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पैगंबर-ए-आजम के बताए रास्ते पर चलकर जिंदगी बनेगी कामयाब
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भरगैन(कासगंज)। कस्बे के मदरसा दारुल उलूम चिश्तिया बरकाते रजा में सोमवार की रात ईद मिलादुन्नबी व दस्तार हिफजुल कुरआन के जलसे का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि मौलाना सैय्यद सवाहत हुसैन ने कहा कि पैगंबर-ए-आजम हजरत मोहम्मद के बताए रास्ते पर चलकर ही जिंदगी को कामयाब बनाया जा सकता है। हाफिज जुबैर अहमद खान ने कहा कि दीन-ए-इस्लाम का पैगाम सारी इंसानियत के लिए है। इल्म के बिना किसी मसले की गहराई और उसका हल नहीं तलाशा जा सकता है।
शायर-ए-इस्लाम आमिल रजा सकलैनी ने कहा कि ‘सूना जंगल रात अंधेरी छाई बदली काली है, सोने वाले जागते रहियो चोरों की रखवाली है।’ शायर हमदम फैजी ने नाते पाक सुनाई कि दीवानों झूमो-झूमो आमना का लाल आया है।’ मदरसे के तीन छात्रों बरेली के हाफिज मोहम्मद नाजिम ए एटा के हाफिज मोहम्मद सुहेल रजा व फर्रुखाबाद के हाफिज मोहम्मद गुलाम नबी की दस्तारबंदी करके उन्हें सम्मानित किया गया। ये तीनों छात्र इस मदरसे में अध्ययन करके हाफिज बने हैं। कार्यक्रम का संचालन मौलाना मुहम्मद अली ने किया। इस दौरान कारी मुशीर रजा, मौलाना अब्दुल माजिद, हाफिज उमर, हाफिज अनस, हाफिज शाहिद, हाफिज जमाल रजा, हाफिज खुशनवाज, हाफिज नाजिम, हाफिज अख्तर अली आदि मौजूद रहे।
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शायर-ए-इस्लाम आमिल रजा सकलैनी ने कहा कि ‘सूना जंगल रात अंधेरी छाई बदली काली है, सोने वाले जागते रहियो चोरों की रखवाली है।’ शायर हमदम फैजी ने नाते पाक सुनाई कि दीवानों झूमो-झूमो आमना का लाल आया है।’ मदरसे के तीन छात्रों बरेली के हाफिज मोहम्मद नाजिम ए एटा के हाफिज मोहम्मद सुहेल रजा व फर्रुखाबाद के हाफिज मोहम्मद गुलाम नबी की दस्तारबंदी करके उन्हें सम्मानित किया गया। ये तीनों छात्र इस मदरसे में अध्ययन करके हाफिज बने हैं। कार्यक्रम का संचालन मौलाना मुहम्मद अली ने किया। इस दौरान कारी मुशीर रजा, मौलाना अब्दुल माजिद, हाफिज उमर, हाफिज अनस, हाफिज शाहिद, हाफिज जमाल रजा, हाफिज खुशनवाज, हाफिज नाजिम, हाफिज अख्तर अली आदि मौजूद रहे।
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