{"_id":"6ac4923ce6b7cf52af0f60a7","slug":"cyber-fraudster-loses-his-cool-after-victim-refuses-to-open-apk-file-2026-10-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"तिलमिला गया साइबर ठग: एपीके फाइल नहीं खोली, तो करने लगा ऐसी हरकत; वायरल हो रहा ऑडियो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तिलमिला गया साइबर ठग: एपीके फाइल नहीं खोली, तो करने लगा ऐसी हरकत; वायरल हो रहा ऑडियो
Tue, 06 Oct 2026 11:46 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 06 Oct 2026 11:46 AM IST
सार
दयालबाग के एक संस्थान संचालक को साइबर ठग ने ग्रीन गैस बिल अपडेट के नाम पर व्हाट्सएप पर एपीके फाइल भेजी और फोन कर उसे खोलने को कहा। संचालक के शक होने पर फाइल खोलने से इनकार किया तो ठग बौखला गया और फोन पर गालियां देने लगा।
विज्ञापन
साइबर ठग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दयालबाग के सरला बाग एक्सटेंशन में रहने वाले इंस्टीट्यूट संचालक आशू गोयल के पास साइबर अपराधी ने ग्रीन गैस बिल अपडेट नाम से एपीके फाइल उनके व्हाट्सएप पर भेजी। कॉल कर बिल अपडेट करने के लिए कहा। संचालक ने पहले आराम से बात की, फिर कंपनी के एप से बिल जमा करने की बोलकर उसे साइबर अपराधी कह दिया। फिर क्या था- समय खर्च करने के बाद भी असफल होने पर वह आपा खो बैठा और फोन पर ही गाली देने लगा। बातचीत का ऑडियो वायरल हुआ है।
आशू गोयल ज्ञान ज्योति इंस्टीट्यूट संचालित करते हैं। आशू के एक परिचित रिटायर्ड व्यक्ति के साथ कुछ दिन पूर्व ग्रीन गैस बिल अपडेट के नाम पर ठगी हो चुकी थी। अखबारों में भी आए दिन की घटनाएं पढ़ने से वह जागरूक थे। आशू ने बताया कि सोमवार दोपहर करीब 3 बजे अनजान नंबर से व्हाट्सएप पर ग्रीन गैस अपडेट के नाम से एपीके फाइल आई। इसके बाद उसी नंबर से कॉल आई।
कॉल करने वाले ने खुद को ग्रीन गैस का प्रतिनिधि बताया। पिछला बिल जमा करने की तारीख समेत कनेक्शन संबंधी सभी जानकारी दी। उसका सटीक डाटा सुनकर पहले उन्हें भी लगा कि कहीं कॉल करने वाला सही में कंपनी का तो नहीं है। बातचीत में जब उसने व्हाट्सएप पर आई फाइल को खोलकर बिल अपडेट करने और बकाया जमा करने के लिए कहा तो उन्हें शक हो गया।
विज्ञापन
उन्हाेंने कंपनी के अधिकृत एप से हमेशा बिल जमा करने की बात कही और तत्काल कनेक्शन काटने को कहा। इससे साइबर ठग बौखला गया और उन्हें गालियां देने लगा। दोनों ओर से देर गाली गलौज हुई। कॉल रिकाॅर्डिंग की ऑडियो वायरल हो गई है। आशू ने बताया कि वह हैरान थे कि साइबर अपराधी को उनके अंतिम बिल अपडेट करने की तारीख तक पता थी।
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि ग्रीन गैस बिल अपडेट के नाम पर ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। पीएनजी अधिकारियों को पत्र लिखकर डेटा की गोपनीयता जांचने को कहा गया है। लोगों से अपील की गई है कि अनजान एपीके फाइल डाउनलोड न करें। ठगी की आशंका पर साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।
विज्ञापन
आशू गोयल ज्ञान ज्योति इंस्टीट्यूट संचालित करते हैं। आशू के एक परिचित रिटायर्ड व्यक्ति के साथ कुछ दिन पूर्व ग्रीन गैस बिल अपडेट के नाम पर ठगी हो चुकी थी। अखबारों में भी आए दिन की घटनाएं पढ़ने से वह जागरूक थे। आशू ने बताया कि सोमवार दोपहर करीब 3 बजे अनजान नंबर से व्हाट्सएप पर ग्रीन गैस अपडेट के नाम से एपीके फाइल आई। इसके बाद उसी नंबर से कॉल आई।
विज्ञापन
कॉल करने वाले ने खुद को ग्रीन गैस का प्रतिनिधि बताया। पिछला बिल जमा करने की तारीख समेत कनेक्शन संबंधी सभी जानकारी दी। उसका सटीक डाटा सुनकर पहले उन्हें भी लगा कि कहीं कॉल करने वाला सही में कंपनी का तो नहीं है। बातचीत में जब उसने व्हाट्सएप पर आई फाइल को खोलकर बिल अपडेट करने और बकाया जमा करने के लिए कहा तो उन्हें शक हो गया।
विज्ञापन
उन्हाेंने कंपनी के अधिकृत एप से हमेशा बिल जमा करने की बात कही और तत्काल कनेक्शन काटने को कहा। इससे साइबर ठग बौखला गया और उन्हें गालियां देने लगा। दोनों ओर से देर गाली गलौज हुई। कॉल रिकाॅर्डिंग की ऑडियो वायरल हो गई है। आशू ने बताया कि वह हैरान थे कि साइबर अपराधी को उनके अंतिम बिल अपडेट करने की तारीख तक पता थी।
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि ग्रीन गैस बिल अपडेट के नाम पर ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। पीएनजी अधिकारियों को पत्र लिखकर डेटा की गोपनीयता जांचने को कहा गया है। लोगों से अपील की गई है कि अनजान एपीके फाइल डाउनलोड न करें। ठगी की आशंका पर साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।