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आतंकवाद पर दलाई लामा ने जताई चिंता, बोले- दुनिया को अपनाना होगा भारत का अहिंसा सिद्धांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मैनपुरी
Updated Mon, 03 Dec 2018 11:18 AM IST
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धम्म प्रवचन करते बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा
- फोटो : अमर उजाला
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बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा ने आतंकवाद और हिसा पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने दुनिया से भारत का अहिंसावादी सिद्धांत अपनाने की अपील की है। दलाई लामा मैनपुरी के जसराजपुर में धम्म प्रवचन करने आए हैं।
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धम्म प्रवचन सुनने के लिए देश-विदेश से हजारों बौद्ध अनुयायी आए हुए हैं। यह कार्यक्रम तीन दिन तक चलेगा। पहले दिन दलाई लामा ने उत्तर प्रदेश की जमीन से दुनिया को अहिंसा का संदेश दिया है।
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दलाई लामा ने कहा कि हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। भारत का अहिंसावादी सिद्धांत दुनिया को अपनाने की जरूरत है। मुस्लिम देश भारत के सर्वधर्म अहिंसा के सिद्धांत को अपनाएं।
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बांग्लादेश की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ समय पहले बांग्लादेश में मुस्लिम-बौद्ध के बीच झगड़ा हुआ, जो अत्यंत दुखद था। मुस्लिम देशों में शिया सुन्नी का विवाद भी अच्छा संदेश नहीं है।
भव्य रूप से सजाया गया कार्यक्रम स्थल
कार्यक्रम में बौद्ध अनुयायी
- फोटो : अमर उजाला
दलाई लामा ने कहा कि दुनिया में भौतिक विकास से पांच इंद्रियों का विकास हुआ। आंख से अच्छी वस्तु, कान से अच्छा संगीत, जीभ से अच्छा स्वाद और स्पर्श से शारीरिक सुख कुछ समय के लिए है। परंतु स्थाई सुख अंदर से पैदा होगा। इसके लिए प्रेम करुणा का अभ्यास करना होगा।
बौद्ध धर्मगुरु रविवार को तीन दिवसीय प्रवचन कार्यक्रम के लिए फर्रुखाबाद के संकिसा पहुंचे। वहां से सोमवार सुबह को वो प्रवचन के लिए मैनपुरी के जसराजपुर आए हैं। तीन दिवसीय कार्यक्रम के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं।
प्रवचन कार्यक्रम के लिए विशाल मंच बनाया गया है। कार्यक्रम स्थल को भव्य रूप से सजाया गया है। कार्यक्रम में राज्य अरुणाचल व सिक्किम की झलक दिखाई दे रही है। हजारों लोग शामिल हुए हैं।
वाईबीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश चंद्र बौद्घ ने बताया कि धम्म प्रवचन सुनने विदेशों से आए श्रद्धालुओं, बौद्घ भिक्षुओं को पंडाल में अलग से बैठाए जाने के इंतजाम किए गए हैं। व्यवस्था में एक हजार से अधिक वालंटियर तैनात किए गए हैं।
बौद्ध धर्मगुरु रविवार को तीन दिवसीय प्रवचन कार्यक्रम के लिए फर्रुखाबाद के संकिसा पहुंचे। वहां से सोमवार सुबह को वो प्रवचन के लिए मैनपुरी के जसराजपुर आए हैं। तीन दिवसीय कार्यक्रम के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं।
प्रवचन कार्यक्रम के लिए विशाल मंच बनाया गया है। कार्यक्रम स्थल को भव्य रूप से सजाया गया है। कार्यक्रम में राज्य अरुणाचल व सिक्किम की झलक दिखाई दे रही है। हजारों लोग शामिल हुए हैं।
वाईबीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश चंद्र बौद्घ ने बताया कि धम्म प्रवचन सुनने विदेशों से आए श्रद्धालुओं, बौद्घ भिक्षुओं को पंडाल में अलग से बैठाए जाने के इंतजाम किए गए हैं। व्यवस्था में एक हजार से अधिक वालंटियर तैनात किए गए हैं।
तीन और चार दिसंबर के कार्यक्रम
- प्रात: आठ से साढ़े 11 बजे तक प्रवचन।
- साढ़े 11 बजे से दोपहर दो बजे तक भोजन।
- दोपहर तीन बजे से शाम साढ़े चार बजे तक प्रवचन।
- शाम छह बजे से रात नौ बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम।
पांच दिसंबर को होने वाले कार्यक्रम
- प्रात: आठ से साढ़े 11 बजे तक प्रवचन।
- साढ़े 11 बजे से दोपहर दो बजे तक भोजन।
- दोपहर तीन बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम।
- साढ़े 11 बजे से दोपहर दो बजे तक भोजन।
- दोपहर तीन बजे से शाम साढ़े चार बजे तक प्रवचन।
- शाम छह बजे से रात नौ बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम।
पांच दिसंबर को होने वाले कार्यक्रम
- प्रात: आठ से साढ़े 11 बजे तक प्रवचन।
- साढ़े 11 बजे से दोपहर दो बजे तक भोजन।
- दोपहर तीन बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम।