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खौफनाक: चंबल नदी में आठ वर्षीय बालक को निगल गया मगरमच्छ, बाह रेंज में हाई अलर्ट
Wed, 26 May 2021 12:26 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Wed, 26 May 2021 12:26 AM IST
सार
यह हादसा राजस्थान के राजाखेड़ा क्षेत्र में हुआ है। फतेहाबाद का रहने वाला बालक वहां अपनी ननिहाल में गया था। हादसे के बाद आगरा के बाह रेंज में हाई अलर्ट किया गया है। ग्रामीणों को चंबल नदी किनारे न जाने की हिदायत दी गई है।
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चंबल नदी में मगरमच्छ
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चंबल सेंक्चुरी से दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। राजाखेड़ा (राजस्थान) के दगरा घाट पर सोमवार को मगरमच्छ ने आठ साल के बालक को निगल लिया। हादसे के बाद चंबल सेंक्च्युरी की बाह रेंज में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। लोगों को चंबल नदी के किनारे न जाने की हिदायत दी गई है। वन विभाग के अफसरों ने बताया कि हैचिंग पीरियड में मगरमच्छ हमलावर हो जाते हैं।
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बाह के रेंजर आरके सिंह राठौड़ के मुताबिक भोगपुरा, फतेहाबाद के हरभान निषाद का आठ वर्षीय पुत्र अल्केश अपनी ननिहाल दगरा ,राजाखेड़ा गया था। सोमवार को परिजनों के साथ चंबल नदी के किनारे बकरियां चराते समय अल्केश नदी में पानी पी रहा था, तभी झपट्टा मारकर मगरमच्छ ने जबड़े में दबोच लिया। चरवाहों ने शोर मचाया, लेकिन मगरमच्छ अल्केश को नदी में खींच ले गया।
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परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
हादसे की सूचना पर राजाखेड़ा के तहसीलदार नाहर सिंह पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे और छानबीन कराई, लेकिन बालक का कुछ बता नहीं चला। बालक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस हादसे के बाद आगरा के बाह रेंज में भी अलर्ट कर दिया गया है। बाह के रेंजर ने ग्रामीणों को नदी के किनारे न जाने की हिदायत दी है। उन्होंने बताया कि हैचिंग पीरियड शुरू हो गया है। इस दौरान मगरमच्छ हमलावर हो जाते हैं।
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वन्यजीवों का होता है संरक्षण
आगरा जनपद के बाह से लेकर इटावा जनपद तक चंबल नदी को घड़ियाल, मगरमच्छ, कछुओं एवं डाल्फिन मछली के संरक्षण की दृष्टि से सेंक्चुरी घोषित किया गया है। घड़ियाल एवं मगरमच्छ अपने अंडे बालू में ही देते हैं। उनके प्रजनन को किसी तरह से नुकसान न पहुंचे इसलिए पूरे क्षेत्र में खनन, मछलियों का शिकार प्रतिबंधित है। हैचिंग के वक्त मगरमच्छ हिंसक हो जाते हैं। चंबल सेंक्चुरी का काफी क्षेत्र राजस्थान में आता है।
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आगरा जनपद के बाह से लेकर इटावा जनपद तक चंबल नदी को घड़ियाल, मगरमच्छ, कछुओं एवं डाल्फिन मछली के संरक्षण की दृष्टि से सेंक्चुरी घोषित किया गया है। घड़ियाल एवं मगरमच्छ अपने अंडे बालू में ही देते हैं। उनके प्रजनन को किसी तरह से नुकसान न पहुंचे इसलिए पूरे क्षेत्र में खनन, मछलियों का शिकार प्रतिबंधित है। हैचिंग के वक्त मगरमच्छ हिंसक हो जाते हैं। चंबल सेंक्चुरी का काफी क्षेत्र राजस्थान में आता है।
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