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रोशनी के बयान की सीडी गायब, फंसे अफसर
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Thu, 15 Oct 2015 02:02 AM IST
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कुछ सवाल
- डीजीपी को भेजी जा रही रिपोर्ट में सवाल है कि रोशनी से पूछताछ के लिए गठित टीम में सीओ एलआईयू को शामिल किए जाने का क्या औचित्य था?
- दूसरा सवाल यह है कि सीडी केस डायरी में संलग्न क्यों नहीं की गई? इसे अधिकारी अपने साथ क्यों ले गए?
आशीष अग्रवाल उर्फ आशू अपहरण कांड की आरोपी रोशनी के बयान की सीडी गायब हो जाने से पुलिस के अफसर फंस गए हैं। डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने न केवल इस चर्चित प्रकरण की फाइल खुलवा दी है, बल्कि रोशनी से पूछताछ करने वाले तत्कालीन एसपी सिटी (वर्तमान में बरेली में तैनात) समीर सौरभ के खिलाफ डीजीपी को रिपोर्ट भेजने की तैयारी भी कर ली है। उन पर सीडी गायब करने का आरोप है। उधर, पुलिस सूत्रों का कहना है कि रोशनी के कंप्यूटर की हार्डडिस्क भी गायब है। इसमें कई राज थे। इसके चलते केस की जांच पड़ताल के लिए गठित टीम में शामिल अन्य पुलिस अधिकारी भी फंस सकते हैं।
ताजगंज के नौफरी गांव निवासी आशू पिछले साल रहस्मय ढंग से लापता हुआ था। उसकी गुमशुदगी के 10 महीने बाद इस साल 10 जनवरी को थाना सिकंदरा में उसके अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने कॉल डिटेल के आधार पर महर्षिपुरम निवासी महिला रोशनी को गिरफ्तार किया। तब यह बात सामने आई कि रोशनी का कई हाईप्रोफाइल लोगों से मिलना-जुलना था। उसने कई अहम खुलासे किए थे।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि उससे तत्कालीन एसपी सिटी समीर सौरभ ने पूछताछ करके उसके बयान की रिकार्डिंग कराई। इसकी सीडी तैयार कराई गई। बाद में तत्कालीन एसएसपी राजेश डी. मोड़क ने जांच-पड़ताल के लिए पुलिस अफसरों की टीम गठित की। इसमें समीर सौरभ के अलावा दो सीओ और एक इंस्पेक्टर को शामिल किया गया।
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इस बीच पुलिस टीम पर आरोप लगा, स्पा सेंटर संचालक अंकित सेठी को हिरासत में लेने के बाद 10 लाख रुपये लेकर छोड़ दिया। इस आरोप के बाद चार पुलिस अफसरों के ट्रांसफर हुए। हालांकि तबादला आदेश में इसका जिक्र नहीं था लेकिन इसी से जोड़कर देखा गया। इसके बाद पुलिस ने रोशनी को गिरफ्तार किया। वह जमानत पर जेल से बाहर आई लेकिन आशू का आज तक कुछ पता नहीं चला।
हाल ही में डीआईजी ने आशू अपहरण कांड की फाइल खुलवाई तो पता चला कि रोशनी के बयान की सीडी गायब है। इस पर डीआईजी ने इसकी रिपोर्ट डीजीपी को भेजने की तैयारी कर ली है। एक दो दिन में ही रिपोर्ट भेजी जा सकती है। पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है। उधर, रोशनी के कंप्यूटर की हार्डडिस्क गायब होने की भी जांच कराई जा रही है।
मोड़क की मुश्किल भी बढ़ेगी
इस प्रकरण में समीर सौरभ के साथ तत्कालीन एसएसपी और वर्तमान में अलीगढ़ में पीएसी सेनानायक राजेश डी. मोड़क की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि डीजीपी को भेजी जा रही रिपोर्ट में मोड़क पर पुलिस अफसरों को बचाने का आरोप है। उन्हें जानकारी थी कि पुलिस अधिकारियों ने अंकित सेठी से 10 लाख रुपये लिए हैं। हालांकि पुलिस सूत्रों का कहना है कि मोड़क अपना जवाब डीआईजी को पहले ही दे चुके हैं। इसमें कहा गया कि मामला उनके संज्ञान में आते ही रिपोर्ट दर्ज कराकर जांच टीम गठित कर दी गई थी।
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- डीजीपी को भेजी जा रही रिपोर्ट में सवाल है कि रोशनी से पूछताछ के लिए गठित टीम में सीओ एलआईयू को शामिल किए जाने का क्या औचित्य था?
