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UP: अंसल सुशांत ताज सिटी टाउनशिप का क्या है भविष्य?, एडीए की बैठक आज; निर्णय की घड़ी नजदीक
Mon, 06 Jul 2026 09:45 AM IST
Dhirendra Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 06 Jul 2026 09:45 AM IST
सार
आगरा विकास प्राधिकरण की छह सदस्यीय समिति सोमवार को अंसल सुशांत ताज सिटी टाउनशिप की संशोधित डीपीआर पर फैसला करेगी। बैठक के बाद तय होगा कि परियोजना जारी रहेगी, अवधि बढ़ेगी या इसे निरस्त किया जाएगा।
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एडीए कार्यालय
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विस्तार
इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति के तहत विकसित हो रही अंसल सुशांत ताज सिटी टाउनशिप निरस्त होगी या जारी रहेगी। सोमवार को विकास प्राधिकरण के लघु सभागार में दोपहर 12:30 बजे सचिव की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में समिति इसका निर्णय लेगी। मैसर्स अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की ओर से प्रस्तुत संशोधित विस्तृत परियोजना अवधि में विस्तार की मांग की गई है।
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एडीए ने अंसल के निदेशक को भी तलब किया है। उधर, निवेशक अंसल ग्रुप पर धोखाधड़ी के आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि भुगतान के 15 साल बाद भी उन्हें जमीन नहीं मिली। रजिस्ट्री भी नहीं हुई। एडीए सचिव संजय कुमार सिंह ने बताया कि शासनादेश के तहत इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति 2005 एवं 2014 के अधीन स्वीकृत परियोजनाओं की समीक्षा की जानी है। निष्क्रिय परियोजनाओं को निरस्त करने और क्रियाशील परियोजनाओं को पूरा करने के लिए डीपीआर में संशोधन तथा अवधि विस्तार के संबंध में नीतिगत निर्णय लिए जाने हैं। इसी क्रम में अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने 25 मई 2026 को अपनी योजना की डीपीआर प्राधिकरण कार्यालय में प्रस्तुत की थी। छह सदस्यीय समिति गहन परीक्षण के बाद इस पर निर्णय लेगी। प्रस्तुत डीपीआर का परीक्षण इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति-2014 के प्रस्तर-4.2 के तहत समिति की ओर से किया जाएगा।
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अंसल के निदेशक तलब, देने होंगे सभी रिकॉर्ड
नगर नियोजक ऋचा कौशिक के 30 जून 2026 को जारी पत्र के अनुसार, इस महत्वपूर्ण बैठक में अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के निदेशक सिद्धार्थ गोयनका को भी तलब किया गया है। उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे योजना के प्रस्तुतीकरण और सभी आवश्यक अभिलेखों के साथ बैठक में उपस्थित रहें। इस बैठक के बाद ही तय हो सकेगा कि टाउनशिप का काम आगे किस रूपरेखा के तहत होगा या नहीं होगा।
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एडीए ने अंसल के निदेशक को भी तलब किया है। उधर, निवेशक अंसल ग्रुप पर धोखाधड़ी के आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि भुगतान के 15 साल बाद भी उन्हें जमीन नहीं मिली। रजिस्ट्री भी नहीं हुई। एडीए सचिव संजय कुमार सिंह ने बताया कि शासनादेश के तहत इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति 2005 एवं 2014 के अधीन स्वीकृत परियोजनाओं की समीक्षा की जानी है। निष्क्रिय परियोजनाओं को निरस्त करने और क्रियाशील परियोजनाओं को पूरा करने के लिए डीपीआर में संशोधन तथा अवधि विस्तार के संबंध में नीतिगत निर्णय लिए जाने हैं। इसी क्रम में अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने 25 मई 2026 को अपनी योजना की डीपीआर प्राधिकरण कार्यालय में प्रस्तुत की थी। छह सदस्यीय समिति गहन परीक्षण के बाद इस पर निर्णय लेगी। प्रस्तुत डीपीआर का परीक्षण इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति-2014 के प्रस्तर-4.2 के तहत समिति की ओर से किया जाएगा।
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नगर नियोजक ऋचा कौशिक के 30 जून 2026 को जारी पत्र के अनुसार, इस महत्वपूर्ण बैठक में अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के निदेशक सिद्धार्थ गोयनका को भी तलब किया गया है। उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे योजना के प्रस्तुतीकरण और सभी आवश्यक अभिलेखों के साथ बैठक में उपस्थित रहें। इस बैठक के बाद ही तय हो सकेगा कि टाउनशिप का काम आगे किस रूपरेखा के तहत होगा या नहीं होगा।