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मनोज की तलाश में एसटीएफ लगाई गई
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Wed, 08 Mar 2017 11:51 PM IST
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100 करोड़ की तेल चोरी के मुख्य आरोपी मनोज गोयल
- फोटो : अमर उजाला
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मथुरा रिफाइनरी से की गई सौ करोड़ की तेल चोरी के मास्टरमाइंड मनोज गोयल की तलाश में मथुरा पुलिस पूरी तरह से फेल हो गई है। अब तो आला अफसर भी कहीं न कहीं यह मान रहे हैं कि पुलिस ने ठीक से काम नहीं किया, वरना वह कब का सलाखों के पीछे होता। पुलिस की इस ढिलाई को देखते हुए अब इस केस में एसटीएफ को लगाने का फैसला लिया गया है। इसमें आगरा क्राइम ब्रांच की मदद भी ली जाएगी। डीआईजी खुद पूरे मामले की मानीटरिंग करेंगे।
मथुरा पुलिस के पास मनोज गोयल के सभी ठिकानों की जानकारी है। उसके मोबाइल नंबर हैं। उसके रिश्तेदारों और दोस्तों की डिटेल है। यह भी मालूम है कि वह मुकदमे में फंसने पर कहां कहां छिपता है। इसके बावजूद उसका हाथ न आना तमाम सवाल खड़े कर रहा है। पुलिस ने उसके आधे से ज्यादा ठिकानों पर तो दबिश ही नहीं दी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सर्विलांस पर लगाने के लिए उसके मोबाइल का पुराना नंबर दिया गया जबकि केस में नाम आते ही उसने सिम बदल लिया था। सबसे हैरानी की बात तो यह रही कि उसके वारंट लेने के लिए कोर्ट में अर्जी नहीं दी गई। साफ लग रहा है कि पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए उतनी गंभीर नहीं हुई जितनी जरूरत थी। पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि मथुरा पुलिस के इस रवैये को देखते हुए अब एसटीएफ की मदद ली जाएगी। इसके लिए आला अफसरों ने एसटीएफ को मौखिक तौर पर बता भी दिया है। लिखित आदेश होना शेष है।
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मथुरा पुलिस के पास मनोज गोयल के सभी ठिकानों की जानकारी है। उसके मोबाइल नंबर हैं। उसके रिश्तेदारों और दोस्तों की डिटेल है। यह भी मालूम है कि वह मुकदमे में फंसने पर कहां कहां छिपता है। इसके बावजूद उसका हाथ न आना तमाम सवाल खड़े कर रहा है। पुलिस ने उसके आधे से ज्यादा ठिकानों पर तो दबिश ही नहीं दी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सर्विलांस पर लगाने के लिए उसके मोबाइल का पुराना नंबर दिया गया जबकि केस में नाम आते ही उसने सिम बदल लिया था। सबसे हैरानी की बात तो यह रही कि उसके वारंट लेने के लिए कोर्ट में अर्जी नहीं दी गई। साफ लग रहा है कि पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए उतनी गंभीर नहीं हुई जितनी जरूरत थी। पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि मथुरा पुलिस के इस रवैये को देखते हुए अब एसटीएफ की मदद ली जाएगी। इसके लिए आला अफसरों ने एसटीएफ को मौखिक तौर पर बता भी दिया है। लिखित आदेश होना शेष है।
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