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पत्थरों से पट गई गली, फायरिंग से फैली दहशत
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Updated Mon, 01 Feb 2016 01:57 AM IST
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सैयदपाड़ा में पुलिस को बवाल की सूचना एक तो देरी से मिली और फिर पुलिस ने भी पहुंचने में और देरी कर दी। नतीजा यह हुआ कि बवाली आसानी से भाग निकले। इसके बाद पुलिस ने सर्च आपरेशन में पूरी ताकत लगा दी, लेकिन बवालियों की गिरफ्तारी में कामयाबी नहीं मिली।
मौके पर पत्थरों के अलावा कारतूस और खोखे भी मिले। लोगों ने बताया कि करीब आधा घंटे तक गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी। इससे पूरे इलाके में दहशत हो गई। दो युवकों को गोली लगने के बाद भी दोनों पक्षों के लोग पथराव करते रहे। एक गली पत्थरों से पटी पड़ी थी। दूसरी में भी कुछ पत्थर पड़े थे।
पुलिस को घटना की जानकारी देने के लिए मौके पर या तो महिलाएं थीं, या फिर दो घरों मेें किराएदार। उन्होंने ही बताया कि दोनों पक्षों मेें पहले भी झगड़ा हो चुका है। उधर, जावेद के परिवारीजनों ने जीजी नर्सिंग होम पर हंगामा किया। उनका कहना था कि डाक्टरों ने उसे भर्ती नहीं किया। उसकी जान बच सकती थी, जबकि डाक्टरों का कहना था कि परिवार के लोग जब तक उसे लेकर पहुंचे, तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी। उधर, नर्सिंग होम पर हंगामे का पता चलने पर सीओ हरिपर्वत सलमान ताज पाटिल पहुंच गए।
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महिलाओं ने भी किया पथराव
पथराव के दौरान कई महिलाओं ने भी छतों से पत्थर फेंके। महिलाओं से पूछताछ करने के लिए आधी रात को महिला पुलिस बुलाई गई। गेट नहीं खोलने पर पुलिस को सख्ती दिखानी पड़ी।
फेल हो गया पुलिस का सूचना तंत्र
पुलिस ने मदद के लिए तमाम लोगों को एसपीओ के कार्ड दे रखे हैं। इसके बावजूद सूचनाएं देरी से मिल रही हैं। सैयदपाड़ा से पहले नाई की मंडी में हुए बवाल में भी पुलिस के पहुंचने से पहले ही बवाली भाग निकले थे।
जिस तरह से दोनों पक्षों में पथराव और फायरिंग हुई तथा इसमें एक बेकुसूर की जान गई, उसे देखकर पुलिस ने इस मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी की है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मुख्य आरोपियों पर रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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मौके पर पत्थरों के अलावा कारतूस और खोखे भी मिले। लोगों ने बताया कि करीब आधा घंटे तक गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी। इससे पूरे इलाके में दहशत हो गई। दो युवकों को गोली लगने के बाद भी दोनों पक्षों के लोग पथराव करते रहे। एक गली पत्थरों से पटी पड़ी थी। दूसरी में भी कुछ पत्थर पड़े थे।
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पुलिस को घटना की जानकारी देने के लिए मौके पर या तो महिलाएं थीं, या फिर दो घरों मेें किराएदार। उन्होंने ही बताया कि दोनों पक्षों मेें पहले भी झगड़ा हो चुका है। उधर, जावेद के परिवारीजनों ने जीजी नर्सिंग होम पर हंगामा किया। उनका कहना था कि डाक्टरों ने उसे भर्ती नहीं किया। उसकी जान बच सकती थी, जबकि डाक्टरों का कहना था कि परिवार के लोग जब तक उसे लेकर पहुंचे, तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी। उधर, नर्सिंग होम पर हंगामे का पता चलने पर सीओ हरिपर्वत सलमान ताज पाटिल पहुंच गए।
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महिलाओं ने भी किया पथराव
पथराव के दौरान कई महिलाओं ने भी छतों से पत्थर फेंके। महिलाओं से पूछताछ करने के लिए आधी रात को महिला पुलिस बुलाई गई। गेट नहीं खोलने पर पुलिस को सख्ती दिखानी पड़ी।
फेल हो गया पुलिस का सूचना तंत्र
पुलिस ने मदद के लिए तमाम लोगों को एसपीओ के कार्ड दे रखे हैं। इसके बावजूद सूचनाएं देरी से मिल रही हैं। सैयदपाड़ा से पहले नाई की मंडी में हुए बवाल में भी पुलिस के पहुंचने से पहले ही बवाली भाग निकले थे।
जिस तरह से दोनों पक्षों में पथराव और फायरिंग हुई तथा इसमें एक बेकुसूर की जान गई, उसे देखकर पुलिस ने इस मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी की है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मुख्य आरोपियों पर रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी।