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जंगल में दरिंदगी: कांटों में फेंकी गई थी किशोरी, रातभर तड़पती रही, पुलिस ने दूसरा आरोपी भी दबोचा
Sat, 11 Mar 2023 03:00 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 11 Mar 2023 03:00 PM IST
सार
आगरा के सिकंदरा के रुनकता में बृहस्पतिवार को होली खेलने घर से निकली 14 वर्षीय किशोरी को अगवा करके जंगल में दरिंदगी की गई। उसे बुरी तरह से पीटा, गला घोटकर जान से मारने की कोशिश की गई थी।
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा में दुष्कर्म के बाद किशोरी को जान से मारने की पूरी कोशिश की गई थी। उसे सड़क से 200 मीटर अंदर जंगल में कांटों के बीच फेंका गया था। मार डालने के लिए गला भी दबाया गया, लेकिन वह बच गई। कांटों के बीच वह रात भर तड़पती रही। शुक्रवार सुबह घिसटते हुए किसी तरह बाहर सड़क तक आई। राहगीर दूधिए ने परिजन को सूचना दी। बेटी का हाल देखकर परिजन व गांव के लोगों में गुस्सा दिखा। वहीं इस घटना के बाद पुलिस ने दूसरा आरोपी भी गिरफ्तार कर लिया है।
परिजन ने बताया कि किशोरी को जिस जगह फेंका गया, वहां से गांव ती किलोमीटर की दूरी पर है। इतनी ही दूरी पर यमुना का किनारा भी है। उसे सड़क से करीब 200 मीटर अंदर ले जाया गया था, जिससे उसकी आवाज बाहर नहीं आ सके। जंगल में अमूमन लोग कम ही जाते हैं।
किशोरी के चेहरे, सिर, हाथ और पैरों में कांटे लगने से घाव हो गए थे। वह लहूलुहान थी। जंगल से घिसटते हुए बाहर आने में हाथ और पैर छिल गए थे। वह जिस दूधिए को मिली, उसे अपने भाई का मोबाइल नंबर ही बता सकी, इसके बाद बेहोश हो गई। जिसने भी उसे इस हालत में देखा, उसके रोंगटे खड़े हो गए।
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परिजन ने बताया कि किशोरी को जिस जगह फेंका गया, वहां से गांव ती किलोमीटर की दूरी पर है। इतनी ही दूरी पर यमुना का किनारा भी है। उसे सड़क से करीब 200 मीटर अंदर ले जाया गया था, जिससे उसकी आवाज बाहर नहीं आ सके। जंगल में अमूमन लोग कम ही जाते हैं।
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किशोरी के चेहरे, सिर, हाथ और पैरों में कांटे लगने से घाव हो गए थे। वह लहूलुहान थी। जंगल से घिसटते हुए बाहर आने में हाथ और पैर छिल गए थे। वह जिस दूधिए को मिली, उसे अपने भाई का मोबाइल नंबर ही बता सकी, इसके बाद बेहोश हो गई। जिसने भी उसे इस हालत में देखा, उसके रोंगटे खड़े हो गए।
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