{"_id":"da0effff8921ed113696188d147f9f08","slug":"two-brother-dead-in-prathvinath-mela-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छोटे को बचाने कुएं में कूदा बड़ा भाई, दोनों की मौत ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
छोटे को बचाने कुएं में कूदा बड़ा भाई, दोनों की मौत
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Tue, 25 Aug 2015 01:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शाहगंज के पृथ्वीनाथ मंदिर पर सावन के चौथे सोमवार पर आयोजित मेले में अपनी मां के साथ आया 12 का सनी खेलते खेलते रात आठ बजे कुएं में जा गिरा। वहां मौजूद सैंकड़ों लोग तो उसे डूबते हुए सिर्फ देखते ही रहे लेकिन उसका बड़ा भाई सोनू ( 20) उसे बचाने के लिए जान पर खेल गया। उसने जहरीली गैस से भरे कुएं में छलांग लगा दी। दोनों की दम घुटने से मौत हो गई। 15 मिनट बाद पहुंचे फायर ब्रिगेड के मास्क पहने कर्मचारियों ने उन्हें रस्सी के सहारे निकाला। इसके बाद उन्हें एसएन इमरजेंसी ले जाया गया लेकिन तब तक उनके प्राण पखेरू उड़ चुके थे।
उधर, घटना से मेले में अफरातफरी मच गई। सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गई। उन्होंने हंगामा काटा। इसके बाद पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने उन्हें शांत किया। जानकारी के मुताबिक ग्यासपुरा, शाहगंज निवासी चरन सिंह साइकिल के सीट कवर बनाने का काम करता है। उसके चार बेटे हाकिम सिंह (20), रवि, सनी (12) और अशोक थे। सोमवार रात आठ बजे चरन सिंह की पत्नी राजकुमारी बेटे सनी को लेकर पृथ्वीनाथ मंदिर पर आयोजित मेले में गई थी। यहां पर दोनों ने चाट खाई। इसके बाद सनी ने प्लास्टिक की बंदूक खरीद ली। राजकुमारी चाऊमीन खरीदने चली गई। इस बीच खेलते-खेलते सनी मां का हाथ छोड़कर मंदिर परिसर में ही पिछले हिस्से में गली में चला गया।
यहां पर तकरीबन 20 फीट गहरा पुराना कुआं है। इसमें सनी गिर गया। कुएं में कीचड़ और दो फीट तक पानी भरा था। इसकी जानकारी जब कुछ लोगों को हुई तो उन्होंने शोर मचा दिया। मेले में हाकिम भी पहले से आया हुआ था। सनी को बचाने के लिए वह कुएं में कूद गया। अंदर जाने के बाद वह बेहोश होकर गिर पड़ा, जबकि सनी पहले से ही बेहोश हो गया था। सूचना पर फायरब्रिगेड के दो कर्मचारी पहुंचे। मगर, कुएं में जहरीली गैस होने की आशंका पर कर्मचारी अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। बाद में ब्रीथिंग अप्रेट्स सेट मंगाए गए। गैस का प्रभाव कम करने के लिए कुएं में पानी भी डाला गया। इसके बाद दो कर्मचारी कुएं में नीचे उतरे। मगर, उन्हें भी सांस लेने में तकलीफ हुई।
विज्ञापन
इसके बाद दोनों कर्मचारी को ऊपर खींच लिया। बाद में दो और कर्मचारी उतरे। तकरीबन 15 मिनट की मशक्कत के बाद पहले सनी, फिर हाकिम को बाहर निकालने के बाद एसएन इमरजेंसी में भेज दिया। जहां डाक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। दोनों की मौत दम घुटने से होने की आशंका है। उधर, चीफ फायर ऑफिसर जसवीर सिंह ने बताया कि कुएं में गंदगी और पानी से मीथेन गैस बनी होगी। इस कारण ही दमकलकर्मियों को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी।
सनी जिद करकर आया था मां के साथ
राजकुमारी सब्जी लेने बाजार जा रही थी। मगर, सनी मेला देखने की जिद करने लगा। इस पर मां उसे अपने साथ ले आई। दो भाइयों की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। हाकिम सिंह जूते के फिटर का काम करता था। उसकी दो बहन मीना और काजल हैं। मीना की शादी हो चुकी है। परिवार चार महीने पहले ही ग्यासपुरा में रहने आया था।
