यमुना एक्सप्रेसवे पर मुठभेड़: सिपाही की पिस्टल छीन भाग रहे एक लाख के इनामी को लगी गोली
- उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में बुधवार को यमुना एक्सप्रेसवे पर बदमाश से पुलिस की मुठभेड़ हो गई। इसमें एक लाख रुपये का इनामी बदमाश गोली लगने से घायल हो गया। उसके पैर में गोली लगी है।
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एसटीएफ (विशेष कार्य बल) के सिपाही की पिस्टल छीनकर भाग रहे एक लाख रुपये का इनामी बदमाश मुठभेड़ में गोली लगने से घायल हो गया। मुठभेड़ मथुरा जिले के सुरीर थाना क्षेत्र में बुधवार दोपहर को यमुना एक्सप्रेसवे के सर्विस मार्ग पर हुई, जिसमें दो सिपाही भी घायल हुए हैं। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मुठभेड़ में घायल हुआ बदमाश नौहझील थाना क्षेत्र के गांव कोलहर निवासी अनूप है। वह मथुरा के बहुचर्चित डॉ निर्विकल्प अपहरण कांड में फरार था। उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। एसटीएफ ने उसे मंगलवार को दिल्ली के अशोक नगर इलाके से गिरफ्तार कर लिया। बुधवार को मथुरा लेकर आ रही थी।
पुलिस के अनुसार सुरीर थाना क्षेत्र में एक्सप्रेसवे के किलोमीटर संख्या 84 के समीप बदमाश अनूप ने लघुशंका के लिए गाड़ी रुकवाई थी। इसी दौरान उसने मौका पाकर एक सिपाही की पिस्टल छीनकर भागने लगा। पुलिसकर्मियों ने पीछा तो उन पर फायरिंग करने लगा।
एसटीएफ ने भागते बदमाश पर गोली चला दी। उसके पैर में गोली लगी। इससे घायल बदमाश नीचे गिर गया। बदमाश द्वारा चलाई गई गोली से दो सिपाही भी घायल हो गए। मुठभेड़ में घायल सिपाहियों ओर बदमाश को इलाज के लिए जिला अस्पताल में पहुंचाया गया।
दिसंबर 2019 में हुआ था डॉक्टर का अपहरण
दिसंबर 2019 में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. निर्विकल्प की कार को ओवरटेक कर उनका अपहरण कर लिया गया था। दो घंटे में 52 लाख रुपये की फिरौती वसूलने के बाद अपहरणकर्ता भाग गए थे। इस मामले में पुलिस तीन बदमाशों को जेल भेज चुकी हैं, वहीं अनूप पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका था।
मथुरा पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। नोएडा एसटीएफ ने बदमाश को दिल्ली के अशोक नगर से गिरफ्तार कर लिया। बुधवार की दोपहर नोएडा एसटीएफ बदमाश को मथुरा ला रही थी। एक्सप्रेसवे पर सुरीर के सर्विस रोड पर सिपाही की पिस्टल लेकर भागे बदमाश से मुठभेड़ हो गई।
नोएडा एसटीएफ एएसपी आरके मिश्रा ने बताया कि एक लाख रुपये का इनामी बदमाश अनूप पिस्टल छीनकर भाग रहा था। मुठभेड़ में उसके बायें पैर में गोली लगी है। मुठभेड़ में दो सिपाही राजेंद्र और मनोज चिकारा भी घायल हुए हैं।
मथुरा पुलिस पर लगे थे आरोप
सरकार ने मामले में हस्तक्षेप किया। नपने से बचने के तत्कालीन एसएसपी शलभ माथुर ने काफी प्रयास किए, आखिर उनके ऊपर गाज गिरी और एसएसपी मथुरा की कुर्सी भी गंवानी पड़ी। इनके अलावा कई पुलिस अफसर और इंस्पेक्टरों पर इस अपहरणकांड में आरोप लगे थे।