ओमिक्रॉन को लेकर ये कैसा अलर्ट: मथुरा-वृंदावन के बाजारों के साथ प्रमुख मंदिरों में भी उमड़ रही भीड़
मथुरा में एक बार फिर कोरोना संक्रमण के मरीज मिलने लगे हैं, लेकिन लोग इसे लेकर सचेत नहीं है। दिन में बाजारों और मंदिरों में भीड़ उमड़ रही है।
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कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की दहशत दुनियाभर में छाई हुई है। यूपी सहित देश के पांच राज्यों में रात का कर्फ्यू लगा दिया गया है। इसका असर शनिवार को धर्मनगरी मथुरा-वृंदावन में भी साफ नजर आया, लेकिन दिन में लोग कोविड को लेकर बेफिक्र दिखाई दिए। बाजारों में भीड़ उमड़ी तो श्रीबांकेबिहारी मंदिर में भी भक्तों की भीड़ ने एक बार फिर प्रशासन को चिंतित कर दिया।
कोरोना की तीसरी लहर के संकेत अब ओमिक्रॉन के रूप में मिलने लगे हैं। माना जा रहा है कि फरवरी में यह महामारी का रूप ले लेगी। इससे पहले कोविड केसों की संख्या बढ़ने लगी है। मथुरा में भी कोरोना संक्रमित मरीज मिलने लगे हैं। शनिवार को चार नए मरीज मिले, लेकिन लोग संक्रमण को लेकर सचेत नहीं है।
शनिवार को श्रीबांकेबिहारी मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों में उमड़ी भीड़ ने प्रशासन को चिंता में डाल दिया। बिहारी जी के भक्त इस कदर लापरवाह नजर आए कि बड़ी संख्या में लोगों ने मास्क लगाना भी उचित नहीं समझा। यही स्थिति मथुरा-वृंदावन के बाजारों में रही। लोगों ने न उचित दूरी का पालन किया और न ही मास्क लगाए नजर आए। हालांकि रात्रि कर्फ्यू में जरूर सड़कों पर सन्नाटा पसरा गया।
पुलिस की नो एंट्री व्यवस्था पहले ही दिन हो गई फेल
पुलिस प्रशासन द्वारा शनिवार, रविवार और नववर्ष को लेकर लागू की गई नो एंट्री व्यवस्था शनिवार को पहले ही दिन पटरी से उतर गई। प्रशासनिक अव्यवस्था के कारण वृंदावन के प्रवेश मार्ग पूरी तरह जाम रहे हैं। सड़कों पर वाहनों की लंबी लंबी कतार लग गईं और पुलिस को जाम खुलवाने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी।
शनिवार से लगातार हुईं छुट्टियों के कारण गैर राज्यों के लोग वृंदावन आ रहे हैं। शनिवार को क्रिसमस की छुट्टी होने के कारण वृंदावन में भीड़ का दबाव अधिक हो गया। पुलिस प्रशासन द्वारा वाहनों के प्रवेश को वृंदावन में रोकने के लिए बनाई गई नो एंट्री योजना ध्वस्त हो गई। इसके चलते पुलिस की सारी व्यवस्था धरी रह गई।
वृंदावन छटीकरा मार्ग और मथुरा मार्ग पर प्रवेश नाकों पर वाहनों की कतार लग गई, और लोग काफी देर तक जाम में फंसे रहे। इधर, दोनों ही प्रमुख मार्गों पर गलत दिशा में बनाईं गई पार्किंग भी जाम का मुख्य कारण रहीं।