मेले मेें सैकड़ों की भीड़, फिर भी लापरवाही
सावन के सोमवार पर हर साल आयोजित होने वाले पृथ्वीनाथ मंदिर में प्रशासन की लापरवाही सामने आई। मेला कमेटी की ओर से भी कुएं को ढकने का कोई इंतजाम नहीं किया गया। इसको लेकर लोगों में आक्रोश था। लोगों का कहना था कि कुएं में मालाएं और पूजा का सामान फेंका जाता है। मेले में हजारों की भीड़ होने के बावजूद उसे ढकने का कोई इंतजाम नहीं किया गया। रेलिंग भी नहीं लगाई गई। लोगों ने कार्रवाई की मांग की।
विज्ञापन
उधर, घटना से मेले में अफरातफरी मच गई। सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गई। उन्होंने हंगामा काटा। इसके बाद पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने उन्हें शांत किया। जानकारी के मुताबिक ग्यासपुरा, शाहगंज निवासी चरन सिंह साइकिल के सीट कवर बनाने का काम करता है। उसके चार बेटे हाकिम सिंह (20), रवि, सनी (12) और अशोक थे। सोमवार रात आठ बजे चरन सिंह की पत्नी राजकुमारी बेटे सनी को लेकर पृथ्वीनाथ मंदिर पर आयोजित मेले में गई थी। यहां पर दोनों ने चाट खाई। इसके बाद सनी ने प्लास्टिक की बंदूक खरीद ली। राजकुमारी चाऊमीन खरीदने चली गई। इस बीच खेलते-खेलते सनी मां का हाथ छोड़कर मंदिर परिसर में ही पिछले हिस्से में गली में चला गया।
विज्ञापन
यहां पर तकरीबन 20 फीट गहरा पुराना कुआं है। इसमें सनी गिर गया। कुएं में कीचड़ और दो फीट तक पानी भरा था। इसकी जानकारी जब कुछ लोगों को हुई तो उन्होंने शोर मचा दिया। मेले में हाकिम भी पहले से आया हुआ था। सनी को बचाने के लिए वह कुएं में कूद गया। अंदर जाने के बाद वह बेहोश होकर गिर पड़ा, जबकि सनी पहले से ही बेहोश हो गया था। सूचना पर फायरब्रिगेड के दो कर्मचारी पहुंचे। मगर, कुएं में जहरीली गैस होने की आशंका पर कर्मचारी अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। बाद में ब्रीथिंग अप्रेट्स सेट मंगाए गए। गैस का प्रभाव कम करने के लिए कुएं में पानी भी डाला गया। इसके बाद दो कर्मचारी कुएं में नीचे उतरे। मगर, उन्हें भी सांस लेने में तकलीफ हुई।
विज्ञापन
इसके बाद दोनों कर्मचारी को ऊपर खींच लिया। बाद में दो और कर्मचारी उतरे। तकरीबन 15 मिनट की मशक्कत के बाद पहले सनी, फिर हाकिम को बाहर निकालने के बाद एसएन इमरजेंसी में भेज दिया। जहां डाक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। दोनों की मौत दम घुटने से होने की आशंका है। उधर, चीफ फायर ऑफिसर जसवीर सिंह ने बताया कि कुएं में गंदगी और पानी से मीथेन गैस बनी होगी। इस कारण ही दमकलकर्मियों को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी।
सनी जिद करकर आया था मां के साथ
राजकुमारी सब्जी लेने बाजार जा रही थी। मगर, सनी मेला देखने की जिद करने लगा। इस पर मां उसे अपने साथ ले आई। दो भाइयों की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। हाकिम सिंह जूते के फिटर का काम करता था। उसकी दो बहन मीना और काजल हैं। मीना की शादी हो चुकी है। परिवार चार महीने पहले ही ग्यासपुरा में रहने आया था।
मेले मेें सैकड़ों की भीड़, फिर भी लापरवाही
सावन के सोमवार पर हर साल आयोजित होने वाले पृथ्वीनाथ मंदिर में प्रशासन की लापरवाही सामने आई। मेला कमेटी की ओर से भी कुएं को ढकने का कोई इंतजाम नहीं किया गया। इसको लेकर लोगों में आक्रोश था। लोगों का कहना था कि कुएं में मालाएं और पूजा का सामान फेंका जाता है। मेले में हजारों की भीड़ होने के बावजूद उसे ढकने का कोई इंतजाम नहीं किया गया। रेलिंग भी नहीं लगाई गई। लोगों ने कार्रवाई की मांग की।