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किसानों की ऋणमाफी होते ही यूं शुरू हुआ रिश्वत का खेल
ब्यूरो/अमर उजाला मांट (मथुरा)
Updated Fri, 18 Aug 2017 07:10 PM IST
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ऋण मोचन योजना के सत्यापन दौरान किसानों से सुविधा शुल्क वसूलते लेखपाल का वीडियो वायरल हो गया है। यह वीडियो जनपद में सोशल मीडिया की सुर्खियां बना हुआ है, जिसे प्रशासनिक अफसर भी देख रहे हैं, लेकिन कार्रवाई के लिए उन्हें शिकायत का इंतजार है।
इन दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी घोषणा को पूरा करने के लिए प्रदेश की योगी सरकार जनपद के 1.08 लाख किसानों के ऋण संबंधी बैंक एकाउंट और खसरा खतौनी का सत्यापन करा रही है। यह दायित्व गांवों में पहुंचकर लेखपाल निभा रहे हैं, लेकिन लेखपालों ने ऋण माफी की इस योजना को भी अपनी ऊपरी कमाई का जरिया बना लिया है।
सत्यापन में उन्हीं किसानों को लाभान्वित कराने की बात कही जा रही है, जो इसके एवज में सुविधा शुल्क दे रहे हैं। इसका वीडियो पिछले मांट तहसील में वायरल हुआ है। सुरीर क्षेत्र में बने इस वीडियो में लेखपाल किसानों से पैसे लेते हुए दिखाया गया है। इतना ही नहीं, इस सुविधा शुल्क की लेखपाल सीधे किसानों से मांग कर रहा है।
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यह वीडियो तहसील और जनपद स्तरीय प्रशासनिक अफसरों तक पहुंच गया है, लेकिन अब तक सभी चुप्पी साधे हुए हैं। एसडीएम मांट शशिकांत शेखर का कहना है कि उन्होंने वीडियो को देखा है, लेकिन शिकायत करने वाला अब तक कोई नहीं आया है।
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इन दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी घोषणा को पूरा करने के लिए प्रदेश की योगी सरकार जनपद के 1.08 लाख किसानों के ऋण संबंधी बैंक एकाउंट और खसरा खतौनी का सत्यापन करा रही है। यह दायित्व गांवों में पहुंचकर लेखपाल निभा रहे हैं, लेकिन लेखपालों ने ऋण माफी की इस योजना को भी अपनी ऊपरी कमाई का जरिया बना लिया है।
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सत्यापन में उन्हीं किसानों को लाभान्वित कराने की बात कही जा रही है, जो इसके एवज में सुविधा शुल्क दे रहे हैं। इसका वीडियो पिछले मांट तहसील में वायरल हुआ है। सुरीर क्षेत्र में बने इस वीडियो में लेखपाल किसानों से पैसे लेते हुए दिखाया गया है। इतना ही नहीं, इस सुविधा शुल्क की लेखपाल सीधे किसानों से मांग कर रहा है।
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यह वीडियो तहसील और जनपद स्तरीय प्रशासनिक अफसरों तक पहुंच गया है, लेकिन अब तक सभी चुप्पी साधे हुए हैं। एसडीएम मांट शशिकांत शेखर का कहना है कि उन्होंने वीडियो को देखा है, लेकिन शिकायत करने वाला अब तक कोई नहीं आया है।