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UP: आगरा में हाईटेंशन लाइन के 16 मीटर नीचे बने मकान में दौड़ा करंट, परिवार के चार लोग झुलसे; एक ही हालत गंभीर

Sun, 13 Aug 2023 12:11 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sun, 13 Aug 2023 12:11 PM IST
सार

हाईटेंशन लाइन के नीचे बने घर में करंट दौड़ गया। इससे एक ही परिवार के चार लोग झुलस गए, जिसमें से एक युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है।
 

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current in a house built 16 meters below high tension line four family members got scorched In Agra
हाईटेंशन लाइन - फोटो : amar ujala

विस्तार

आगरा में केके नगर की शिवाकुंज काॅलोनी में शनिदेव मंदिर के पास रहने वाले अशरफ अली के घर पर शनिवार को हाईटेंशन लाइन का करंट दौड़ गया। इससे परिवार के चार सदस्य झुलस गए। बेटे उस्मान की हालत नाजुक है।

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शनिदेव मंदिर के पास गली नंबर नौ में ललन के घर के बाहर लगे दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के मीटर में आग लग गई। यहां 11 केवी की हाईटेंशन लाइन है। इसके ऊपर से 132 केवी की लाइन भी निकल रही है। ललन के पड़ोसी अशरफ अली के घर में भी इससे करंट दौड़ गया। बिजली के सभी उपकरण जल गए। अशरफ का पुत्र उस्मान झुलस गया। उसकी हालत गंभीर है, एसएन मेडिकल काॅलेज में भर्ती कराया गया है। उस्मान की पुत्री नाजरीन, एक साल का पुत्र तैयब, एक अन्य सदस्य आमिर भी झुलसे हैं।

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प्रतिबंधित है 35 मीटर तक निर्माण

उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन काॅरपोरेशन के अधीक्षण अभियंता एलपी चक्रवेदि के मुताबिक हाईटेंशन लाइन के नीचे निर्माण करना प्रतिबंधित है। लाइन के पास 35 मीटर तक निर्माण नहीं किया जा सकता। नीचे भी 16 मीटर तक कोई भी चीज संपर्क में नहीं आनी चाहिए। हाईटेंशन तारों के चारों कॉरिडोर में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड बन जाता है, जिसकी परिधि में आने वाली किसी भी वस्तु को यह अपनी ओर खींचते हैं। इसकी चपेट में आने पर एक सेकंड में ही मृत्यु हो जाती है।

एचटी लाइनें पहले बनीं, मकान बाद में

यूपीपीटीसीएल के अधीक्षण अभियंता के मुताबिक हाईटेंशन लाइन के नीचे मकान बनाने या कोई भी निर्माण करने वाले लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। पब्लिक नोटिस के जरिये भी लोगों को चेतावनी दी जाती है कि कोई निर्माण है तो हटा लें। किसी भी प्रकार की दुर्घटना के लिए लोग स्वयं जिम्मेदार होंगे। ट्रांसमिशन की लाइनें पहले बनती हैं, बाद में उसके पास निर्माण कर लिया जाता है। कई फैक्टरियों, काॅलोनियों, मैरिज होम के अंदर से इस तरह की लाइनें निकल रही हैं।

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