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चेक गणराज्य के विदेशमंत्री ने कहा- आने वाली पीढ़ी के लिए ताजमहल को सहेजना जरूरी
Fri, 17 Jan 2020 12:08 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 17 Jan 2020 12:08 AM IST
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ताजमहल पर पत्नी के साथ चेक गणराज्य के विदेशमंत्री
- फोटो : अमर उजाला
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चेक गणराज्य के विदेशमंत्री टॉमस पेट्रिसेक का कहना है कि ताजमहल यूनेस्को की सूची में शामिल विश्वदाय स्मारक है। इसे सहेजना जरूरी है। जिससे आने वाली पीढ़ी इस विरासत को देख सकते और इसकी शान ओ शौकत के बारे में जान सके। उनके देश में वैज्ञानिक विरासत को सहेजने व पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कार्य कर रहे हैं।
टॉमस पेट्रिसेक बृहस्पतिवार को पत्नी ईवा पेट्रिकोवा समेत 11 सदस्यीय दल के लिए डॉ. भीमराव विश्वविद्यालय पहुंचे। खंदारी परिसर स्थित अतिथि गृह में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरविंद कुमार दीक्षित ने उनका स्वागत किया।
कुलपति ने कहा कि हम भारतीय संस्कृति व सभ्यता के अनुरूप शिक्षा दे रहे हैं। प्रो. अजय तनेजा ने विश्वविद्यालय के छात्रों की संख्या, पाठ्यक्रमों और आगामी योजनाओं से अवगत कराया गया। आरके शर्मा ने विश्वविद्यालय में प्रस्तावित योग के पाठ्यक्रम के बारे में बताया।
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टॉमस पेट्रिसेक बृहस्पतिवार को पत्नी ईवा पेट्रिकोवा समेत 11 सदस्यीय दल के लिए डॉ. भीमराव विश्वविद्यालय पहुंचे। खंदारी परिसर स्थित अतिथि गृह में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरविंद कुमार दीक्षित ने उनका स्वागत किया।
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कुलपति ने कहा कि हम भारतीय संस्कृति व सभ्यता के अनुरूप शिक्षा दे रहे हैं। प्रो. अजय तनेजा ने विश्वविद्यालय के छात्रों की संख्या, पाठ्यक्रमों और आगामी योजनाओं से अवगत कराया गया। आरके शर्मा ने विश्वविद्यालय में प्रस्तावित योग के पाठ्यक्रम के बारे में बताया।
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विश्वविद्यालय के कुलपति के साथ चेक गणराज्य के विदेशमंत्री व अन्य
- फोटो : अमर उजाला
प्रो. यूएन शुक्ला ने आगरा की राम बरात, शाहजहां का उर्स, सावन को शिव मंदिरों पर लगने वाले मेलों आदि की जानकारी दी। संचालन प्रो. संजीव कुमार शर्मा ने किया। कुलपति ने विश्वविद्यालय के छात्रों की ओर से बनाई गई टॉमस पेट्रिसेक की पोट्रेट भेंट की तो वह बेहद खुश हुए।
उनकी पत्नी को ललित कला संस्थान की निदेशिका प्रो. विनीता सिंह ने पोट्रेट दिया। इस मौके पर कुलसचिव केएन सिंह, परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजीव कुमार, एफओ एके सिंह, उप कुलसचिव शमीम अहमद, प्रो. मनोज श्रीवास्तव, प्रो. ब्रजेश रावत, प्रो. संजय चौधरी, प्रो. शरदचंद्र उपाध्याय, प्रो. भूपेंद्र स्वरूप शर्मा, प्रो. वीके सारस्वत, डॉ. गिरजाशंकर शर्मा आदि मौजूद रहे।
उनकी पत्नी को ललित कला संस्थान की निदेशिका प्रो. विनीता सिंह ने पोट्रेट दिया। इस मौके पर कुलसचिव केएन सिंह, परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजीव कुमार, एफओ एके सिंह, उप कुलसचिव शमीम अहमद, प्रो. मनोज श्रीवास्तव, प्रो. ब्रजेश रावत, प्रो. संजय चौधरी, प्रो. शरदचंद्र उपाध्याय, प्रो. भूपेंद्र स्वरूप शर्मा, प्रो. वीके सारस्वत, डॉ. गिरजाशंकर शर्मा आदि मौजूद रहे।
हम भारत की संस्कृति और राजनीति को भी समझते हैं
चेक गणराज्य के विदेशमंत्री टॉमस पेट्रिसेक ने अपने उद्बोधन की शुरूआत यह कहकर की, कि वह भारतीय संस्कृति और राजनीति दोनों को समझते हैं। वह भारतीय मूल्यों की कद्र करते हैं। उन्होंने कहा कि वह भारतीय चिकित्सा पद्धति को अपनाना चाहते हैं।
इस विश्वविद्यालय के साथ मिलकर कला व संस्कृति के आदान के कार्यक्रम व विज्ञान, सूचना एवं संचार, मैटेरियल साइंस, साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में समन्वय भी चाहते हैं। चेक गणराज्य से प्रति वर्ष करीब 10 हजार लोग भारत पहुंचते हैं। इसमें से नौ हजार आगरा ताजमहल देखने के लिए पहुंचते हैं।
पर्यटकों के लिए फायदेमंद रहेगा एजूकेशनल टूरिज्म
डॉ. आरए शर्मा ने संस्कृति भवन, ललित कला संस्थान में प्रस्तावित एजूकेशनल टूरिज्म के बारे में बताया कि विदेशी दल को विश्वविद्यालय में पांच सितारा होटल की तरह ठहरने की सुविधा मिलेगा। पर्यटकों को आगरा के सारनाथ, मथुरा, वृंदावन, वाराणसी आदि का भ्रमण कराने के साथ कोर्स भी कराया जाएगा। प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा।
चेक गणराज्य के विदेशमंत्री टॉमस पेट्रिसेक ने अपने उद्बोधन की शुरूआत यह कहकर की, कि वह भारतीय संस्कृति और राजनीति दोनों को समझते हैं। वह भारतीय मूल्यों की कद्र करते हैं। उन्होंने कहा कि वह भारतीय चिकित्सा पद्धति को अपनाना चाहते हैं।
इस विश्वविद्यालय के साथ मिलकर कला व संस्कृति के आदान के कार्यक्रम व विज्ञान, सूचना एवं संचार, मैटेरियल साइंस, साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में समन्वय भी चाहते हैं। चेक गणराज्य से प्रति वर्ष करीब 10 हजार लोग भारत पहुंचते हैं। इसमें से नौ हजार आगरा ताजमहल देखने के लिए पहुंचते हैं।
पर्यटकों के लिए फायदेमंद रहेगा एजूकेशनल टूरिज्म
डॉ. आरए शर्मा ने संस्कृति भवन, ललित कला संस्थान में प्रस्तावित एजूकेशनल टूरिज्म के बारे में बताया कि विदेशी दल को विश्वविद्यालय में पांच सितारा होटल की तरह ठहरने की सुविधा मिलेगा। पर्यटकों को आगरा के सारनाथ, मथुरा, वृंदावन, वाराणसी आदि का भ्रमण कराने के साथ कोर्स भी कराया जाएगा। प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा।