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पशुओं की रोकथाम को की गई तारकशी में करंट, किसान की मौत
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कासगंज गंजडुंडवारा के नगला नैनसुख में किसान की मौत के बाद मौके पर पहुंचे डीएम, एसपी
- फोटो : KASGANJ
गंजडुंडवारा (कासगंज)। कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला नैनसुख में पशुओं की रोकथाम के लिए खेतों पर की गई तारकशी में करंट आने से एक किसान की मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे डीएम और एसपी मौका मुआयना किया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। तारकशी में करंट कैसे पहुंचा, पुलिस इसकी जांच कर रही है।
नगला नैनसुख निवासी रामोतार (40) पुत्र होरीलाल सोमवार देर रात खेत पर पानी लगाने गया था। पास के बाजरा के खेत में हो रही तारकशी में करंट प्रवाहित था। किसान को इसकी जानकारी नहीं थी। जब वह उस खेत के पास से सिंचाई रहा था तो तारकशी में उलझ गया और करंट लगने से मौत हो गई। सुबह जब ग्रामीण खेतों की ओर पहुंचे तो उन्होंने रामोतार का शव पड़ा देखा। जानकारी लगते ही परिजन रोने-बिलखने लगे। सूचना पर गंजडुंडवारा थाना प्रभारी गनेश चौहान पहुंचे और दोपहर में डीएम सीपी सिंह, एसपी मनोज सोनकर ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। अधिकारियों ने पुलिस को जांच के निर्देश दिए। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
प्रतिबंधित है तारकशी, फिर भी मनमानी
खेतों में पशुओं की रोकथाम के लिए तारकशी प्रतिबंधित है। फिर भी किसान अपने खेतों पर तारकशी करते हैं। सरकार ने वन्य जीव संरक्षण के लिए तारकशी पर प्रतिबंध लगाया है। गंजडुंडवारा में हुई घटना ने इस प्रतिबंध की पोल खोल दी है। पुलिस जांच कर रही है कि तारकशी करने वाला कौन किसान है। वह पट्टाधारक है या खेत स्वामी है। जांच के बाद पुलिस कार्रवाई करेगी।
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- तारकशी में उलझकर करंट लगने से किसान की मौत हुई है। शव का पोस्टमार्टम कराया है। तारकशी किसने की और उसमें करंट कैसे पहुंचा, इसकी जांच की जा रही है।
- गनेश चौहान, थाना प्रभारी, गंजडुंडवारा।
- तारकशी पूरी तहर प्रतिबंधित है। तारकशी करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। पशु चिकित्सा विभाग की टीम इसकी निगरानी करेगी।
- डॉ. एके सगर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।
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नगला नैनसुख निवासी रामोतार (40) पुत्र होरीलाल सोमवार देर रात खेत पर पानी लगाने गया था। पास के बाजरा के खेत में हो रही तारकशी में करंट प्रवाहित था। किसान को इसकी जानकारी नहीं थी। जब वह उस खेत के पास से सिंचाई रहा था तो तारकशी में उलझ गया और करंट लगने से मौत हो गई। सुबह जब ग्रामीण खेतों की ओर पहुंचे तो उन्होंने रामोतार का शव पड़ा देखा। जानकारी लगते ही परिजन रोने-बिलखने लगे। सूचना पर गंजडुंडवारा थाना प्रभारी गनेश चौहान पहुंचे और दोपहर में डीएम सीपी सिंह, एसपी मनोज सोनकर ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। अधिकारियों ने पुलिस को जांच के निर्देश दिए। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
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प्रतिबंधित है तारकशी, फिर भी मनमानी
खेतों में पशुओं की रोकथाम के लिए तारकशी प्रतिबंधित है। फिर भी किसान अपने खेतों पर तारकशी करते हैं। सरकार ने वन्य जीव संरक्षण के लिए तारकशी पर प्रतिबंध लगाया है। गंजडुंडवारा में हुई घटना ने इस प्रतिबंध की पोल खोल दी है। पुलिस जांच कर रही है कि तारकशी करने वाला कौन किसान है। वह पट्टाधारक है या खेत स्वामी है। जांच के बाद पुलिस कार्रवाई करेगी।
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- तारकशी में उलझकर करंट लगने से किसान की मौत हुई है। शव का पोस्टमार्टम कराया है। तारकशी किसने की और उसमें करंट कैसे पहुंचा, इसकी जांच की जा रही है।
- गनेश चौहान, थाना प्रभारी, गंजडुंडवारा।
- तारकशी पूरी तहर प्रतिबंधित है। तारकशी करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। पशु चिकित्सा विभाग की टीम इसकी निगरानी करेगी।
- डॉ. एके सगर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।