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किसान ने चोरों के डर से छिपाकर रखे 41 हजार रुपये, टुकड़े-टुकड़े होकर हवा में उड़ गए
Sat, 16 Nov 2019 09:41 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 16 Nov 2019 09:41 AM IST
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जमाीन पर पड़े पांच-पांच सौ के नोटों के टुकड़े
- फोटो : अमर उजाला
आगरा में किसान दंपती ने चोरों के डर से 41 हजार रुपये करब में छिपाकर रखे, लेकिन उसकी सावधानी पर छोटी सी चूक भारी पड़ गई। उसकी आंखों के सामने सारे नोट टुकड़े-टुकड़े होकर हवा में उड़ गए। जमापूंजी को बर्बाद होता देख किसान दंपती की आखों से आंसू छलक आए।
बरहन क्षेत्र के गांव नगला हरदासी में गुरुवार को 2000 और 500 नोटों के टुकड़े हवा में उड़ने लगे। यह देखकर ग्रामीणों के होश उड़ गए। बाद में पता चला कि यह रकम गांव के किसान राजकुमार ऊर्फ काला की है, जो चोरों के डर से करब में छिपाकर रखी थी।
दरअसल, राजकुमार उर्फ काला अपने ताऊ रमेश चंद्र के खाली पड़े प्लॉट में रहकर पशुओं का पालन करता है। बुधवार को काला हाट में 41550 रुपये में अपनी भैंस बेचकर आया था। चोरों के डर से उसने पत्नी अनीता के साथ बुधवार शाम को 41550 रुपये करब में छिपा कर रख दिए।
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बरहन क्षेत्र के गांव नगला हरदासी में गुरुवार को 2000 और 500 नोटों के टुकड़े हवा में उड़ने लगे। यह देखकर ग्रामीणों के होश उड़ गए। बाद में पता चला कि यह रकम गांव के किसान राजकुमार ऊर्फ काला की है, जो चोरों के डर से करब में छिपाकर रखी थी।
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दरअसल, राजकुमार उर्फ काला अपने ताऊ रमेश चंद्र के खाली पड़े प्लॉट में रहकर पशुओं का पालन करता है। बुधवार को काला हाट में 41550 रुपये में अपनी भैंस बेचकर आया था। चोरों के डर से उसने पत्नी अनीता के साथ बुधवार शाम को 41550 रुपये करब में छिपा कर रख दिए।
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करब के साथ टुकड़े टुकड़े हुई रकम
गुरुवार दोपहर को राजकुमार आलू में पानी लगाने खेत पर चला गया। उसके जाने के बाद गांव में थ्रेसर लेकर करब कूटने वाला आ गया। उसकी पत्नी ने ध्यान नहीं दिया कि शाम को उसने करब में रुपये रखे थे। वो उसी करब की थ्रेसर से कुटाई कराने लगी।
जब करब की कुटाई होने लगी तो 2000 और 500 के नोट टुकड़े टुकड़े होकर हवा में उड़ने लगे। ग्रामीणों ने रुपयों के टुकड़े हवा में उड़ते देखे तो उन्होंने ट्रैक्टर बंद करवाया। तब तक सभी रुपये टुकड़े-टुकड़े हो गए। वहीं इतनी रकम बर्बाद होने से किसान दंपती के आंसू छलक पड़े।
जब करब की कुटाई होने लगी तो 2000 और 500 के नोट टुकड़े टुकड़े होकर हवा में उड़ने लगे। ग्रामीणों ने रुपयों के टुकड़े हवा में उड़ते देखे तो उन्होंने ट्रैक्टर बंद करवाया। तब तक सभी रुपये टुकड़े-टुकड़े हो गए। वहीं इतनी रकम बर्बाद होने से किसान दंपती के आंसू छलक पड़े।