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सब रजिस्ट्रार को बेटे-भाई समेत जेल
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Thu, 09 Jun 2016 01:37 AM IST
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- फोटो : file photo
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एटा की जलेसर तहसील में सब रजिस्ट्रार सचीश समाधिया, आगरा तहसील में कर्मचारी उसके भाई शैलेंद्र और बेटे ऋषभ को हत्या के पुराने मामले में बुधवार को जेल भेजा गया। तीनों ने कोर्ट में सरेंडर किया था। यहां अंतरिम जमानत की अर्जी खारिज हो गई। मामले में अगली सुनवाई के लिए दस जून की तारीख मुकर्रर की गई है।
इन पर सिकंदरा के गांव बाईपुर में 11 सितंबर 2013 को हुकमो देवी की हत्या कर शव नाले में फेंक दिए जाने का आरोप है। इसकी रिपोर्ट उनके बेटे अधिवक्ता घनश्याम सिंह ने सिकं दरा थाना में दर्ज कराई थी। घनश्याम के साथ सचीश का जमीन का विवाद चल रहा है। आरोप है कि इसी की रंजिश में हत्या की गई। पुलिस ने इसमें फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। घनश्याम ने इसका कोर्ट में विरोध किया था। कोर्ट ने 11 सितंबर 2015 को एफआर निरस्त कर दी थी।
आरोपियों को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया गया था। इसके खिलाफ समाधिया हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट ने आरोपियों को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया। इस पर उन्होंने बुधवार को सरेंडर किया।
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हाईकोर्ट का जमानत के प्रार्थना पत्र के दिन ही सुनवाई का आदेश भी था। इस मामले में वादी पक्ष से अधिवक्ता घनश्याम सिंह, आशुतोष, राजीव सिंह, दीपक चौधरी, योगेश बघेल ने जमानत याचिका का विरोध किया। बता दें, समाधिया के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति समेत और भी केस दर्ज हैं। उनके खिलाफ विजिलेंस जांच भी हो चुकी है। इन मामलों में आगरा और मथुरा के पुलिस अफसरों ने भी जांच की है।
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इन पर सिकंदरा के गांव बाईपुर में 11 सितंबर 2013 को हुकमो देवी की हत्या कर शव नाले में फेंक दिए जाने का आरोप है। इसकी रिपोर्ट उनके बेटे अधिवक्ता घनश्याम सिंह ने सिकं दरा थाना में दर्ज कराई थी। घनश्याम के साथ सचीश का जमीन का विवाद चल रहा है। आरोप है कि इसी की रंजिश में हत्या की गई। पुलिस ने इसमें फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। घनश्याम ने इसका कोर्ट में विरोध किया था। कोर्ट ने 11 सितंबर 2015 को एफआर निरस्त कर दी थी।
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आरोपियों को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया गया था। इसके खिलाफ समाधिया हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट ने आरोपियों को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया। इस पर उन्होंने बुधवार को सरेंडर किया।
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हाईकोर्ट का जमानत के प्रार्थना पत्र के दिन ही सुनवाई का आदेश भी था। इस मामले में वादी पक्ष से अधिवक्ता घनश्याम सिंह, आशुतोष, राजीव सिंह, दीपक चौधरी, योगेश बघेल ने जमानत याचिका का विरोध किया। बता दें, समाधिया के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति समेत और भी केस दर्ज हैं। उनके खिलाफ विजिलेंस जांच भी हो चुकी है। इन मामलों में आगरा और मथुरा के पुलिस अफसरों ने भी जांच की है।