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शैलेंद्र की फोन पर मुलायम-अखिलेश से वार्ता का दावा
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Mon, 05 Oct 2015 01:37 AM IST
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जेल में बंद हाईप्रोफाइल जालसाज शैलेंद्र अग्रवाल ने फोन पर सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भी बात की थी। यह दावा किया है कि इस मामले की सीबीआई जांच के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाली संस्था सेंटर फोर सिविल लिबर्टीज ने।
संस्था की अधिवक्ता डाक्टर नूतन ठाकुर ने ई-मेल के माध्यम से बताया कि शैलेंद्र ने 22 अप्रैल को सीएम अखिलेश यादव के ऑफिस के नंबर 0522-2236938 और सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के कार्यालय के नंबर 0522-2235477 पर चार मिनट तक बात की। हालांकि उसने कॉल स्पूफिंग केजरिए अपने मोबाइल नंबर की जगह न्यूजीलैण्ड हाईकमीशन का नंबर दिखाया।
इसके अलावा नूतन ठाकुर का यह भी दावा है कि एक दिसंबर 2014 से 22 अप्रैल 2015 के बीच तत्कालीन डीजीपी एएल बनर्जी और तत्कालीन डीजी ट्रेनिंग एके जैन के अलावा कई वरिष्ठ अफसरों से बात की। उन्होंने यह दावा शैलेंद्र के खिलाफ दर्ज पहले केस की केस डायरी में दिए गए नंबरों के आधार पर किया है।
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उनका कहना है कि पुलिस की विवेचना में शैलेंद्र के बैंक एकाउंट से दस लाख कैश जमा कराने और निकालने की बात सामने आई है लेकिन जांच पड़ताल में इस पर कोई गौर नहीं किया गया। इसके अलावा पूर्व डीजीपी एएल बनर्जी और एसी शर्मा की भूमिका की जांच नहीं की गई है। इन सभी तथ्यों के आधार पर मामले की सीबीआई जांच की मांग की जाएगी। गौरतलब है कि आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने शैलेंद्र पर दरोगाओं की ट्रांसफर-पोस्टिंग की बोली लगाने के आरोप लगाकर एएल बनर्जी और एसी शर्मा पर सवाल उठाए थे।
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संस्था की अधिवक्ता डाक्टर नूतन ठाकुर ने ई-मेल के माध्यम से बताया कि शैलेंद्र ने 22 अप्रैल को सीएम अखिलेश यादव के ऑफिस के नंबर 0522-2236938 और सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के कार्यालय के नंबर 0522-2235477 पर चार मिनट तक बात की। हालांकि उसने कॉल स्पूफिंग केजरिए अपने मोबाइल नंबर की जगह न्यूजीलैण्ड हाईकमीशन का नंबर दिखाया।
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इसके अलावा नूतन ठाकुर का यह भी दावा है कि एक दिसंबर 2014 से 22 अप्रैल 2015 के बीच तत्कालीन डीजीपी एएल बनर्जी और तत्कालीन डीजी ट्रेनिंग एके जैन के अलावा कई वरिष्ठ अफसरों से बात की। उन्होंने यह दावा शैलेंद्र के खिलाफ दर्ज पहले केस की केस डायरी में दिए गए नंबरों के आधार पर किया है।
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उनका कहना है कि पुलिस की विवेचना में शैलेंद्र के बैंक एकाउंट से दस लाख कैश जमा कराने और निकालने की बात सामने आई है लेकिन जांच पड़ताल में इस पर कोई गौर नहीं किया गया। इसके अलावा पूर्व डीजीपी एएल बनर्जी और एसी शर्मा की भूमिका की जांच नहीं की गई है। इन सभी तथ्यों के आधार पर मामले की सीबीआई जांच की मांग की जाएगी। गौरतलब है कि आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने शैलेंद्र पर दरोगाओं की ट्रांसफर-पोस्टिंग की बोली लगाने के आरोप लगाकर एएल बनर्जी और एसी शर्मा पर सवाल उठाए थे।