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जऊपुरा में दलित की हत्या के बाद जातीय तनाव, पीएसी तैनात
टीम डिजिटल/अमर उजाला आगरा
Updated Thu, 27 Jul 2017 09:47 PM IST
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हत्या
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा के सिकंदरा के गांव जऊपुरा में रंजिश में दबंग परिवार ने बुधवार रात को दलित नवाब सिंह और उसके भतीजे राकेश पर लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। उनके हाथ-पैर बांधकर जमकर पीटा। दोनों लहूलुहान हो गए।
पुलिस ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया, जहां गुरुवार तड़के नवाब सिंह की मौत हो गई। गुस्साए ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर हंगामा किया। पुलिस ने 22 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है।
परिवारीजनों का कहना था कि नवाब सिंह की पांच अगस्त को कोर्ट में गवाही होनी थी। आरोपी पक्ष गवाही नहीं देने का दबाव बना रहा था। विरोध करने पर हत्या कर दी गई। गांव नगला जऊपुरा निवासी नवाब सिंह के भाई भीमसेन ने बताया कि कई साल पहले उनकी गांव में परचून की दुकान थी। अक्तूबर 2004 में जऊपुरा का रहने वाला अशोक यादव उनकी दुकान पर आया था।
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सामान खरीदने के बाद रुपये बिना दिए जाने लगा। रुपये मांगने पर गालीगलौज की। घर में आकर हमला बोला था। भीमसेन के बेटे राकेश के सिर में चाकू मारकर घायल कर दिया। फायरिंग भी की गई। इसमें नवाब सिंह सहित छह लोग गोली लगने से घायल हो गए। इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया। कोर्ट ने आरोपियों को जेल भेजा।
कुछ आरोपी हाल ही में जेल से छूटकर आए हैं। केस ट्रायल पर है। एससी-एसटी कोर्ट में नवाब सिंह और राकेश सहित अन्य की गवाही होनी थी। इसको लेकर आरोपी पक्ष लगातार गवाही नहीं देने का दबाव बना रहे थे।
बुधवार रात नौ बजे राकेश अपनी चार साल की बेटी और चाचा नवाब सिंह के साथ बाइक से लौट रहा था। गांव जऊपुरा में अशोक यादव सहित अन्य लोगों ने पकड़ लिया। बच्ची को खेत में फेंक दिया। जबकि, चाचा-भतीजे को घर में ले जाकर लाठी-डंडों से जमकर पीटा। वह चीख न सकें इसके लिए मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। हाथ-पैर भी रस्सी से बांध दिए।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को मुक्त कराया। एसएन मेडिकल कालेज इमरजेंसी में भर्ती कराया। गुरुवार तड़के चार बजे नवाब सिंह की मौत हो गई। राकेश की भी हालत गंभीर बनी है। घटना से गांव में तनाव फैल गया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर थाना सिकंदरा का घेराव कर लिया। ग्रामीणों का कहना था कि आरोपी पक्ष लगातार धमकी दे रहा है।
इससे परिवारीजन दहशत में हैं। पुलिस ने समझाबुझाकर ग्रामीणों को शांत किया। दोपहर तीन बजे एसएसपी दिनेश चंद्र दुबे ने गांव में पहुंचकर घटना की जानकारी दी। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं देर रात एसएसपी ने फिर गांव का दौरा किया। गांव में एहतियातन पीएसी तैनात कर दी गई है।
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पुलिस ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया, जहां गुरुवार तड़के नवाब सिंह की मौत हो गई। गुस्साए ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर हंगामा किया। पुलिस ने 22 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है।
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परिवारीजनों का कहना था कि नवाब सिंह की पांच अगस्त को कोर्ट में गवाही होनी थी। आरोपी पक्ष गवाही नहीं देने का दबाव बना रहा था। विरोध करने पर हत्या कर दी गई। गांव नगला जऊपुरा निवासी नवाब सिंह के भाई भीमसेन ने बताया कि कई साल पहले उनकी गांव में परचून की दुकान थी। अक्तूबर 2004 में जऊपुरा का रहने वाला अशोक यादव उनकी दुकान पर आया था।
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सामान खरीदने के बाद रुपये बिना दिए जाने लगा। रुपये मांगने पर गालीगलौज की। घर में आकर हमला बोला था। भीमसेन के बेटे राकेश के सिर में चाकू मारकर घायल कर दिया। फायरिंग भी की गई। इसमें नवाब सिंह सहित छह लोग गोली लगने से घायल हो गए। इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया। कोर्ट ने आरोपियों को जेल भेजा।
कुछ आरोपी हाल ही में जेल से छूटकर आए हैं। केस ट्रायल पर है। एससी-एसटी कोर्ट में नवाब सिंह और राकेश सहित अन्य की गवाही होनी थी। इसको लेकर आरोपी पक्ष लगातार गवाही नहीं देने का दबाव बना रहे थे।
बुधवार रात नौ बजे राकेश अपनी चार साल की बेटी और चाचा नवाब सिंह के साथ बाइक से लौट रहा था। गांव जऊपुरा में अशोक यादव सहित अन्य लोगों ने पकड़ लिया। बच्ची को खेत में फेंक दिया। जबकि, चाचा-भतीजे को घर में ले जाकर लाठी-डंडों से जमकर पीटा। वह चीख न सकें इसके लिए मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। हाथ-पैर भी रस्सी से बांध दिए।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को मुक्त कराया। एसएन मेडिकल कालेज इमरजेंसी में भर्ती कराया। गुरुवार तड़के चार बजे नवाब सिंह की मौत हो गई। राकेश की भी हालत गंभीर बनी है। घटना से गांव में तनाव फैल गया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर थाना सिकंदरा का घेराव कर लिया। ग्रामीणों का कहना था कि आरोपी पक्ष लगातार धमकी दे रहा है।
इससे परिवारीजन दहशत में हैं। पुलिस ने समझाबुझाकर ग्रामीणों को शांत किया। दोपहर तीन बजे एसएसपी दिनेश चंद्र दुबे ने गांव में पहुंचकर घटना की जानकारी दी। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं देर रात एसएसपी ने फिर गांव का दौरा किया। गांव में एहतियातन पीएसी तैनात कर दी गई है।