है। शरीर में ऐंठन। बुखार के बाद तेज पसीना और फिर बुखार आना।
वायरल फीवर : हल्के जाड़े के साथ बुखार आना और लगातार बढ़ना। गला खराब और जुकाम। बुखार कई दिन रह सकता है।
बुखार में इसका रखें ख्याल:
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. आरके दीक्षित ने बताया कि बुखार आने पर पैरासीटामॉल दवा ले सकते हैं और डाक्टर को दिखाएं। मरीजों को बुखार में एस्प्रिन, डेकाड्रान, कर्टीसोन दवा कतई नहीं लेनी चाहिए। खूब पानी पीएं और आराम करें।
बचाव को ये करें:
- जलभराव न होने दें, जमे या ठहरे पानी में मिट्टी के तेल की बूंदे भी डाल सकते हैं।
- कूलर के पानी को निकाल दें या फिर रोज पानी बदलें।
- पूरी बाजू के कपड़े पहनें, घर में कीटनाशक छिड़कें।
वायरल फीवर : हल्के जाड़े के साथ बुखार आना और लगातार बढ़ना। गला खराब और जुकाम। बुखार कई दिन रह सकता है।
बुखार में इसका रखें ख्याल:
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. आरके दीक्षित ने बताया कि बुखार आने पर पैरासीटामॉल दवा ले सकते हैं और डाक्टर को दिखाएं। मरीजों को बुखार में एस्प्रिन, डेकाड्रान, कर्टीसोन दवा कतई नहीं लेनी चाहिए। खूब पानी पीएं और आराम करें।
बचाव को ये करें:
- जलभराव न होने दें, जमे या ठहरे पानी में मिट्टी के तेल की बूंदे भी डाल सकते हैं।
- कूलर के पानी को निकाल दें या फिर रोज पानी बदलें।
- पूरी बाजू के कपड़े पहनें, घर में कीटनाशक छिड़कें।