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विनोद जाट गैंग का हर ठिकाना तलाश रही एसटीएफ, जल्द होंगी कई गिरफ्तारी
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Thu, 27 Jul 2017 09:18 PM IST
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झांसी से 12 जुलाई को 25 करोड़ की फिरौती के लिए अगवा किए गए सराफ राजेंद्र कुमार अग्रवाल (राजू कमरया) और उनके साथी राहुल अग्रवाल उर्फ राहुल छोले को सदर के ग्वालियर रोड स्थित रोहता कालोनी में भी एक मकान में रखा गया था। यहीं से 17 जुलाई की शाम सिकंदरा के निखिल वुडलैंड अपार्टमेंट में शिफ्ट किया गया था।
एसटीएफ की जांच में इसका खुलासा हुआ है। इसके बाद रोहता के दो लोगों से पूछताछ की जा रही है। इन पर अपहरण करने वाले विनोद जाट गैंग को शरण देने का आरोप है। इनसे पूछताछ की जा रही है। एक दो दिन में इनकी गिरफ्तारी की जा सकती है। इनके अलावा दो और लोग एसटीएफ के हत्थे चढ़े हैं। ये भी विनोद जाट गैंग में काम कर चुके हैं।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि अगवा सराफों को 15 जुलाई को सैंया में एक गांव में रखा गया था। यहां से 16 जुलाई की रात रोहता में शिफ्ट किया गया। 17 की शाम को निखिल वुडलैंड अपार्टमेंट में लाया गया। उस समय गार्ड चंद्रवीर ड्यूटी पर था। फ्लैट नंबर 404 की चाभी उसी के पास थी। उसने ही फ्लैट खोला था। गार्ड महेंद्र को भी इसकी जानकारी थी।
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उसने भी अपराधियों का साथ दिया। वह सादाबाद का है और विनोद जाट का रिश्तेदार बताया जा रहा है। विनोद जाट और उसका गैंग भी सादाबाद का है। एसटीएफ दोनों चौकीदारों से भी पूछताछ कर रही है। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की जा सकती है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस केस में 30 से 40 आरोपी बनाए जा सकते हैं। जिन लोगों ने अपराधियों को शरण दी, उन सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उधर, निखिल अपार्टमेंट में हुई मुठभेड़ का मुकदमा एसटीएफ के डीआईजी मनोज तिवारी ने दर्ज कराया है। इसमें विनोद जाट, लोकेंद्र, जितेंद्र गंजा नामजद हैं। इनमें से एक भी गिरफ्तार नहीं हो पाया है। इस मामले की जांच अब सिकंदरा थाना पुलिस करेगी।
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एसटीएफ की जांच में इसका खुलासा हुआ है। इसके बाद रोहता के दो लोगों से पूछताछ की जा रही है। इन पर अपहरण करने वाले विनोद जाट गैंग को शरण देने का आरोप है। इनसे पूछताछ की जा रही है। एक दो दिन में इनकी गिरफ्तारी की जा सकती है। इनके अलावा दो और लोग एसटीएफ के हत्थे चढ़े हैं। ये भी विनोद जाट गैंग में काम कर चुके हैं।
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पुलिस सूत्रों ने बताया कि अगवा सराफों को 15 जुलाई को सैंया में एक गांव में रखा गया था। यहां से 16 जुलाई की रात रोहता में शिफ्ट किया गया। 17 की शाम को निखिल वुडलैंड अपार्टमेंट में लाया गया। उस समय गार्ड चंद्रवीर ड्यूटी पर था। फ्लैट नंबर 404 की चाभी उसी के पास थी। उसने ही फ्लैट खोला था। गार्ड महेंद्र को भी इसकी जानकारी थी।
