मां की अर्थी को कंधा देने नहीं आया बेटा तो बेटियों ने निभाया फर्ज, किया अंतिम संस्कार
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मामला आगरा का है। महिला तकरीबन 50 साल की थी। महिला के एक बेटा और दो बेटी हैं। महिला के पहले पति की मौत हो गई थी। इस पर वो एक अन्य व्यक्ति के साथ बेटे से अलग कांशीराम आवास योजना में आकर रहने लगी।
मोहल्ले के लोगों ने बताया कि महिला को गंभीर बीमारी हो गई। इससे उसकी तबीयत खराब रहने लगी। कुछ दिन पहले उसका पति भी चला गया। वो किसी तरह अपना गुजारा कर रही थी। उससे मिलने बेटियां आती थीं, जबकि बेटा नहीं आता था।
दस दिन पहले महिला का दामाद आया था। वो उसे राशन देकर गया था। रविवार की दोपहर तक वो घर से बाहर नहीं आई। इस पर मोहल्ले के लोगों को शक हो गया। उन्होंने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया।
इस पर खिड़की से झांककर देखा। महिला चारपाई पर पड़ी हुई थी। सूचना पर पुलिस आ गई। पुलिस ने कुंडी तोड़कर अंदर प्रवेश किया। महिला मर चुकी थी। घर में खाने-पीने का सामान भी नहीं था।
इंस्पेक्टर थाना एत्माद्दौला ने बताया कि महिला के बेटे को फोन किया था। उसने शव ले जाने से इंकार कर दिया। इस पर दो बेटियों को बताया। बेटियां आ गईं। इसके बाद शव को ले गईं। उन्होंने मोहल्ले के लोगों की मदद से अंतिम संस्कार करवा दिया।