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जेल में भी हो सकता है शैलेंद्र पर हमला
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Wed, 05 Aug 2015 02:06 AM IST
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हाईप्रोफाइल जालसाज शैलेंद्र अग्रवाल पर पुलिस कस्टडी में कचहरी में हमला किए जाने की वारदात जेल के अंदर दोहराई जा सकती है। यह आशंका इसलिए है क्योंकि उसे जैसे पेशी पर वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जाता है, वैसे ही जेल के अंदर भी ठाठ-बाट मिले हुए हैं। उसका ऐश-ओ-आराम देखकर नाराज कई कैदी अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं। इनका गुस्सा किसी भी दिन फूट सकता है।
जेल के सूत्रों का कहना है कि शैलेंद्र जेल का खाना नहीं खा रहा। उसके लिए बाहर से टिफिन आता है। वह दिन में अपनी बैरक में नहीं, बल्कि एक अधिकारी के दफ्तर में बैठा रहता है। उसके पास जेल में मोबाइल फोन भी है। इतना ही नहीं, बगैर पर्ची के उसके रिश्तेदार उससे मुलाकात करते हैं।
यह खुलासा तो हो ही चुका है कि उसके मनोरंजन के लिए उसकी बैरक में अलग से सेट टॉप बॉक्स लगवाया गया था। उसकी यह मौज देखकर कई कैदी गुस्से में बताए जा रहे हैं। इसी के चलते यह आशंका बन रही है कि जैसे उसकी जालसाजी के शिकार लोगों ने उस पर कचहरी में हमला किया, वैसे ही जेल में भी कैदी उसे निशाना बना सकते हैं। वह पांच मई से जिला जेल में बंद है। उस पर 35 केस हैं।
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वर्जन
शैलेंद्र के विरोधी दुष्प्रचार कर रहे हैं। उसे जेल में सामान्य कैदियों की तरह ही रखा गया है। जिला जेल में कोई विशेष सुविधा नहीं है।
- संत लाल यादव, अधीक्षक, जिला जेल
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जेल के सूत्रों का कहना है कि शैलेंद्र जेल का खाना नहीं खा रहा। उसके लिए बाहर से टिफिन आता है। वह दिन में अपनी बैरक में नहीं, बल्कि एक अधिकारी के दफ्तर में बैठा रहता है। उसके पास जेल में मोबाइल फोन भी है। इतना ही नहीं, बगैर पर्ची के उसके रिश्तेदार उससे मुलाकात करते हैं।
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यह खुलासा तो हो ही चुका है कि उसके मनोरंजन के लिए उसकी बैरक में अलग से सेट टॉप बॉक्स लगवाया गया था। उसकी यह मौज देखकर कई कैदी गुस्से में बताए जा रहे हैं। इसी के चलते यह आशंका बन रही है कि जैसे उसकी जालसाजी के शिकार लोगों ने उस पर कचहरी में हमला किया, वैसे ही जेल में भी कैदी उसे निशाना बना सकते हैं। वह पांच मई से जिला जेल में बंद है। उस पर 35 केस हैं।
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शैलेंद्र के विरोधी दुष्प्रचार कर रहे हैं। उसे जेल में सामान्य कैदियों की तरह ही रखा गया है। जिला जेल में कोई विशेष सुविधा नहीं है।
- संत लाल यादव, अधीक्षक, जिला जेल