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कुंदनिका की गिरफ्तारी पर पुलिस की कोर्ट में किरकिरी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 22 Mar 2016 01:48 AM IST
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कुंदनिका
- फोटो : अमर उजाला आगरा
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दिवंगत विहिप नेता अरुण माहौर की श्रद्धांजलि सभा में दिए गए भड़काऊ भाषण के मुकदमे में नामजद आरोपी एवं भाजपा पार्षद दल की नेता कुंदनिका शर्मा की जैसे तैसे सोमवार दोपहर गिरफ्तारी तो कर ली गई लेकिन कोर्ट में पुलिस की भारी किरकिरी हो गई। दरअसल, एफआईआर से लेकर गिरफ्तारी चालान तक में पुलिस ने कुंदनिका के पति का नाम दिनेश चंद शर्मा की जगह विनोद शर्मा लिख रखा था। इसके लिए विवेचना अधिकारी को कोर्ट में अपनी भूल स्वीकारनी पड़ी। इसी के चलते कुंदनिका को दो अप्रैल तक के लिए अंतरिम जमानत मिल गई। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें 11 गाड़ियों से उनके बल्केश्वर (कमला नगर) स्थित आवास पर पहुंची। वे जनसमस्या सुनकर बाहर निकल ही रहीं थी कि 20-25 महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें घेर लिया। बवाल के डर से पुलिस उन्हें लेकर शहर में काफी देर तक इधर उधर घूमती रही। इसके बाद उनका मेडिकल परीक्षण कराकर उन्हें दोपहर दो बजे एसीजीएम तृतीय सतीश चंद्र त्रिपाठी की कोर्ट में पेश किया गया। उनके अधिवक्ताओं ने रिमांड प्रपत्र देखकर कहा कि जिस कुंदनिका के खिलाफ केस दर्ज है, उसे नहीं पकड़ा गया है, आरोपी ये नहीं, कोई और है। उन्होंने बताया कि कुंदनिका शर्मा के पति का नाम दिनेश चंद शर्मा है जबकि पुलिस ने जिसे आरोपी बनाया है, उनके पति का नाम विनोद शर्मा है। एफआईआर में भी यही नाम है। उन्होंने आधार कार्ड, पेन कार्ड, वोटर कार्ड, राशन कार्ड कोर्ट के सामने रख दिए। सभी में कुंदनिका के पति का नाम दिनेश चंद शर्मा है। इस पर कोर्ट ने विवेचना अधिकारी को तलब कर लिया। उसने प्रार्थना पत्र देकर अपनी भूल स्वीकार की। संशोधन की अनुमति मांगी। इसके बाद जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। शाम पांच बजे कुंदनिका को 20-20 हजार के दो जमानती और इतनी ही राशि के मुचलकों अंतरिम जमानत दे दी गई। उन्हें दो अप्रैल को 10:30 बजे कोर्ट में पेश होने के लिए कहा गया है।
पहले नंबर पर कुंदनिका का नाम
मंटोला में 25 फरवरी की सुबह विहिप नेता अरुण माहौर की हत्या कर दी गई थी। उनकी श्रद्धांजलि सभा 28 फरवरी को जयपुर हाउस रामलीला पार्क में हुई थी। इसमें भड़काऊ भाषण दिए गए थे। लोहामंडी थाना के दरोगा अनिल कुमार ने केस दर्ज किया। आरोपियों में कुंदनिका का नाम पहले नंबर पर है। उनके अलावा विहिप के जिला मंत्री अशोक लवानिया, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत प्रमुख शशांक चौधरी आरोपी हैं।
कठेरिया भी हैं जांच के घेरे में
इस मुकदमे में जिन नेताओं के भाषणों की जांच अभी चल रही है, उनमें केंद्रीय राज्यमंत्री रामशंकर कठेरिया, फतेहपुर सीकरी के भाजपा सांसद चौधरी बाबूलाल, भाजपा विधायक योगेंद्र उपाध्याय और जगन गर्ग तथा फायर ब्रांड छवि की साध्वी प्राची का नाम शामिल है। पुलिस ने भाषणों की सीडी जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लैब लखनऊ भेज रखी है।
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पहले नंबर पर कुंदनिका का नाम
मंटोला में 25 फरवरी की सुबह विहिप नेता अरुण माहौर की हत्या कर दी गई थी। उनकी श्रद्धांजलि सभा 28 फरवरी को जयपुर हाउस रामलीला पार्क में हुई थी। इसमें भड़काऊ भाषण दिए गए थे। लोहामंडी थाना के दरोगा अनिल कुमार ने केस दर्ज किया। आरोपियों में कुंदनिका का नाम पहले नंबर पर है। उनके अलावा विहिप के जिला मंत्री अशोक लवानिया, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत प्रमुख शशांक चौधरी आरोपी हैं।
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कठेरिया भी हैं जांच के घेरे में
इस मुकदमे में जिन नेताओं के भाषणों की जांच अभी चल रही है, उनमें केंद्रीय राज्यमंत्री रामशंकर कठेरिया, फतेहपुर सीकरी के भाजपा सांसद चौधरी बाबूलाल, भाजपा विधायक योगेंद्र उपाध्याय और जगन गर्ग तथा फायर ब्रांड छवि की साध्वी प्राची का नाम शामिल है। पुलिस ने भाषणों की सीडी जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लैब लखनऊ भेज रखी है।
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