साइबर अपराध: अपराधियों ने बनाई एडीजी जोन की फर्जी फेसबुक आईडी, मांगे रुपये
एडीजी कार्यालय के पीआरओ सुलभ शरण ने बताया कि उनकी फोटो लगाकर आईडी बनाई गई है। इसे ब्लॉक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है,
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साइबर अपराधियों ने फेसबुक पर एडीजी जोन आगरा के नाम से फर्जी आईडी बना ली। इस पर एडीजी राजीव कृष्ण का फोटो भी लगा लिया। इसके बाद लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजने के बाद मदद के नाम पर रुपये की मांग की। मगर, लोगों को समझते हुए देर नहीं लगी। साइबर सेल को 30 मिनट बाद ही मामले की जानकारी हो गई। फर्जी आईडी से जिन लोगों को मैसेज किए गए थे, उनको सचेत कर झांसे में नहीं आने की सलाह दी गई। साइबर सेल आईडी बनाने वाले के बारे में पता कर रही है। इस संबंध में एडीजी ने मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई निर्देश दिए हैं। फर्जी आईडी को ब्लाक कर दिया गया है।
मंगलवार दोपहर तकरीबन 12 बजे यह आईडी बनाई गई थी। यह एडीजी जोन आगरा के नाम से थी। इस पर एडीजी जोन राजीव कृष्ण के दो फोटो भी लगाए गए थे। कुछ लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी गई। नौ लोगों ने फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार की, उनसे कुछ ही देर में दस से 12 हजार रुपये ई-वॉलेट के माध्यम से ट्रांसफर करने के लिए कहा गया। इस तरह से रकम मांगने से लोगों को शक हो गया। उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। किसी ने खाते में रकम ट्रांसफर नहीं की।
एडीजी राजीव कृष्ण ने बताया कि साइबर सेल को जांच दी गई है। थाना रकाबगंज में मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। आईडी बनाने वाले के बारे में पता किया जा रहा है। प्राथमिक जांच में पता चला है कि वह आगरा से बाहर का है। फर्जी आईडी को ब्लॉक करा दिया गया है। जिन लोगों से रकम मांगी गई, उनको मैसेज भेजकर फर्जी आईडी की जानकारी दी गई है। उन्हें झांसे में नहीं आने की सलाह दी गई है। इस मामले में जोन साइबर सेल प्रभारी अमित कुमार की ओर से रकाबगंज थाने में आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की धारा में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
पहले भी बन चुकी हैं फर्जी आईडी
साइबर अपराधी पहले भी पुलिस अधिकारियों और नेताओं के नाम पर फर्जी आईडी बना चुके हैं। तत्कालीन एसएसपी बबलू कुमार, सीओ ताज सुरक्षा मोहसिन खान के नाम पर भी फर्जी आईडी बनाकर रकम की मांग की गई थी। पुलिस ने आईडी को बंद करा दिया। मगर, साइबर अपराधी आज तक नहीं पकड़े जा सके। इसी तरह थाना हरीपर्वत के प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार, जगदीशपुरा के प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार पांडेय के नाम पर भी फर्जी आईडी बन चुकी हैं। वहीं सांसद राजकुमार चाहर, पूर्व विधायक धर्मपाल सिंह के नाम पर भी आईडी बनाकर रकम मांगी। इसके बावजूद आरोपी नहीं पकड़े जा सके। इन केस में क्या जांच हुई, यह आज तक पता नहीं चल सका।
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