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पुलिस की संवेदनहीनता से टूटी विजयपाल की सांस
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Fri, 23 Oct 2015 02:13 AM IST
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विजयपाल की मौत के लिए पुलिस की संवेदनहीनता सीधे तौर पर जिम्मेदार रही। पुलिस को अच्छी तरह से मालूम था कि वह ब्लड प्रेशर का मरीज है। हिरासत में लेने पर उसकी तबीयत बिगड़ जाती है। एक बार पहले भी ऐसा हो चुका था। इसके बावजूद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी में एहतियात नहीं बरती। उसे दौरा पड़ने पर पुलिस का दिल नहीं पसीजा। जब उसकी मौत हो गई, तब अपनी गर्दन बचाने के लिए पुलिसवाले उसका शव लेकर भागे।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि उसे दूसरी बार पकड़ा गया था। इससे पहले पुलिस उसे जुए के मामले में थाना लाई थी। तब उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। उसने पुलिस को बताया था कि वह ब्लड प्रेशर का मरीज है। उसके परिवार का कहना है कि एक दरोगा और एक सिपाही उसके पीछे पड़े थे।
उन्हें उसकी बीमारी की जानकारी थी। एक बार जब उसके वारंट तामील कराने आए थे, तब भी उन्हें उसकी बीमारी के बारे में बताया गया था। इसके बावजूद पुलिस ने कोई एहतियात नहीं बरती। उसे न केवल पीटा गया, बल्कि उसकी हालत बिगड़ने पर उसे पीने के लिए पानी तक नहीं दिया गया।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पुलिस को राहत
आगरा। विजयपाल के शव का पोस्टमार्टम वीडियो कैमरे के सामने डाक्टरों के पैनल से कराया गया। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण दिल का दौरा पड़ना बताया गया है। पुलिस मृत्यु के तुरंत बाद यही वजह बता रही थी।
अभी शुरू नहीं हुई जांच पड़ताल
आगरा। पुलिस हिरासत में विजयपाल की मौत की जांच एत्मादपुर के अलावा किसी और थाना से कराई जाएगी। लेकिन अभी तक थाना तय नहीं किया गया है।इसके चलते जांच पड़ताल शुरू नहीं हो पाई।
‘मेरे सामने की विजयपाल की हत्या’
एफआईआर दर्ज कराने वाले रामनरेश का कहना है कि पूछताछ के बहाने विजयपाल सिंह को थाना ले जाकर टार्चर किया गया। उसे लाठी-डंडों और बेल्टों से पीटा गया। जातिसूचक शब्द कहे गए। उसने बताया कि उसकी और उसके साथियों की आंखों के सामने ही विजयपाल की हत्या कर दी गई।
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पुलिस सूत्रों ने बताया कि उसे दूसरी बार पकड़ा गया था। इससे पहले पुलिस उसे जुए के मामले में थाना लाई थी। तब उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। उसने पुलिस को बताया था कि वह ब्लड प्रेशर का मरीज है। उसके परिवार का कहना है कि एक दरोगा और एक सिपाही उसके पीछे पड़े थे।
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उन्हें उसकी बीमारी की जानकारी थी। एक बार जब उसके वारंट तामील कराने आए थे, तब भी उन्हें उसकी बीमारी के बारे में बताया गया था। इसके बावजूद पुलिस ने कोई एहतियात नहीं बरती। उसे न केवल पीटा गया, बल्कि उसकी हालत बिगड़ने पर उसे पीने के लिए पानी तक नहीं दिया गया।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पुलिस को राहत
आगरा। विजयपाल के शव का पोस्टमार्टम वीडियो कैमरे के सामने डाक्टरों के पैनल से कराया गया। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण दिल का दौरा पड़ना बताया गया है। पुलिस मृत्यु के तुरंत बाद यही वजह बता रही थी।
अभी शुरू नहीं हुई जांच पड़ताल
आगरा। पुलिस हिरासत में विजयपाल की मौत की जांच एत्मादपुर के अलावा किसी और थाना से कराई जाएगी। लेकिन अभी तक थाना तय नहीं किया गया है।इसके चलते जांच पड़ताल शुरू नहीं हो पाई।
‘मेरे सामने की विजयपाल की हत्या’
एफआईआर दर्ज कराने वाले रामनरेश का कहना है कि पूछताछ के बहाने विजयपाल सिंह को थाना ले जाकर टार्चर किया गया। उसे लाठी-डंडों और बेल्टों से पीटा गया। जातिसूचक शब्द कहे गए। उसने बताया कि उसकी और उसके साथियों की आंखों के सामने ही विजयपाल की हत्या कर दी गई।