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DBRAU दीक्षांत समारोह: शिखर सिंह के ये हैं वो तीन मंत्र, जिसने बना दिया गोल्डन बॉय...झोली भरकर मिलेंगे मेडल
Thu, 07 Aug 2025 08:47 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 07 Aug 2025 08:47 AM IST
सार
एसएन मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस छात्र शिखर सिंह को आगरा विवि के 91वें दीक्षांत समारोह में सर्वाधिक मेडल मिलेंगे। उनके हिस्से में 10 स्वर्ण और एक रजत पदक आया है।
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एमबीबीएस छात्र शिखर सिंह
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
एकाग्रता, नियमित पढ़ाई और रिवीजन। इन्हीं तीन मंत्रों को अपनाकर एसएन मेडिकल कॉलेज के छात्र शिखर सिंह ने पदकों से झोली भर ली। एमबीबीएस में उन्होंने 10 स्वर्ण और एक रजत समेत 11 पदक प्राप्त किए हैं। उन्हें 30 अगस्त को होने वाले डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के 91वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल सम्मानित करेंगी।
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एसएन मेडिकल कॉलेज के 2020 बैच के छात्र शिखर सिंह ने बताया कि पढ़ाई के लिए घंटे मायने नहीं रखते। सबसे पहले पढ़ाई, बाकी सबकुछ इसके बाद। इसी सोच से एकाग्र होकर 8-10 घंटे नियमित पढ़ाई की, जो पढ़ा उसे दोहराता भी गया। ऐसा करने से आपकी तैयारी बेहतर होती है और परीक्षा का दबाव भी नहीं रहता।
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खुद को फिट रखने के लिए सुबह 3 से 5 किमी दौड़ नियमित करता हूं। शरीर ठीक नहीं तो पढ़ाई क्या, किसी भी कार्य में बेहतर परिणाम नहीं आएंगे। खाली समय में शतरंज खेलता हूं। मूवी देखने और संगीत सुनना भी पसंद है। अभी एसएन में इंटर्नशिप कर रहा हूं और फिजीशियन बनना चाहता हूं। इसके लिए पीजी की तैयारी कर रहा हूं।
मां-पिता, बहन भी डॉक्टर, परिवार में 17 मेडल
शिखर सिंह का पूरा परिवार चिकित्सक है। इनके पिता प्रो. हरी सिंह एसएन मेडिकल कॉलेज में रेडियो डायग्नोसिस विभाग के अध्यक्ष हैं। इनकी मां प्रो. शिखा सिंह एसएन कॉलेज के स्त्री रोग विभाग की अध्यक्ष हैं। इनकी बड़ी बहन मिनी सिंह केजीएमयू लखनऊ से इंटर्नशिप कर रही हैं। इनके पिता प्रो. सिंह ने बताया कि पत्नी शिखा को एमबीबीएस करने पर तीन स्वर्ण पदक और बेटी को दो स्वर्ण और दो रजत के साथ 4 पदक मिले हैं। मां प्रो. शिखा सिंह ने बताया कि परिवार में चिकित्सकीय माहौल रहने से पढ़ाई की सही दिशा भी मिली।
शिखर सिंह का पूरा परिवार चिकित्सक है। इनके पिता प्रो. हरी सिंह एसएन मेडिकल कॉलेज में रेडियो डायग्नोसिस विभाग के अध्यक्ष हैं। इनकी मां प्रो. शिखा सिंह एसएन कॉलेज के स्त्री रोग विभाग की अध्यक्ष हैं। इनकी बड़ी बहन मिनी सिंह केजीएमयू लखनऊ से इंटर्नशिप कर रही हैं। इनके पिता प्रो. सिंह ने बताया कि पत्नी शिखा को एमबीबीएस करने पर तीन स्वर्ण पदक और बेटी को दो स्वर्ण और दो रजत के साथ 4 पदक मिले हैं। मां प्रो. शिखा सिंह ने बताया कि परिवार में चिकित्सकीय माहौल रहने से पढ़ाई की सही दिशा भी मिली।
ये मिले हैं पदक
- डॉ. बीसी पंत स्वर्ण पदक
- अखिल भारतीय महिला परिषद स्वर्ण पदक
- बक्ले स्वर्ण पदक
- डॉ. जैतिंदर नाथ हाजरा स्वर्ण पदक
- डॉ. टुकीराम एल्हेंस स्वर्ण पदक (दो)
- श्रीमती तुलसा देवी स्मृति स्वर्ण पदक
- श्रीमती शिव देवी स्मृति स्वर्ण पदक
-श्रीमती माधुरी देवी श्रीवास्तव स्वर्ण पदक
- प्रो. सुखवीर प्रसाद जैन एवं श्रीमती भकुंतला जैन स्वर्ण पदक
- श्रीमती बजीर सिंह सरीन रजत पदक
- डॉ. बीसी पंत स्वर्ण पदक
- अखिल भारतीय महिला परिषद स्वर्ण पदक
- बक्ले स्वर्ण पदक
- डॉ. जैतिंदर नाथ हाजरा स्वर्ण पदक
- डॉ. टुकीराम एल्हेंस स्वर्ण पदक (दो)
- श्रीमती तुलसा देवी स्मृति स्वर्ण पदक
- श्रीमती शिव देवी स्मृति स्वर्ण पदक
-श्रीमती माधुरी देवी श्रीवास्तव स्वर्ण पदक
- प्रो. सुखवीर प्रसाद जैन एवं श्रीमती भकुंतला जैन स्वर्ण पदक
- श्रीमती बजीर सिंह सरीन रजत पदक