फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Police have felt ashamed, removed Shilapattika

पुलिस को शर्म आई, मनोज की शिलापट्टिका हटाई

Wed, 22 Feb 2017 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
अमर उजाला ब्यूरो आगरा Updated Wed, 22 Feb 2017 11:46 PM IST
विज्ञापन
Police have felt ashamed, removed Shilapattika
नेहरू नगर पुलिस चौकी की नई बिल्डिंग - फोटो : अमर उजाला
नेहरू नगर पुलिस चौकी की नई बिल्डिंग तैयार कराने के लिए पुलिस मनोज गोयल से चंदा लेने के लिए गई थी। पैसा मिलने के बाद उसे धन्यवाद दिया गया। चौकी के उद्घाटन समारोह में उसका नाम प्रमुख समाजसेवी के तौर पर लिया गया। शिलापट्टिका पर उसका नाम भी लिखा गया लेकिन 100 करोड़ की तेल चोरी में उसका नाम आने के बाद शिलापट्टिका को हटा दिया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि अब अफसरों को शिलापट्टिका पर उसका नाम लिखा होने से शर्म महसूस हो रही है। उनके कहने पर भी इसे हटाया गया है। बता दें, उस पर हत्या, जानलेवा हमला, छेड़छाड़ जैसे मुकदमे चौकी की बिल्डिंग बनने से पहले चल रहे हैं। बैंक  अधिकारी पर हमले का केस तो उसी हरीपर्वत थाना में दर्ज है, जिसकी यह चौकी है। चंदा लेते वक्त पुलिस ने इस बारे में नहीं सोचा।
विज्ञापन


मनोज के पेट्रोल पंपों पर नोटबंदी में बदले गए नोट
सौ करोड़ की तेल चोरी के मास्टरमाइंड मनोज गोयल के काले कारनामों से एक एक कर पर्दा उठ रहा है। अब पता चला है कि उसने नोटबंदी का जमकर फायदा उठाया। उसके पेट्रोल पंपों पर तेल बिक्री की फर्जी रसीद तैयार करके 1000-500 के नोट बदलने का खेल चला। पुलिस ने अब पेट्रोल पंपों की फाइलें खंगाली हैं तो यह खेल खुला है। पंपों के कई कर्मचारियों ने भी अपनी जुबान खोल दी है।
विज्ञापन

पहले मनोज के सात पेट्रोल पंपों की जानकारी मिली थी। इसके बाद सात और का पता चला। बुधवार को जानकारी आई कि उसका एक पेट्रोल पंप मथुरा में है जबकि दो नए बनाए जा रहे हैं। इन पंपों पर रिफाइनरी से चोरी किया गया तेल बेचा जा रहा था। इसके लिए फर्जी बिलिंग की जा रही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

वाणिज्य कर विभाग इसे क्यों नहीं पकड़ पाएगा, यह जांच होने पर साफ होगा। पुलिस सूत्रों ने बताया कि बिल देखकर चौंकाने वाली जानकारी मिली है।नोटबंदी के दौरान नवंबर और दिसंबर 2016 में डीजल और पेट्रोल की बिक्री ज्यादा दिखाई गई है।
कर्मचारियों से पूछताछ में पता चला कि बिक्री वास्तव में बढ़ी नहीं थी। यह केवल दिखाई गई थी। चोरी का तेल बेचने के लिए फर्जी बिल पहले से बनाए जा रहे थे। इसकी आड़ में नोट बदले गए थे। कई धन्ना सेठ उसके पास नोट बदलवाने के लिए जाते थे। पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि इसकी जांच कराने के लिए वाणिज्य कर विभाग और आयकर विभाग को सूचना दी जाएगी।
उधर, मनोज गोयल के पेट्रोल पंपों पर कई कर्मचारी परेशान बताए गए हैं। इनका उत्पीड़न किया जा रहा है। तीन महीने पहले हरीपर्वत थाना में एक कर्मचारी ने मनोज के भतीजे के खिलाफ केस भी दर्ज कराया था। उस कर्मचारी की पीट पीटकर खाल उधेड़ दी गई थी। ऐसे और भी कर्मचारी हैं। ये ही पुलिस के सामने मनोज के खेल की पोल खोल रहे हैं।


एक रुपये की छूट से खुली 100 करोड़ की चोरी
आगरा। तेल चोरी का यह खेल खुलना आसान नहीं था। न तो रिफाइनरी के अधिकारियों ने इसकी शिकायत की न ही मथुरा के रिफाइनरी और हाईवे थाने की पुलिस कार्रवाई करना चाहती थी। पुलिस की तो मिलीभगत सामने आ रही है। फिर यह खेल खुला कैसे इसकी कहानी दिलचस्प है। दरअसल, कई पेट्रोल पंप मालिक ही आला अफसरों से मिले थे। उन्होंने बताया था कि एक ग्रुप के कई पेट्रोल पंपों पर डीजल और पेट्रोल पर प्रति लीटर एक रुपये की छूट दी जा रही है। इनमें मनोज गोयल के पंप भी शामिल थे। शक था कि इन पेट्रोल पंपों पर चोरी या तस्करी का तेल बेचा जा रहा है। यहां हरियाणा से तस्करी का तेल लाया जाता है। इस पर आला अफसरों ने खुफिया जांच कराई। इसमें पता चला कि तेल तस्करी का नहीं, चोरी का है। सीधा शक रिफाइनरी पर गया। यहां पहले भी तेल चोरी के मामले सामने आ चुके थे। रिफाइनरी के आस पास के गांवों में चोरी के तेल का स्टाक किया जाता था। यहां पुलिस लगाई। पता चला कि तेल का स्टाक नहीं किया जा रहा बल्कि टैंकर भरकर सीधे पंपों पर भेजे जा रहे हैं। टैंकर के चालकों से पूछताछ हुई तो उन्होंने राज खोल दिया। टैंकर रिफाइनरी से नहीं भरे जा रहे थे। उन्होंने वह जगह बताई जहां से तेल मिल रहा था। पुलिस ने पड़ताल की तो रहस्य से पर्दा पूरी तरह उठ गया। तीन आरोपी पकड़ लिए गए। तब खुलासा हुआ कि चोरी छोटी मोटी नहीं, सौ करोड़ की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed