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UP: करोड़ों की नकदी दवाएं मार्केट में कैसे पहुंची...डमी फर्म और मोटा कमीशन, जांच में हुआ बड़ा खुलासा

Sat, 13 Sep 2025 09:47 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sat, 13 Sep 2025 09:47 AM IST
सार

दवा माफिया ने करोड़ों रुपये की नकली दवाओं को बाजार में पहुंचाने के लिए मोटा कमीशन दिया। जिससे विक्रेता आधिकारिक डीलर से दवाएं न लेकर माफिया से खरीद करने लगे।

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Crores Worth of Fake Drugs Sold via Dummy Firms Bansal Family at Center of Scam
Fake Medicine - फोटो : अमल उजाला

विस्तार

दवा माफिया ने मोटा कमीशन और कीमत में भारी छूट देकर कई राज्यों में नकली दवाओं का काला कारोबार फैलाया। इसमें डमी फर्म से बिलिंग कर कई शहरों में करोड़ों रुपये की दवाएं खपा दीं। हॉकरों को मोटा कमीशन और दवाओं की कीमत में 36 फीसदी तक की छूट दी। इससे विक्रेता आधिकारिक डीलर से दवाएं न लेकर माफिया से खरीद करने लगे। 
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सहायक आयुक्त औषधि बस्ती मंडल नरेश मोहन दीपक ने बताया कि 22 अगस्त को हे मां मेडिको, बंसल मेडिकल एजेंसी, राधे मेडिकल एजेंसी, बंसल मेडिकल एजेंसी, एमएसवी मेडी पाॅइंट और ताज मेडिकल एजेंसी की 71 करोड़ रुपये की दवाएं सीज की हैं। इन्होंने पुडुचेरी की मीनाक्षी फार्मा से नकली दवाएं खरीदीं। जांच करने पर फर्म से लखनऊ की न्यू बाबा फार्मा, पार्वत ट्रेडर्स, मुजफ्फरनगर के आयुष मेडिकोज और आशुतोष फार्मा को दवाओं की बिक्री की। 
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इसमें न्यू बाबा फार्मा और पार्वती ट्रेडर्स के संचालक विक्की कुमार और सुभाष कुमार अभी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। मुजफ्फरनगर में आयुष मेडिकोज के संचालक तरुण गिरधर को पकड़ लिया है। इसने बंसल मेडिकल एजेंसी, एमएसवी मेडी पाॅइंट और ताज मेडिकल एजेंसी से 3.50 करोड़ रुपये की दवाएं खरीदी थीं। इनके संचालक संजय बंसल, मुकेश बंसल और सोहित बंसल एक ही परिवार से हैं। आयुष मेडिकोज घर से ही संचालित हो रही थी और इसका कोई कार्यालय भी नहीं था।
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 जांच में इसकी एक और फर्म आशुतोष फार्मा भी मिली। इसमें संचालक राहुल के साथ तरुण की साझेदारी थी, लेकिन ये डमी फर्म है। जांच में बंसल परिवार नामी कंपनी की नकली दवाओं को 36 फीसदी छूट पर बिक्री करता था। इससे विक्रेता कंपनी के आधिकारिक डीलर के बजाय बंसल परिवार से ही दवाएं खरीदते थे। इसमें अभी कई और फर्म संदिग्ध मिली हैं। इसकी जांच चल रही है।
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