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विवि कर्मी की हत्या के पीछे लॉग इन कोड

Sun, 14 Feb 2016 01:55 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा Updated Sun, 14 Feb 2016 01:55 AM IST
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डा. बीआर यूनिवर्सिटी के परीक्षा विभाग के वरिष्ठ सहायक सतेंद्र सिंह की हत्या में तीन कालेज संचालकों पर शक गहराता जा रहा है। ये मैनपुरी, फीरोजाबाद और हाथरस के बताए गए हैं। इनमें से दो के साथ सतेंद्र सिंह का कत्ल से दो दिन पहले ही झगड़ा हुआ था। नई जानकारी यह सामने आई कि  दोनों धमकी देकर गए थे कि अगर उनकी बात नहीं मानी तो उसका अपहरण करा दिया जाएगा। यह घटनाक्रम सतेंद्र के घर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद है। पुलिस ने इसकी फुटेज लेकर जांच शुरू कर दी है। सतेंद्र के बेटे आशीष की मानें तो इन तीन कालेजों पर उसके पिता ने फीस जमा कराने के लिए सख्ती की थी। ये लोग फीस दिए बगैर लॉग इन कोड चाहते थे। इस कोड के बगैर परीक्षा कराना मुमकिन नहीं। सतेंद्र ने इनसे कह दिया था कि यह फर्जीवाड़ा नहीं चलेगा। इस पर वे दबाव बना रहे थे। धमकी दी थी, ‘तुझे प्यार से समझा रहे हैं, तो समझ नहीं आ रहा, तेरा अपहरण कराकर समझाएंगे, तब समझेगा क्या?’ शक  यह है कियही लोग शुक्रवार शाम यूनिवर्सिटी पहुंचे। इन्होंने फिर से दबाव बनाना चाहा। सतेंद्र ने मना कर दिया होगा, इसलिए हत्या कर दी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि क्राइम ब्रांच की टीम ने सतेंद्र के घर से सीसीटीवी फुटेज ले लिए हैं। इनके आधार पर कालेज संचालकों की पहचान की जा रही है।
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सीने में लगी गोली, कमर से निकली
सतेंद्र के शव का शनिवार दोपहर पोस्टमार्टम किया गया। इससे पहले एक्स रे कराया गया। इससे गोली की पोजिशन स्पष्ट हो पाई। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने बताया कि उन्हें एक ही गोली मारी गई। यह सीने से सटाकर मारी गई थी। कमर में गोली बाहर निकलने का निशान है।
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वर्जन
सतेंद्र के परिवार ने जो शक जताया है, उस पर जांच की जा रही है। कई और बिंदुओं पर पुलिस काम कर रही है। ठोस सुराग की तलाश है।- सुशील घुले( एसपी सिटी )

मेरे पापा ने यूनिवर्सिटी के लिए जान दी है
आगरा। कुलपति प्रोफेसर मुजम्मिल को सतेंद्र के घर काफी हंगामे का सामना करना पड़ा। लोगों ने उनके सामने सवालों की झड़ी लगा दी। सतेंद्र की बेटी ने तो उनका कोट ही पकड़ लिया और बोली, मेरे पापा ने बाइक तक नहीं खरीदी, दिन रात यूनिवर्सिटी के काम में लगे रहे, उन्होंने यूनिवर्सिटी के लिए जान दी है।
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बेटे को नौकरी, सात लाख मुआवजा
सतेंद्र के घर सांत्वना देने पहुंचे प्रोफेसर मुजम्मिल ने कहा कि सतेंद्र के बेटे आशीष को मृतक आश्रित के रूप में विश्वविद्यालय में स्थाई नौकरी दी जाएगी। बेटी को संविदा पर रखा जाएगा। सात लाख रुपये मुआवजा भी दिया जाएगा।
एक दिन का वेतन देंगे कर्मचारी
यूनिवर्सिटी की एससी-एसटी कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष डा. आनंद टाइटलर ने बताया कि सभी कर्मचारी मददस्वरूप सतेंद्र केपरिवार को अपना एक-एक दिन का वेतन देंगे। दिवंगत आत्मा की शांति के लिए सोमवार को यूनिवर्सिटी में 12 बजे श्रद्धांजलि सभा होगी।

कालेज संचालकों की मनमानी रोकेंगे
आगरा। कर्मचारी सतेंद्र की हत्या किसने और क्यों की? यह तो पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा लेकिन इतना तो स्पष्ट हो गया है कि तमाम फर्जीवाड़ों के लिए बदनाम इस यूनिवर्सिटी में फीस में भी खेल चल रहा है। दबंग कालेज संचालक पूरी तरह मनमानी दिखा रहे हैं। इनकी दबंगई के आगे विश्वविद्यालय प्रशासन असहाय है। इन्हें नोटिस अफसर नहीं भेजते, कर्मचारियों से भिजवाते हैं।
सतेंद्र की हत्या के बाद कर्मचारी गुस्से में हैं। कह रहे हैं कि मलाई बड़े खाएं और गोली छोटे कर्मचारी। उनका कहना है कि व्यवस्था दो साल में ज्यादा बिगड़ी है। पिछले साल भी कई ऐसे कालेजों में परीक्षा की अनुमति दी गई जिनकी फीस जमा नहीं थी। इस बार 70 कॉलेजों को नोटिस दिया गया। अब भी 14 ने फीस जमा नहीं कराई है। ये दबंगों के कालेज बताए जा रहे हैं।

कर्मचारी संघ के नेता अरविंद गुप्ता ने कहा है कि कालेज संचालकों की मनमानी अब नहीं चलने दी जाएगी। मीटिंग करके यह मुद्दा रखा जाएगा। यूनिवर्सिटी प्रशासन को व्यवस्था बनानी चाहिए। अफसर खुद को नरमी दिखाते हैं और सख्ती के लिए कर्मचारियों को आगे करते हैं। उनकी जान खतरे में डाली जा रही है। कर्मचारी नेता डा. आनंद टाइटलर का कहना है कि सवाल कर्मचारियों की सुरक्षा का है। फीस के मुद्दे पर कुलपति से बात की जाएगी। भारतीय अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति महासभा ने भी कर्मचारियों की सुरक्षा की मांग की है।

फीस की फांस
विवि को निजी कालेजों से प्रतिछात्र प्रैक्टिकल सहित फीस के 2070 रुपये मिलते हैं।
प्रैक्टिकल के बगैर प्रति छात्र के लिए फीस 1800 रुपये है।
प्रथम वर्ष के बाद इसमें रजिस्ट्रेशन के 300 रुपये कम कर दिए जाते हैं।
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