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Agra News: बेटियों को मिल रही सेल्फ डिफेंस की ताकत, आत्मविश्वास के साथ बन रहीं निडर
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आगरा। बदलते समय में बेटियों की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को लेकर एक सकारात्मक पहल सामने आई है। बड़ी संख्या में बालिकाओं को आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण उनके भीतर आत्मविश्वास और साहस भी विकसित किया जा रहा है। शहर के कालिंदी विहार क्षेत्र में ताइक्वांडो कोच शिवम गुप्ता इस मुहिम को आगे बढ़ा रहे हैं।
कोच शिवम गुप्ता विशेष ताइक्वांडो कैंप भी लगाते रहते हैं। इसमें क्षेत्र की बड़ी संख्या में बालिकाएं भाग ले रही हैं। इन कैंपों में उन्हें ताइक्वांडो की बेसिक तकनीकों के साथ-साथ आपात स्थिति में खुद को सुरक्षित रखने के व्यावहारिक तरीके सिखाए जाते हैं। पंच, किक, ब्लॉक और बैलेंस जैसी तकनीकों के माध्यम से बालिकाओं को सिखाया जाता है कि किसी भी खतरे के समय कैसे तुरंत और सही प्रतिक्रिया दे सकें।
इस पहल का सकारात्मक असर बालिकाओं में देखने को मिल रहा है। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली बालिकाएं पहले से अधिक आत्मविश्वासी और जागरूक नजर आ रही हैं। वहीं अभिभावकों में भी इस पहल को लेकर संतोष और उत्साह है। उनका मानना है कि आज के दौर में बेटियों के लिए आत्मरक्षा का प्रशिक्षण बेहद जरूरी है।
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कोच शिवम गुप्ता का कहना है कि उनका लक्ष्य अधिक से अधिक बालिकाओं तक पहुंचकर उन्हें आत्मरक्षा के लिए सक्षम बनाना है, ताकि वे किसी भी परिस्थिति में खुद की रक्षा कर सकें और बिना डर के अपने सपनों को पूरा कर सकें।
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कोच शिवम गुप्ता विशेष ताइक्वांडो कैंप भी लगाते रहते हैं। इसमें क्षेत्र की बड़ी संख्या में बालिकाएं भाग ले रही हैं। इन कैंपों में उन्हें ताइक्वांडो की बेसिक तकनीकों के साथ-साथ आपात स्थिति में खुद को सुरक्षित रखने के व्यावहारिक तरीके सिखाए जाते हैं। पंच, किक, ब्लॉक और बैलेंस जैसी तकनीकों के माध्यम से बालिकाओं को सिखाया जाता है कि किसी भी खतरे के समय कैसे तुरंत और सही प्रतिक्रिया दे सकें।
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इस पहल का सकारात्मक असर बालिकाओं में देखने को मिल रहा है। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली बालिकाएं पहले से अधिक आत्मविश्वासी और जागरूक नजर आ रही हैं। वहीं अभिभावकों में भी इस पहल को लेकर संतोष और उत्साह है। उनका मानना है कि आज के दौर में बेटियों के लिए आत्मरक्षा का प्रशिक्षण बेहद जरूरी है।
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कोच शिवम गुप्ता का कहना है कि उनका लक्ष्य अधिक से अधिक बालिकाओं तक पहुंचकर उन्हें आत्मरक्षा के लिए सक्षम बनाना है, ताकि वे किसी भी परिस्थिति में खुद की रक्षा कर सकें और बिना डर के अपने सपनों को पूरा कर सकें।