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उसने भी अपराधियों का साथ दिया। वह सादाबाद का है और विनोद जाट का रिश्तेदार बताया जा रहा है। विनोद जाट और उसका गैंग भी सादाबाद का है। एसटीएफ दोनों चौकीदारों से भी पूछताछ कर रही है। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की जा सकती है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस केस में 30 से 40 आरोपी बनाए जा सकते हैं। जिन लोगों ने अपराधियों को शरण दी, उन सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उधर, निखिल अपार्टमेंट में हुई मुठभेड़ का मुकदमा एसटीएफ के डीआईजी मनोज तिवारी ने दर्ज कराया है। इसमें विनोद जाट, लोकेंद्र, जितेंद्र गंजा नामजद हैं। इनमें से एक भी गिरफ्तार नहीं हो पाया है। इस मामले की जांच अब सिकंदरा थाना पुलिस करेगी।
फ्लैट मालिक से की पुलिस ने पूछताछ
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- फोटो : अमर उजाला
आगरा के निखिल वुडलैंड अपार्टमेंट के जिस फ्लैट संख्या 404 में झांसी के अगवा सराफ रखे गए थे, उसके मालिक फिरोजाबाद के अशोक कुमार अरोड़ा हैं। उन्हें सिकंदरा थाना पुलिस ने गुरुवार को पूछताछ के लिए थाना बुलाया।
अशोक कुमार अरोड़ा ने कहा कि यह फ्लैट अप्रैल में ही खाली हुआ है। पहले किराए पर दे रखा था। वह इसे बेचना चाह रहे थे। लोग इसे देखने के लिए आते थे, इसलिए चाभी चौकीदार चंद्रवीर को दे रखी थी। उन्हें नहीं मालूम है कि फ्लैट में बदमाश रह रहे थे।
उन्हें इसकी आशंका भी नहीं थी कि चौकीदार ऐसा कर सकता है। अपार्टमेंट के और भी लोगों ने उसे अपने फ्लैट की चाभी दे रखी है। यहां 54 फ्लैट हैं जबकि सिर्फ 21 में ही लोग रह रहे हैं, 33 फ्लैट खाली हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब चौकीदारों का दोष सामने आ गया है, तो उन पर ही कार्रवाई होनी चाहिए।
उधर, फ्लैट में बदमाशों के आठ दिन रहने की जानकारी पर अपार्टमेंट के लोग चौंक गए हैं। उन्होंने एक दो बार फ्लैट में बदमाशों को जाते देखा था लेकिन शक नहीं हुआ। लोगों ने सोचा कि कोई किराएदार आया होगा। अब यहां शराब की बोतलें पड़ी हैं, जिन्हे लोग देखने के लिए जा रहे हैं।
अशोक कुमार अरोड़ा ने कहा कि यह फ्लैट अप्रैल में ही खाली हुआ है। पहले किराए पर दे रखा था। वह इसे बेचना चाह रहे थे। लोग इसे देखने के लिए आते थे, इसलिए चाभी चौकीदार चंद्रवीर को दे रखी थी। उन्हें नहीं मालूम है कि फ्लैट में बदमाश रह रहे थे।
उन्हें इसकी आशंका भी नहीं थी कि चौकीदार ऐसा कर सकता है। अपार्टमेंट के और भी लोगों ने उसे अपने फ्लैट की चाभी दे रखी है। यहां 54 फ्लैट हैं जबकि सिर्फ 21 में ही लोग रह रहे हैं, 33 फ्लैट खाली हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब चौकीदारों का दोष सामने आ गया है, तो उन पर ही कार्रवाई होनी चाहिए।
उधर, फ्लैट में बदमाशों के आठ दिन रहने की जानकारी पर अपार्टमेंट के लोग चौंक गए हैं। उन्होंने एक दो बार फ्लैट में बदमाशों को जाते देखा था लेकिन शक नहीं हुआ। लोगों ने सोचा कि कोई किराएदार आया होगा। अब यहां शराब की बोतलें पड़ी हैं, जिन्हे लोग देखने के लिए जा रहे हैं।