आगरा: अपराधियों पर पुलिस के 'त्रिनेत्र' की नजर, 13540 अपराधियों की कुंडली बनाई
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आगरा जिले के लगभग 13540 अपराधी पुलिस के 'त्रिनेत्र एप' में आ गए हैं। डकैती, हत्या से लेकर सामान्य अपराध में भी शामिल अपराधियों का डाटा पल भर में पुलिस को मिल रहा है। इसका फायदा यह हुआ है कि इस साल पुलिस ने 1350 अपराधियों की गिरफ्तारी के बाद एप के फोटो और रिकार्ड से मिलान भी किया। अब जो भी अपराधी पकड़ा जाएगा, उसकी कुंडली एप में डाली जाएगी।
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि अपराधियों का ऑनलाइन डोजियर तैयार किया गया है। एप में हत्या, लूट, नकबजनी, छिनैती, वाहन चोरी, जानलेवा हमले में शामिल अपराधियों डाटा तो है ही, इसके अलावा दुष्कर्म, छेड़छाड़, दहेज हत्या और उत्पीड़न के आरोपियों का भी डोजियर तैयार किया है। जरूरत पड़ने पर आरोपी की मोबाइल एप में फोटो डालने के बाद कुछ पल में ही मिलान कराया जा सकता है। इसमें दस साल पुराने अपराधियों का डाटा रखा गया है।
चेन छीनने वाली महिलाएं मथुरा से वांछित थीं
दो महीने पहले सूरसदन तिराहे पर दो महिलाएं पकड़ी गईं थीं। वह एक महिला से चेन छीन रही थीं। लोगों ने दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया था। महिलाओं का कहना था कि वह निर्दोष हैं। वह चेन नहीं तोड़ रही थीं। इस पर पुलिस ने दोनों की फोटो त्रिनेत्र एप पर डाली। महिलाएं मथुरा से वांछित थीं। शाहगंज थाना से भी जेल भेजी जा चुकी थीं।
एप की मदद से वाहन चोर को भेजा जेल
तीन महीने पहले संजय प्लेस से एक वाहन चोर पकड़ा गया था। मगर, पकड़े जाने पर उसका कहना था कि वह बाइक पर बैठा हुआ था। ताला नहीं तोड़ रहा था। इस पर पुलिस को उसकी बातों पर शक हो गया। इस पर उसका फोटो एप पर डाला गया। इसमें पता चला कि वह पूर्व में थाना न्यू आगरा और हरीपर्वत से जेल जा चुका है। इस पर पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई की।
चोर होने का चला पता, दर्ज थे कई मुकदमे
थाना सैंया पुलिस ने एक साल पहले एक चोर पकड़ा था। वह खुद को बेगुनाह बता रहा था। मगर, पुलिस ने उसकी फोटो त्रिनेत्र पर डाली। इस पर उसके चोर होने का पता चला। उस पर कई मुकदमे दर्ज थे।
रजिस्टर का झंझट खत्म
पहले अपराधी के बारे में जानकारी जुटाने के लिए पुलिस रजिस्टरों को खंगालती थी। कई बार रजिस्टरों को मेंटेन नहीं किया जाता है। जिस वजह से अपराधियों का डाटा नहीं मिल पाता है। इस एप की मदद से जानकारी तो मिलेगी, साथ ही रजिस्टर खंगालने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।
फोटो से होता है मिलान
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि एप में अपराधी की फोटो रखी जाती है। जब कोई संदिग्ध अपराधी पकड़ा जाता है तो उसकी फोटो खींचकर एप के सर्च आप्शन में डाली जाती है। अगर, अपराधी का पूर्व आपराधिक इतिहास है तो वह एक पल में एप से सामने आ जाता है। अगर, वो झूठ भी बोल रहा होगा तो भी पकड़ा जाएगा। इसमें पता चल जाएगा कि आरोपी पर कितने मुकदमे हैं? कब-कब जेल भेजा गया है? किस थाने से वांछित है? इन सब की जानकारी होगी।