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शाहगंज से अपहृत कारोबारी की हत्या
अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 20 Aug 2016 12:49 AM IST
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हत्या
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
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शाहगंज इंद्रा कालोनी से 31 जुलाई से अपहृत कारोबारी सावन की हत्या कर दी गई थी। शीतला गली के रंगबाज हक्कू ने एक युवक की मदद से उसे मथुरा बुलाया। शराब पिलाने के बाद हत्या कर दी। लाश को नाले में फेंक दिया। पुलिस ने कारोबारी के दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, अन्य की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
मूलरूप से पटना, बिहार के रहने वाले सुनील शर्मा इंद्रा कालोनी, शाहगंज में जूते के स्टीकर बनाने का व्यवसाय करते हैं। उनका बेटा सावन (24) भी 31 जुलाई को शीतला गली निवासी दोस्त सुमित के साथ नालबंद किसी काम से जाने की कहकर घर से निकला था। सावन के लापता होने पर परिवारीजनों ने थाना शाहगंज में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने शक के आधार पर सुमित से सख्ती से पूछताछ की तो उसने हत्याकांड की बात कबूल ली।
एसओ शाहगंज ने बताया कि सावन की ननिहाल शीतला गली में है। वहां के रहने वाले हक्कू से छह महीने पहले सावन का मोबाइल को लेकर विवाद हो गया था। हक्कू हत्या के मामले में पूर्व में जेल जा चुका है। वह क्षेत्र में रंगबाजी करता है। सावन ने हक्कू की पिटाई लगा दी थी। इससे वह रंजिश मानने लगा। सुमित को 25 हजार रुपये देकर सावन को मथुरा बुलाया। मथुरा के हाईवे थाना क्षेत्र के गांव उसपार में हक्कू, संजय (मोहाली रोड, मथुरा) और एक अन्य मिल गए। चारों ने सावन को शराब पिलाई। इसके बाद उसके साथ मारपीट की। नाले में फेंक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। दो अगस्त को पुलिस ने नाले से शव बरामद किया। उसके हाथ पर सावन लिखा था, लेकिन परिवारीजनों का पता नहीं लगने पर पोस्टमार्टम के 72 घंटे बाद अंतिम संस्कार कर दिया।
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पुलिस ने शुक्रवार को हाईवे थाना क्षेत्र में जानकारी ली तो घटना की पुष्टि हो गई। पुलिस हक्कू सहित अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
सीरियल देखकर बनाया प्लान
कारोबारी की हत्या के बाद पुलिस से बचने का भी पूरा प्लान बनाया था। आरोपी सुमित क्राइम इन्वेस्टीगेशन पर आधारित सीरियल देखता था। उसने सावन को अपने पास बुलाने के बाद उसका मोबाइल कब्जे में ले लिया। उसका और अपना मोबाइल स्विच आफ कर दिया।बातचीत के लिए हक्कू ने उसे अपना मोबाइल दिया था। सुमित ने उसमें एक अन्य सिम लगा लिया। वारदात को अंजाम देकर वापस लौटने पर मोबाइल को शाहगंज क्षेत्र में खोला, जिससे पुलिस नंबर ट्रेस करे तो उसके क्षेत्र में ही होने के बारे में पता चले। इसके बाद दूसरे नंबर से सावन के दोस्त को मैसेज किया कि वह दोस्त के साथ मथुरा से लौट रहा है। इसके बाद सावन की एक महिला मित्र को भी मैसेज भेजा कि वह पटना जा रहा है। इस पर पुलिस टीम ने पटना से पता किया। सुमित पुलिस और परिवार के लोगों से यही कहता रहा कि सावन रक्षाबंधन तक वापस आ जाएगा।
रक्षाबंधन पर राखी नहीं पहना सकीं बहनें
