{"_id":"f0010e5d5988591c0fbf0301a8815f67","slug":"the-murderer-escaped-from-police-negligence-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस की लापरवाही से भाग गया कातिल","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पुलिस की लापरवाही से भाग गया कातिल
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Thu, 21 Jan 2016 02:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
व्यवसायी अनेक सिंह सिकरवार के अपहरण के बाद एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह ने सख्त हिदायत दी थी कि उनकी तलाश में कोई कसर न छोड़ी जाए। चार टीमें लगाई गई थीं। इसके बावजूद कातिल बड़ी आसानी से फरार हो गया। पुलिस ने काफी देर तक ढिलाई बरती। अपहरण साढ़े छह बजे हुआ। लाश मिली इसके सात घंटे बाद 1:15 बजे। पुलिस को अपहरण की सूचना नौ बजे मिल गई थी। अगर तेजी दिखाई होती तो 10 बजे ही लाश मिल सकती थी। हो सकता था कि कातिल भी पकड़ा जाता।
पुलिस ने यह ढिलाई तब बरती जब सिकरवार की अंतिम लोकेशन खंदौली के रामनगर की ही मिली थी। इसके बावजूद खंदौली पुलिस कई घंटों तक उस रास्ते पर नहीं गई, जो अपराध के लिए सबसे ज्यादा बदनाम है। बैंक डकैती के बाद बदमाश इसी ओर से भागे थे।
एसएसपी ने चेतावनी दी थी कि सुबह जिस थाना प्रभारी के क्षेत्र में लाश बरामद होगी, उसे सस्पेंड कर दिया जाएगा। तब जाकर पुलिस ने तलाश शुरू की। इससे पहले पुलिस कह रही थी कि कोहरे के चलते तलाश मुश्किल है।
विज्ञापन
खंदौली तक ऐसे पहुंचे व्यवसायी
एत्मादपुर से व्यवसायी के अपहरण के बाद उन्हें कुबेरपुर से यमुना एक्सप्रेस वे ले जाया गया। माना जा रहा है कि खंदौली इंटरचेंज पर एक्सप्रेस वे से कार उतरी। यहां से अलीगढ़ मार्ग पर ले जाया गया। फिर खंदौली के पड़ाव चौराहा से मई रोड की ओर गए। यहीं पर थोड़ी दूरी पर शव मिला।
डीआईजी ने लगाई एसओ की क्लास
खंदौली। बुधवार की सुबह डीआईजी लक्ष्मी सिंह और एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह थाना खंदौली पहुंचे। कार का मुआयना करने को डीआईजी ने एसओ खंदौली से चाबी मांगी। वे इधर-उधर झांकने लगे। बोले, चाबी तो मृतक के परिवारीजन ले गए। इस पर डीआईजी ने एसओ की क्लास लगा दी।
इंस्पेक्टर ज्ञानेंद्र सिरोही हटाए
एत्मादपुर। एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह ने होटल और पेट्रोल पंप कारोबारी व पूर्व सैन्य अधिकारी अनेक सिंह सिकरवार हत्याकांड में लापरवाही बरतने पर इंस्पेक्टर ज्ञानेंद्र सिरोही को लाइन हाजिर कर दिया है। उनके स्थान पर बाह से ब्रह्म सिंह को भेजा गया है।
विज्ञापन
पुलिस ने यह ढिलाई तब बरती जब सिकरवार की अंतिम लोकेशन खंदौली के रामनगर की ही मिली थी। इसके बावजूद खंदौली पुलिस कई घंटों तक उस रास्ते पर नहीं गई, जो अपराध के लिए सबसे ज्यादा बदनाम है। बैंक डकैती के बाद बदमाश इसी ओर से भागे थे।
विज्ञापन
एसएसपी ने चेतावनी दी थी कि सुबह जिस थाना प्रभारी के क्षेत्र में लाश बरामद होगी, उसे सस्पेंड कर दिया जाएगा। तब जाकर पुलिस ने तलाश शुरू की। इससे पहले पुलिस कह रही थी कि कोहरे के चलते तलाश मुश्किल है।
विज्ञापन
खंदौली तक ऐसे पहुंचे व्यवसायी
एत्मादपुर से व्यवसायी के अपहरण के बाद उन्हें कुबेरपुर से यमुना एक्सप्रेस वे ले जाया गया। माना जा रहा है कि खंदौली इंटरचेंज पर एक्सप्रेस वे से कार उतरी। यहां से अलीगढ़ मार्ग पर ले जाया गया। फिर खंदौली के पड़ाव चौराहा से मई रोड की ओर गए। यहीं पर थोड़ी दूरी पर शव मिला।
डीआईजी ने लगाई एसओ की क्लास
खंदौली। बुधवार की सुबह डीआईजी लक्ष्मी सिंह और एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह थाना खंदौली पहुंचे। कार का मुआयना करने को डीआईजी ने एसओ खंदौली से चाबी मांगी। वे इधर-उधर झांकने लगे। बोले, चाबी तो मृतक के परिवारीजन ले गए। इस पर डीआईजी ने एसओ की क्लास लगा दी।
इंस्पेक्टर ज्ञानेंद्र सिरोही हटाए
एत्मादपुर। एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह ने होटल और पेट्रोल पंप कारोबारी व पूर्व सैन्य अधिकारी अनेक सिंह सिकरवार हत्याकांड में लापरवाही बरतने पर इंस्पेक्टर ज्ञानेंद्र सिरोही को लाइन हाजिर कर दिया है। उनके स्थान पर बाह से ब्रह्म सिंह को भेजा गया है।