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सावन के पहले सोमवार के लिए सज गए शिवालय
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सावन के प्रथम सोमवार को लेकर सजा नगर का भीमसेन मंदिर। अमर उजाला
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। सावन शुरू होते ही शिवालयों में जलाभिषेक शुरू हो चुका है। नगर के सभी मंदिरों में सावन के पहले सोमवार के लिए तैयारियां को रविवार को अंतिम रूप दे दिया गया है। नगर के प्रसिद्ध भीमसेन महाराज मंदिर, चांदेश्वर मंदिर, शीतला धाम मंदिर आदि में सोमवार को सुबह से ही जलाभिषेक का सिलसिला चलता रहा।
सावन के प्रथम सोमवार को देखते हुए नगर में भगवान भोले नाथ के मंदिरों को पूजा-अर्चना के लिए बहुत ही सुंदर ढंग से सजाया गया है। इस दौरान प्रमुख मंदिरों के आसपास दुकानों में पूजन के लिए सामग्री सजाई गई हैं। वहीं, बेलपत्र, पुष्प आदि की दुकानें भी लग गई हैं।
मंदिरों में तैनात रहेगी पुलिस
नगर के प्रसिद्ध मंदिरों में भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मंदिर में महिला पुलिस भी तैनात की गई हैं। वहीं सुबह शाम नगर के प्रमुख मंदिरों को जाने वाले मार्ग का रूट बदल दिया गया है।
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सावन के सोमवार की व्रत विधि
भीमसेन महाराज मंदिर के पुजारी साहबलाल तिवारी बताते हैं कि सावन के सोमवार का व्रत दिन के तीसरे प्रहर शाम तक रखा जाता है। सुबह स्नान आदि करने के बाद व्रत का संकल्प करें। इसके बाद गंगाजल, बेलपत्र, सुपारी, पुष्प, धतूरा, भांग आदि से पूजन भगवान भोले नाथ का पूजन करें। पूजा अर्चना के साथ ही व्रत कथा सुनना अनिवार्य है।
इस दौरान शिव मंत्रों का जप करें। ऐसा माना जाता है कि सावन के सोमवार का व्रत करने से पूरे वर्ष के सभी सोमवार के व्रत का फल मिलता है। व्रती को तीसरा प्रहर समाप्त होने बाद एक ही बार भोजन करना चाहिए। इस प्रकार सावन के प्रथम सोमवार से लेकर अंतिम सोमवार तक व्रत के नियमों का पालन किया जाए। सोमवार ही नहीं शिवजी से जुड़े सभी व्रत तीन प्रहर तक ही किए जाते हैं।
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सावन के प्रथम सोमवार को देखते हुए नगर में भगवान भोले नाथ के मंदिरों को पूजा-अर्चना के लिए बहुत ही सुंदर ढंग से सजाया गया है। इस दौरान प्रमुख मंदिरों के आसपास दुकानों में पूजन के लिए सामग्री सजाई गई हैं। वहीं, बेलपत्र, पुष्प आदि की दुकानें भी लग गई हैं।
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मंदिरों में तैनात रहेगी पुलिस
नगर के प्रसिद्ध मंदिरों में भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मंदिर में महिला पुलिस भी तैनात की गई हैं। वहीं सुबह शाम नगर के प्रमुख मंदिरों को जाने वाले मार्ग का रूट बदल दिया गया है।
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सावन के सोमवार की व्रत विधि
भीमसेन महाराज मंदिर के पुजारी साहबलाल तिवारी बताते हैं कि सावन के सोमवार का व्रत दिन के तीसरे प्रहर शाम तक रखा जाता है। सुबह स्नान आदि करने के बाद व्रत का संकल्प करें। इसके बाद गंगाजल, बेलपत्र, सुपारी, पुष्प, धतूरा, भांग आदि से पूजन भगवान भोले नाथ का पूजन करें। पूजा अर्चना के साथ ही व्रत कथा सुनना अनिवार्य है।
इस दौरान शिव मंत्रों का जप करें। ऐसा माना जाता है कि सावन के सोमवार का व्रत करने से पूरे वर्ष के सभी सोमवार के व्रत का फल मिलता है। व्रती को तीसरा प्रहर समाप्त होने बाद एक ही बार भोजन करना चाहिए। इस प्रकार सावन के प्रथम सोमवार से लेकर अंतिम सोमवार तक व्रत के नियमों का पालन किया जाए। सोमवार ही नहीं शिवजी से जुड़े सभी व्रत तीन प्रहर तक ही किए जाते हैं।