सावन इकलौता बेटा था। उसकी दो बहनें सपना और रागिनी हैं। पिछले 20 दिन से बहनें इसी इंतजार में थीं कि रक्षाबंधन पर तो उनका भाई वापस लौटकर आ जाएगा। गुरुवार को रक्षाबंधन पर बहनें भाई को राखी पहनाने के लिए इंतजार करती रहीं। शुक्रवार को उसकी मौत की खबर आई। बेटे की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
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मूलरूप से पटना, बिहार के रहने वाले सुनील शर्मा इंद्रा कालोनी, शाहगंज में जूते के स्टीकर बनाने का व्यवसाय करते हैं। उनका बेटा सावन (24) भी 31 जुलाई को शीतला गली निवासी दोस्त सुमित के साथ नालबंद किसी काम से जाने की कहकर घर से निकला था। सावन के लापता होने पर परिवारीजनों ने थाना शाहगंज में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने शक के आधार पर सुमित से सख्ती से पूछताछ की तो उसने हत्याकांड की बात कबूल ली।
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एसओ शाहगंज ने बताया कि सावन की ननिहाल शीतला गली में है। वहां के रहने वाले हक्कू से छह महीने पहले सावन का मोबाइल को लेकर विवाद हो गया था। हक्कू हत्या के मामले में पूर्व में जेल जा चुका है। वह क्षेत्र में रंगबाजी करता है। सावन ने हक्कू की पिटाई लगा दी थी। इससे वह रंजिश मानने लगा। सुमित को 25 हजार रुपये देकर सावन को मथुरा बुलाया। मथुरा के हाईवे थाना क्षेत्र के गांव उसपार में हक्कू, संजय (मोहाली रोड, मथुरा) और एक अन्य मिल गए। चारों ने सावन को शराब पिलाई। इसके बाद उसके साथ मारपीट की। नाले में फेंक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। दो अगस्त को पुलिस ने नाले से शव बरामद किया। उसके हाथ पर सावन लिखा था, लेकिन परिवारीजनों का पता नहीं लगने पर पोस्टमार्टम के 72 घंटे बाद अंतिम संस्कार कर दिया।
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पुलिस ने शुक्रवार को हाईवे थाना क्षेत्र में जानकारी ली तो घटना की पुष्टि हो गई। पुलिस हक्कू सहित अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
सीरियल देखकर बनाया प्लान
कारोबारी की हत्या के बाद पुलिस से बचने का भी पूरा प्लान बनाया था। आरोपी सुमित क्राइम इन्वेस्टीगेशन पर आधारित सीरियल देखता था। उसने सावन को अपने पास बुलाने के बाद उसका मोबाइल कब्जे में ले लिया। उसका और अपना मोबाइल स्विच आफ कर दिया।बातचीत के लिए हक्कू ने उसे अपना मोबाइल दिया था। सुमित ने उसमें एक अन्य सिम लगा लिया। वारदात को अंजाम देकर वापस लौटने पर मोबाइल को शाहगंज क्षेत्र में खोला, जिससे पुलिस नंबर ट्रेस करे तो उसके क्षेत्र में ही होने के बारे में पता चले। इसके बाद दूसरे नंबर से सावन के दोस्त को मैसेज किया कि वह दोस्त के साथ मथुरा से लौट रहा है। इसके बाद सावन की एक महिला मित्र को भी मैसेज भेजा कि वह पटना जा रहा है। इस पर पुलिस टीम ने पटना से पता किया। सुमित पुलिस और परिवार के लोगों से यही कहता रहा कि सावन रक्षाबंधन तक वापस आ जाएगा।
रक्षाबंधन पर राखी नहीं पहना सकीं बहनें
सावन इकलौता बेटा था। उसकी दो बहनें सपना और रागिनी हैं। पिछले 20 दिन से बहनें इसी इंतजार में थीं कि रक्षाबंधन पर तो उनका भाई वापस लौटकर आ जाएगा। गुरुवार को रक्षाबंधन पर बहनें भाई को राखी पहनाने के लिए इंतजार करती रहीं। शुक्रवार को उसकी मौत की खबर आई। बेटे की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।