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घर में न राशन मिला, न ही बिजली-पानी
घर में न राशन मिला, न ही बिजली-पानी
Updated Sun, 26 Feb 2017 01:23 AM IST
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दलिया
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आखिर मां-बेटी विमला और वीना की मौत की वजह क्या है? यह अभी सवाल ही बना हुआ है। घरवालों की जानकारी न होने से उनका पोस्टमार्टम भी नहीं हो सका है। वहीं घर के हालात बयां कर रहे हैं कि वह काफी दिनों से तंगहाली में जीवन बिता रहीं थीं। घर में न तो राशन था और न ही बिजली-पानी। आलम यह था कि बाथरूम और शौचालय तक की व्यवस्था नहीं थी। इन हालातों को देखकर लोग भी दंग रह गए।
विमला एसएन मेडिकल कालेज में नर्स थीं। इसके साथ ही वह पढ़ाती भी थीं। रिटायर्ड होने के बाद उनकी बेटी ही सहारा बन गई थी। मगर, बेटी की भी नौकरी छूट गई। आसपास के लोगों ने बताया कि नोटबंदी के बाद घर की हालात बिगड़ गई। उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया। उनकी मदद करने वाला भी कोई नहीं था। मां-बेटी घर के बाहर नहीं आती थी। छह महीने से उनकी बिजली भी कटी पड़ी थी। इस कारण टीवी-फ्रिज भी बंद पड़े थे। बिजली नहीं होने के कारण दोनों टार्च का इस्तेमाल करती थी। उनके पास दूध विक्रेता भी नहीं जाता था। दो महीने से वीना बाहर भी नहीं आ रही थी। दोनों की मौत की जानकारी के बाद लोग घर में गए तो हालात देखकर दंग रह गए। किचिन में दो सिलेंडर रखे थे। चूल्हे पर जंग तक लग चुकी थी। इसके अलावा बाल्टी और डिब्बे खाली पड़े थे। उनमें राशन तक नहीं था। ऐसा लगा रहा था कि आखिरी बार वीना ने खाना भी नहीं बनाया होगा। ऐसा कोई बर्तन भी नहीं मिला, जिसमें भोजन पकाने का निशान नजर आए। किचिन में एक हीटर भी रखा मिला है। वहीं घर के चारों तरफ फैली गंदगी में किसी का भी रहना मुश्किल हो जाता। शौचालय सबसे आखिर में बना था। उसमें गंदगी भरी हुई थी। बाथरूम भी नहीं था। पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी।
बिजली चालू कराई थी, रुपये भी दिए थे
मकान मालिक ने बताया कि कुछ महीने पहले वह बिजली चालू करवाकर आए थे। इसके लिए सब मीटर भी लगवाया था। पानी के मिठाई विक्रेता को भी बोला था।
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विमला एसएन मेडिकल कालेज में नर्स थीं। इसके साथ ही वह पढ़ाती भी थीं। रिटायर्ड होने के बाद उनकी बेटी ही सहारा बन गई थी। मगर, बेटी की भी नौकरी छूट गई। आसपास के लोगों ने बताया कि नोटबंदी के बाद घर की हालात बिगड़ गई। उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया। उनकी मदद करने वाला भी कोई नहीं था। मां-बेटी घर के बाहर नहीं आती थी। छह महीने से उनकी बिजली भी कटी पड़ी थी। इस कारण टीवी-फ्रिज भी बंद पड़े थे। बिजली नहीं होने के कारण दोनों टार्च का इस्तेमाल करती थी। उनके पास दूध विक्रेता भी नहीं जाता था। दो महीने से वीना बाहर भी नहीं आ रही थी। दोनों की मौत की जानकारी के बाद लोग घर में गए तो हालात देखकर दंग रह गए। किचिन में दो सिलेंडर रखे थे। चूल्हे पर जंग तक लग चुकी थी। इसके अलावा बाल्टी और डिब्बे खाली पड़े थे। उनमें राशन तक नहीं था। ऐसा लगा रहा था कि आखिरी बार वीना ने खाना भी नहीं बनाया होगा। ऐसा कोई बर्तन भी नहीं मिला, जिसमें भोजन पकाने का निशान नजर आए। किचिन में एक हीटर भी रखा मिला है। वहीं घर के चारों तरफ फैली गंदगी में किसी का भी रहना मुश्किल हो जाता। शौचालय सबसे आखिर में बना था। उसमें गंदगी भरी हुई थी। बाथरूम भी नहीं था। पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी।
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बिजली चालू कराई थी, रुपये भी दिए थे
मकान मालिक ने बताया कि कुछ महीने पहले वह बिजली चालू करवाकर आए थे। इसके लिए सब मीटर भी लगवाया था। पानी के मिठाई विक्रेता को भी बोला था।