बाह। पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर बाह एवं नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर जैतपुर में दशलक्षण पर्व के तहत शुक्रवार को उत्तम आर्जव धर्म का उत्सव मनाया गया। अभिषेक, पूजन एवं शांतिधारा के बाद हुए विधान में आचार्य प्रभात शास्त्री ने बताया कि मन में कुछ, वचन में कुछ, आचरण में कुछ और होना ही छल-कपट है। यह आत्मा का पतन करता है। उन्होंने कहा कि जैसे सीधी रेखा से रास्ता आसान होता है, वैसे ही सरल और निष्कपट भाव से आत्मा मोक्ष मार्ग पर आगे बढ़ती है। मन, वचन और शरीर में तालमेल बिठाना ही आर्जव है। इस दौरान बाह में गोल्डन जैन हर्षित जैन अर्निम जैन, नितिन, अमन, आदित्य जैन, रौनक, सक्षम जैन, जैतपुर में उमेश जैन, मनोज जैन, मुकेश जैन, संध्या जैन, रजनी जैन, खुशी आदि रहे।