- दूसरा सवाल यह है कि सीडी केस डायरी में संलग्न क्यों नहीं की गई? इसे अधिकारी अपने साथ क्यों ले गए?
आशीष अग्रवाल उर्फ आशू अपहरण कांड की आरोपी रोशनी के बयान की सीडी गायब हो जाने से पुलिस के अफसर फंस गए हैं। डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने न केवल इस चर्चित प्रकरण की फाइल खुलवा दी है, बल्कि रोशनी से पूछताछ करने वाले तत्कालीन एसपी सिटी (वर्तमान में बरेली में तैनात) समीर सौरभ के खिलाफ डीजीपी को रिपोर्ट भेजने की तैयारी भी कर ली है। उन पर सीडी गायब करने का आरोप है। उधर, पुलिस सूत्रों का कहना है कि रोशनी के कंप्यूटर की हार्डडिस्क भी गायब है। इसमें कई राज थे। इसके चलते केस की जांच पड़ताल के लिए गठित टीम में शामिल अन्य पुलिस अधिकारी भी फंस सकते हैं।
ताजगंज के नौफरी गांव निवासी आशू पिछले साल रहस्मय ढंग से लापता हुआ था। उसकी गुमशुदगी के 10 महीने बाद इस साल 10 जनवरी को थाना सिकंदरा में उसके अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने कॉल डिटेल के आधार पर महर्षिपुरम निवासी महिला रोशनी को गिरफ्तार किया। तब यह बात सामने आई कि रोशनी का कई हाईप्रोफाइल लोगों से मिलना-जुलना था। उसने कई अहम खुलासे किए थे।
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पुलिस सूत्रों का कहना है कि उससे तत्कालीन एसपी सिटी समीर सौरभ ने पूछताछ करके उसके बयान की रिकार्डिंग कराई। इसकी सीडी तैयार कराई गई। बाद में तत्कालीन एसएसपी राजेश डी. मोड़क ने जांच-पड़ताल के लिए पुलिस अफसरों की टीम गठित की। इसमें समीर सौरभ के अलावा दो सीओ और एक इंस्पेक्टर को शामिल किया गया।
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इस बीच पुलिस टीम पर आरोप लगा, स्पा सेंटर संचालक अंकित सेठी को हिरासत में लेने के बाद 10 लाख रुपये लेकर छोड़ दिया। इस आरोप के बाद चार पुलिस अफसरों के ट्रांसफर हुए। हालांकि तबादला आदेश में इसका जिक्र नहीं था लेकिन इसी से जोड़कर देखा गया। इसके बाद पुलिस ने रोशनी को गिरफ्तार किया। वह जमानत पर जेल से बाहर आई लेकिन आशू का आज तक कुछ पता नहीं चला।
हाल ही में डीआईजी ने आशू अपहरण कांड की फाइल खुलवाई तो पता चला कि रोशनी के बयान की सीडी गायब है। इस पर डीआईजी ने इसकी रिपोर्ट डीजीपी को भेजने की तैयारी कर ली है। एक दो दिन में ही रिपोर्ट भेजी जा सकती है। पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है। उधर, रोशनी के कंप्यूटर की हार्डडिस्क गायब होने की भी जांच कराई जा रही है।
मोड़क की मुश्किल भी बढ़ेगी
इस प्रकरण में समीर सौरभ के साथ तत्कालीन एसएसपी और वर्तमान में अलीगढ़ में पीएसी सेनानायक राजेश डी. मोड़क की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि डीजीपी को भेजी जा रही रिपोर्ट में मोड़क पर पुलिस अफसरों को बचाने का आरोप है। उन्हें जानकारी थी कि पुलिस अधिकारियों ने अंकित सेठी से 10 लाख रुपये लिए हैं। हालांकि पुलिस सूत्रों का कहना है कि मोड़क अपना जवाब डीआईजी को पहले ही दे चुके हैं। इसमें कहा गया कि मामला उनके संज्ञान में आते ही रिपोर्ट दर्ज कराकर जांच टीम गठित कर दी गई थी।