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संतों की हत्या पर उबाल, संत-धर्माचार्यों ने मनाया धिक्कार दिवस
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वृंदावन (मथुरा)। महाराष्ट्र के पालघर और यूपी के बुलंदशहर में संतों की हत्या के विरोध में अध्यात्म रक्षा मंच ने धिक्कार दिवस मनाया। मंच के पदाधिकारियों ने वीडियो कांफ्रेंसिंग करके एक दिन का मौन धारण करके दीपक जलाकर संतों की श्रद्धांजलि अर्पित की। मंच ने केंद्र और प्रदेश सरकार से पांच मांग भी रखीं।
अध्यात्म रक्षा मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य अतुल कृष्ण गोस्वामी ने कहा कि देश के साधु-संत सनातन धर्म की धुरी हैं। महाराष्ट्र सरकार हत्यारोपियों को बचाने की कोशिश न करे, वहीं यूपी की योगी सरकार हत्यारोपियों को तत्काल गिरफ्तार करे। उन्होंने कहा कि मॉब लिंचिंग पर कठोर कानून बने। हत्याकांड की सीबीआई जांच हो। फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन करके मामले की सुनवाई हो।
साधु-संतों को सरकारें सुरक्षा दें। दोषियों को फांसी की सजा दी जाए। यह पांच मांगें पूरी नहीं हुई तो लॉकडाउन खुलने के बाद राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा जाएगा। मांग करने वालों में राष्ट्रीय प्रवक्ता बिहारी लाल वशिष्ठ, महंत फूलडोल बिहारीदास, तमाल कृष्ण दास, महंत आदित्यनाथ दास, महंत भवगती, शरण दास, महंत परमेश्वरदास, महंत चेतन दास, महंत रामजीवन दास आदि हैं।
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अध्यात्म रक्षा मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य अतुल कृष्ण गोस्वामी ने कहा कि देश के साधु-संत सनातन धर्म की धुरी हैं। महाराष्ट्र सरकार हत्यारोपियों को बचाने की कोशिश न करे, वहीं यूपी की योगी सरकार हत्यारोपियों को तत्काल गिरफ्तार करे। उन्होंने कहा कि मॉब लिंचिंग पर कठोर कानून बने। हत्याकांड की सीबीआई जांच हो। फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन करके मामले की सुनवाई हो।
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साधु-संतों को सरकारें सुरक्षा दें। दोषियों को फांसी की सजा दी जाए। यह पांच मांगें पूरी नहीं हुई तो लॉकडाउन खुलने के बाद राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा जाएगा। मांग करने वालों में राष्ट्रीय प्रवक्ता बिहारी लाल वशिष्ठ, महंत फूलडोल बिहारीदास, तमाल कृष्ण दास, महंत आदित्यनाथ दास, महंत भवगती, शरण दास, महंत परमेश्वरदास, महंत चेतन दास, महंत रामजीवन दास आदि हैं।
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