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बाबा साहब के परिनिर्वाण दिवस कार्यक्रम में ढोल नगाड़ों के साथ पहुंचे कठेरिया, भड़क गए लोग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Fri, 07 Dec 2018 12:39 PM IST
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बाबा साहब को नमन करते सांसद रामशंकर कठेरिया
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष सांसद रामशंकर कठेरिया को लोहामंडी के राजनगर इलाके में विरोध का सामना करना पड़ा। सांसद वहां आयोजित बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर परिनिर्वाण दिवस कार्यक्रम में पहुंचे थे। उनके साथ ढोल-नगाड़े वाले चल रहे थे। इस पर आंबेडकर अनुयायी भड़क गए और सांसद का विरोध किया।
गुरुवार सुबह सांसद रामशंकर कठेरिया, विधायक योगेंद्र उपाध्याय, भाजपा कार्यकर्ता और संघ से जुड़े लोग पदयात्रा निकाल रहे थे। यह पदयात्रा नौ दिसंबर को दिल्ली में आयोजित होने वाली धर्मसभा में लोगों को आमंत्रित करने के लिए निकाली जा रही थी।
इसी दौरान राजनगर इलाके में बाबा साहब का परिनिर्वाण दिवस कार्यक्रम चल रहा था। सांसद कठेरिया वहां पहुंचे और बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण किया, लेकिन इस दौरान ढोल-नगाड़े वाले ढोल बजा रहे थे। इसे देखकर वहां मौजूद आंबेडकर अनुयायी भड़क गए।
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गुरुवार सुबह सांसद रामशंकर कठेरिया, विधायक योगेंद्र उपाध्याय, भाजपा कार्यकर्ता और संघ से जुड़े लोग पदयात्रा निकाल रहे थे। यह पदयात्रा नौ दिसंबर को दिल्ली में आयोजित होने वाली धर्मसभा में लोगों को आमंत्रित करने के लिए निकाली जा रही थी।
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इसी दौरान राजनगर इलाके में बाबा साहब का परिनिर्वाण दिवस कार्यक्रम चल रहा था। सांसद कठेरिया वहां पहुंचे और बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण किया, लेकिन इस दौरान ढोल-नगाड़े वाले ढोल बजा रहे थे। इसे देखकर वहां मौजूद आंबेडकर अनुयायी भड़क गए।
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उन्होंने कहा कि सांसद को यह भी पता नहीं है कि जश्न उनकी जयंती पर मनाया जाता है। परिनिर्वाण दिवस पर ढोल-नगाड़े बजाने का क्या मतलब है। इस पर वहां हंगामा होने लगा। मामला बिगड़ते देख सांसद कठेरिया वहां से चले गए। हालांकि पदयात्रा के बाद उन्होंने जगदीशपुरा में आयोजित परिनिर्वाण दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
बसपा के लोगों की साजिश है: कठेरिया
विरोध के विषय में सांसद रामशंकर कठेरिया ने कहा कि वह पदयात्रा पर थे। वहां सड़क पर परिनिर्वाण दिवस कार्यक्रम चल रहा था। पदयात्रा में शामिल लोग आगे चले गए थे तब वह बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के प्रति श्रद्धा अर्पित करने के लिए वापस लौटे थे। वहां मौजूद बसपा के नेताओं ने बेवजह इस बात को तूल दिया है। जबकि ढोल-नगाड़े वाले पदयात्रियों के साथ आगे चले गए थे।
उन्होंने कहा कि दलित समाज में उनका कोई विरोध नहीं है। यह सब बसपा के कार्यकर्ताओं की मुझे बदनाम करने की साजिश है। दलित समाज में मेरा विरोध होता तो जगदीशपुरा के कार्यक्रम में मुझे क्यों बुलाया जाता। उस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
बसपा के लोगों की साजिश है: कठेरिया
विरोध के विषय में सांसद रामशंकर कठेरिया ने कहा कि वह पदयात्रा पर थे। वहां सड़क पर परिनिर्वाण दिवस कार्यक्रम चल रहा था। पदयात्रा में शामिल लोग आगे चले गए थे तब वह बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के प्रति श्रद्धा अर्पित करने के लिए वापस लौटे थे। वहां मौजूद बसपा के नेताओं ने बेवजह इस बात को तूल दिया है। जबकि ढोल-नगाड़े वाले पदयात्रियों के साथ आगे चले गए थे।
उन्होंने कहा कि दलित समाज में उनका कोई विरोध नहीं है। यह सब बसपा के कार्यकर्ताओं की मुझे बदनाम करने की साजिश है। दलित समाज में मेरा विरोध होता तो जगदीशपुरा के कार्यक्रम में मुझे क्यों बुलाया जाता। उस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।