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शिव जी ब्याहने चले पालकी सजै के....
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करहल में निकाली गई शिव बरात में शामिल भगवान शिव की झांकी
- फोटो : MAINPURI
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करहल। नगर में भगवान भोलेनाथ माता पार्वती से विवाह करने के लिए रथ पर सवार होकर निकले। इस दौरान गण और प्रेत जहां बरात के आगे नृत्य कर रहे थे, वहीं देवी देवता भी शामिल थे। कुछ ऐसा ही नजारा गुरुवार शाम नगर में निकाली गई शिव बरात का था। हर कोई इस मनोहारी दृश्य को देखकर अपने आप को धन्य कर रहा था।
श्री रामलीला महोत्सव समिति की ओर से हर साल भगवान शंकर की बरात निकाली जाती है। गुरुवार को नगर के मोटामल महाराज मंदिर से बरात की शुरुआत हुई। उपजिलाधिकारी रतन वर्मा, सीओ अशोक कुमार, तहसीलदार सुशील कुमार, रामलीला समिति के सचिव नितिन चतुर्वेदी ने भगवान शंकर के स्वरूप की आरती उतारकर बरात की शुरुआत की।
बैंडबाजों की धुनों के साथ शुरू हुई बरात ने पारंपरिक मार्ग से नगर का भ्रमण किया। बरात में अनेक देवी देवताओं की मनमोहक झांकियां लोगों के विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। सुसज्जित रथ पर विराजमान भगवान शिव के स्वरूप मस्तक पर चंद्रमा, गले से लिपटे नाग व हाथ में त्रिशूल धारण किए मनोहारी लग रहा था। नगर में जगह-जगह लोगों ने बरात का स्वागत कर भगवान शंकर के स्वरूप की आरती उतारी। रात को बरात के रामलीला स्थल पर समापन के उपरांत भगवान शिव की सवारी बजरिया स्थित मुडिय़ा मंदिर पहुंची। यहां विवाह की लीला संपन्न हुई। इस दौरान लोगों ने पुष्पवर्षा की।
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रामलीला में आज
शहर मेें चल रही रामलीला और भोगांव में शुक्रवार को शिव बरात निकाली जाएगी। बरात नगर का भ्रमण करेगी। इस दौरान जगह-जगह स्वागत भी किया जाएगा। वहीं करहल में चल रही रामलीला में नरसिंह मंदिर में श्रीराम जानकी जन्म लीला का मंचन होगा।
सती मोह की लीला का हुआ मंचन
शहर के रामलीला मैदान में आयोजित रामलीला में गुरुवार रात सती मोह और पार्वती जन्म की लीला का मंचन हुआ। कलाकारों से मनोहारी ढंग से लीला का मंचन किया। इस अवसर पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष महेशचंद्र अग्निहोत्री, मंत्री रमेशचंद्र सराफ, सुरेशचंद्र बंसल, सुरेशचंद्र गोयल, वीर सिंह भदौरिया आदि उपस्थित रहे।
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श्री रामलीला महोत्सव समिति की ओर से हर साल भगवान शंकर की बरात निकाली जाती है। गुरुवार को नगर के मोटामल महाराज मंदिर से बरात की शुरुआत हुई। उपजिलाधिकारी रतन वर्मा, सीओ अशोक कुमार, तहसीलदार सुशील कुमार, रामलीला समिति के सचिव नितिन चतुर्वेदी ने भगवान शंकर के स्वरूप की आरती उतारकर बरात की शुरुआत की।
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बैंडबाजों की धुनों के साथ शुरू हुई बरात ने पारंपरिक मार्ग से नगर का भ्रमण किया। बरात में अनेक देवी देवताओं की मनमोहक झांकियां लोगों के विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। सुसज्जित रथ पर विराजमान भगवान शिव के स्वरूप मस्तक पर चंद्रमा, गले से लिपटे नाग व हाथ में त्रिशूल धारण किए मनोहारी लग रहा था। नगर में जगह-जगह लोगों ने बरात का स्वागत कर भगवान शंकर के स्वरूप की आरती उतारी। रात को बरात के रामलीला स्थल पर समापन के उपरांत भगवान शिव की सवारी बजरिया स्थित मुडिय़ा मंदिर पहुंची। यहां विवाह की लीला संपन्न हुई। इस दौरान लोगों ने पुष्पवर्षा की।
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रामलीला में आज
शहर मेें चल रही रामलीला और भोगांव में शुक्रवार को शिव बरात निकाली जाएगी। बरात नगर का भ्रमण करेगी। इस दौरान जगह-जगह स्वागत भी किया जाएगा। वहीं करहल में चल रही रामलीला में नरसिंह मंदिर में श्रीराम जानकी जन्म लीला का मंचन होगा।
सती मोह की लीला का हुआ मंचन
शहर के रामलीला मैदान में आयोजित रामलीला में गुरुवार रात सती मोह और पार्वती जन्म की लीला का मंचन हुआ। कलाकारों से मनोहारी ढंग से लीला का मंचन किया। इस अवसर पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष महेशचंद्र अग्निहोत्री, मंत्री रमेशचंद्र सराफ, सुरेशचंद्र बंसल, सुरेशचंद्र गोयल, वीर सिंह भदौरिया आदि उपस्थित रहे।