साइबर अपराध: सोफा खरीदने का झांसा देकर खाते से निकाले रुपये, ऑनलाइन की शिकायत
फार्मा कंपनी के प्रतिनिधि को साइबर अपराधियों ने बनाया निशाना, ओएलएक्स पर विज्ञापन दिया था, जिसमें मोबाइल नंबर भी दर्ज था।
विस्तार
साइबर अपराधियों ने फार्मा कंपनी के प्रतिनिधि को अपना शिकार बना लिया। प्रतिनिधि ने अपना पुराना सोफा बेचने का विज्ञापन ओएलएक्स पर दिया था। उनके पास एक कॉल आया। रुपये भेजने के बजाय उनके खाते से 18 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिए गए। पीड़ित ने ऑनलाइन साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है।
एचआरसी होरीजॉन कॉलोनी निवासी विवेक शर्मा ने बताया कि वह फार्मा कंपनी के प्रतिनिधि हैं। उन्होंने अपने पुराने सोफे को बेचने के लिए ओएलएक्स पर विज्ञापन दिया था। इसकी कीमत तकरीबन दस हजार रुपये रखी थी। इसमें अपना नंबर लिख दिया था। इस पर शनिवार रात को एक कॉल आया। ट्रू कॉलर पर समीर सक्सेना लिखा आ रहा था। कॉल करने वाले ने कहा कि आपने सोफे का विज्ञापन दिया है। यह कितने में बेच देंगे। इस पर विवेक ने नौ हजार में देने की बात कही। इस पर उक्त व्यक्ति ने कहा कि वो अपने कर्मचारी को भेजेगा। उसे सोफा दे देना। इसके लिए पेमेंट ऑनलाइन करेंगे।
कोड स्कैन करने को कहा
इसके बाद गूगल पे का नंबर पूछने लगा। विवेक ने नंबर बता दिया। रविवार को सुबह कॉल आया। यह कॉल व्हाट्सएप पर था। उसने कहा कि रुपये भेज रहा है। क्यूआर कोड स्कैन कर लेना। एकाउंट की जांच के लिए दो रुपये पहले खाते से कटेेंगे। बाद में दोबारा कोड स्कैन करने पर आ जाएंगे। विवेक ने ऐसा ही किया। उनके खाते में कटने के बाद फिर से रुपये आ गए। कुछ देर बाद फिर से कोड आया। इस पर नौ हजार रुपये विवेक के खाते से कट गए। मगर, आए नहीं। इस पर विवेक ने पूछा। मगर, उससे कहा कि दोबारा कोड भेज रहे हैं, आ जाएंगे। इस बार भी नौ हजार कट गए। शक होने पर विवेक ने पूछताछ की। इस पर आरोपी ने कॉल काट दिया। पीड़ित ने ऑनलाइन शिकायत की है। इसी तरह सिकंदरा की एक महिला ने मकान बेचने का विज्ञापन दिया था। उनके पास कॉल आया। कॉल करने वाले ने मकान की एडवांस में रकम भेजने का झांसा दिया। ऑनलाइन ई वॉलेट का नंबर पूछा। रकम भेजने के बजाय खाते से निकाल ली। पीड़िता पुलिस से शिकायत करेंगी।
अंजान व्यक्ति के कॉल पर नहीं करें भरोसा
एसएसपी मुनिराज जी. ने बताया कि किसी अंजान व्यक्ति के कॉल आने पर विश्वास नहीं करना चाहिए। कोई व्यक्ति मैसेज भेजकर रुपये खाते में ट्रांसफर करने की कहता तो संभल जाएं। क्यूआर कोड को स्कैन न करें। ओटीपी किसी अंजान व्यक्ति को नहीं बताएं। ओएलएक्स पर विज्ञापन देखकर कॉल करने वाले की पूरी जानकारी लें। पेमेंट आनलाइन के बजाय नकद लेना चाहिए।
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