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सीकरी दरगाह परिसर में पीटा एएसआई कर्मी
सीकरी दरगाह परिसर में पीटा एएसआई कर्मी
Updated Fri, 14 Apr 2017 12:58 AM IST
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सीकरी दरगाह परिसर में पीटा एएसआई कर्मी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सीकरी में लपकों, हॉकरों का आतंक बाहर ही नहीं, बल्कि स्मारक के अंदर भी है। दबंग हॉकरों ने सीकरी दरगाह परिसर के अंदर लगाई गई अवैध फड़ों को हटाने पहुंचे एएसआई कर्मचारी की पिटाई कर दी। कपड़े फाड़ दिए। बाद में पुलिस में शिकायत के बाद अवैध फड़ लगाने वालों को हटाया गया।
गुरुवार को बुलंद दरवाजे और शेख सलीम चिश्ती दरगाह परिसर में अवैध फड़ सजे थे। एएसआई कर्मचारी कल्लू, रविंद्र, ओम प्रकाश और अजीत इन्हें हटाने के लिए पहुंचे। कल्लू का आरोप है कि दुकानदारों ने फड़ हटाने की जगह उनकी पिटाई कर दी। वकील, इमरान और अन्य दुकानदारों ने चेन, अंगूठी और परिचय पत्र छीन लिया। सुरक्षा गार्डों ने उन्हें बचाया। एएसआई संरक्षण सहायक कलंदर ने थाना पुलिस को तहरीर दी है। प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही होगी।
हॉकरों के आतंक से परेशान हैं सैलानी
सुप्रीम कोर्ट ने केस नंबर 653/1994 के तहत 2-09-2004 को आदेश दिया था कि दरगाह परिसर और इसके 100 मीटर परिधि में व्यवसायिक गतिविधि नहीं हो सकती। लेकिन बुलंद दरवाजा, दालान, बादशाही दरवाजा, टॉयलेट गेट के पास अस्थाई स्टॉल, फड़ लगाकर चश्मे, टोपी, चादर, फूल, हस्तशिल्प, खाने-पीने की चीजें बेची जा रही हैं। सैलानियों के साथ अधिकांश अभद्रता के मामले इन्हीं अवैध फड़ वालों से जुड़े हैं। आरोप है कि दरगाह कमेटी की शह पर लोग अंदर सामान बेच रहे हैं।
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सुप्रीम कोर्ट मानिटरिंग कमेटी में पुलिस अफसर भी
व्यवसायिक गतिविधियों को बंद करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने मानिटरिंग कमेटी में एएसआई और पुलिस के अफसर नामित किए हैं, लेकि न खुलेआम आदेश को धता बताया जा रहा है। ये हाल तब है, जब अंदर की दुकानों को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गुलिस्तां पार्किंग के पास दुकानें बनाकर दी गई हैं। सीसीटीवी कैमरों में अंदर फड़ लगाने वालों का रिकार्ड है।
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गुरुवार को बुलंद दरवाजे और शेख सलीम चिश्ती दरगाह परिसर में अवैध फड़ सजे थे। एएसआई कर्मचारी कल्लू, रविंद्र, ओम प्रकाश और अजीत इन्हें हटाने के लिए पहुंचे। कल्लू का आरोप है कि दुकानदारों ने फड़ हटाने की जगह उनकी पिटाई कर दी। वकील, इमरान और अन्य दुकानदारों ने चेन, अंगूठी और परिचय पत्र छीन लिया। सुरक्षा गार्डों ने उन्हें बचाया। एएसआई संरक्षण सहायक कलंदर ने थाना पुलिस को तहरीर दी है। प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही होगी।
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हॉकरों के आतंक से परेशान हैं सैलानी
सुप्रीम कोर्ट ने केस नंबर 653/1994 के तहत 2-09-2004 को आदेश दिया था कि दरगाह परिसर और इसके 100 मीटर परिधि में व्यवसायिक गतिविधि नहीं हो सकती। लेकिन बुलंद दरवाजा, दालान, बादशाही दरवाजा, टॉयलेट गेट के पास अस्थाई स्टॉल, फड़ लगाकर चश्मे, टोपी, चादर, फूल, हस्तशिल्प, खाने-पीने की चीजें बेची जा रही हैं। सैलानियों के साथ अधिकांश अभद्रता के मामले इन्हीं अवैध फड़ वालों से जुड़े हैं। आरोप है कि दरगाह कमेटी की शह पर लोग अंदर सामान बेच रहे हैं।
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सुप्रीम कोर्ट मानिटरिंग कमेटी में पुलिस अफसर भी
व्यवसायिक गतिविधियों को बंद करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने मानिटरिंग कमेटी में एएसआई और पुलिस के अफसर नामित किए हैं, लेकि न खुलेआम आदेश को धता बताया जा रहा है। ये हाल तब है, जब अंदर की दुकानों को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गुलिस्तां पार्किंग के पास दुकानें बनाकर दी गई हैं। सीसीटीवी कैमरों में अंदर फड़ लगाने वालों का रिकार्ड है।