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पुलिस फुटेज देखती रह गई, लुटेरे थाने के सामने से भाग गए
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Tue, 29 Mar 2016 01:17 AM IST
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17 बार में उठा 100 नंबर का फोन, 40 मिनट बाद शुरू हुई चेकिंग
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
एनएच-2 पर ट्रैफिक जाम होने के बावजूद घनी आबादी के बीच से 17 लाख कैश लूटकर बदमाश आसानी से भाग निकले तो इसके पीछे पुलिस की तीन बड़ी लापरवाही रहीं। पहली, कंट्रोल रूम के 100 नंबर पर 17 वीं बार में कॉल रिसीव हुई। दूसरी, मौके पर पहुंची पुलिस बदमाशों की तलाश करने के बजाय सीसीटीवी फुटेज देखने में लगी रही। तीसरी, घटना के 40 मिनट तक शहर में चेकिंग नहीं कराई गई। नतीजा यह रहा कि लुटेरे न्यू आगरा थाना के सामने से होते हुए शहर से बाहर निकल गए।
मौका ए वारदात से महज 125 मीटर की दूरी पर दयालबाग पुलिस चौकी है। 100 नंबर पर फोन न उठने पर मैनेजर संदीप चौधरी और कैशियर सोनू यहीं पर गए थे लेकिन यहां कोई नहीं था। मतलब, बदमाशों के लिए वारदात करने से लेकर भागने तक का रास्ता पूरी तरह से साफ था। उनके भागने की दिशा भगवान टाकीज की ओर रहे। इसके आगे ही न्यू आगरा थाना है। माना यही जा रहा है कि बदमाश सादाबाद के हो सकते हैं। वहां से कई गिरोह यहां सक्रिय है। जब 17 वीं बार में 100 नंबर फोन उठा, तब तक 10 मिनट बीत चुके थे। घटनास्थल के पास से गुजर रहे एक राहगीर ने न्यू आगरा थाना पुलिस को फोन से सूचना दी थी। तब पुलिस पहुंची।
पब्लिक ने भी नहीं दिखाई हिम्मत
जिस जगह वारदात हुई, वहां भीड़ थी। कई लोगों ने घटना देखी। एक कार और ऑटो चालक थोड़ी दूरी पर रुके भी लेकिन किसी ने बदमाशों का विरोध नहीं किया। अगर लोग शोर भी मचा देते, तो बदमाशों के पांव उखड़ सकते थे।
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मॉर्डन कंट्रोल रूम की पोल खुली
यह उस मॉडर्न और वातानुकूलित कंट्रोल रूम का हाल है, जहां दो-चार नहीं, बल्कि 31 पुलिसकर्मी तैनात हैं। इनकी ड्यूटी आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में लगती हैं। यहां कंप्यूटरों के साथ वाइस रिकार्डिंग मशीनें भी लगी हैं। इसके बावजूद 16 बार में फोन न उठना हैरान करता है।
आला अफसर नहीं हिले
इतनी बड़ी वारदात पर वरिष्ठ अफसर मौके पर नहीं पहुंचे। पहले सीओ हरीपर्वत और फिर एसपी सिटी ने मौका मुआयना किया। उनके ऊपर के अधिकारी फोन पर ही जानकारी लेते रहे। जबकि मुख्यमंत्री के निर्देश हैं कि बड़ी घटनाओं पर वरिष्ठ अफसर स्वयं मौके पर जाएं।
फिर मेरठ तक कराई चेकिंग
पुलिस ने शुरू में चेकिंग नहीं कराई। जब बदमाश दूर निकल गए तो आगरा ही नहीं, मेरठ जोन तक चेकिंग कराई गई लेकिन लुटेरों का कोई सुराग नहीं मिला।
चेहरे नहीं पहचान पाई पुलिस
सीसीटीवी फुटेज में बदमाशों के चेहरे साफ हैं लेकिन पुलिस इन्हें पहचान नहीं पा रही। वजह यह है कि बदमाशों के डोजियर अपडेट नहीं किए गए हैं। कई में तो फोटो ही नहीं हैं। हालांकि बदमाशों के भागने की दिशा में माना जा रहा है कि वारदात में सादाबाद के गिरोह का हाथ हो सकता है।
एजेंसी से किया पीछा, दो मिनट में वारदात
आगरा। बदमाश एजेंसी से ही पीछे लगे थे। देव नगर स्थित प्लाई बैंक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के गोदाम का एक गेट सर्विस रोड पर है तो दूसरा गैलाना रोड की ओर है। दोनों गेट पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। गैलाना रोड की ओर गेट पर लगे कैमरे के फुटेज में बदमाश पीछे आते हुए दिख रहे हैं। इसके बाद बदमाशोें ने गोदाम से आगे ट्रांसफार्मर के पास वारदात को अंजाम दिया। मारुति कंपनी के सर्विस सेंटर के बाहर लगे कैमरे में भी बदमाश बाइक से जाते हुए दिख रहे हैं। पूरी वारदात को दो मिनट में अंजाम दिया गया है। प्लाई बैंक का एक कर्मचारी पूरी घटना का गवाह है।
एजेंसी से ही हुई मुखबिरी
एजेंसी के कर्मचारी रोजाना 5-6 लाख रुपये कैश जमा कराते हैं। होली पर पांच दिन की बैंक की छुट्टी हो गईं। मगर, मार्केट से कर्मचारी कलैक्शन करके ला रहे थे। इसके ही तकरीबन 17 लाख रुपये इकट्ठा हो गए थे। रोजाना वह इसी रास्ते से बैंक जाते हैं। एजेंसी में तकरीबन 64 कर्मचारी काम करते हैं। पुलिस का कहना है कि रेकी करके वारदात को अंजाम दिया गया है। शहर यह भी है कि एजेंसी से ही मुखबिरी की गई। कर्मचारियों से भी पूछताछ की जाएगी।
टाइम लाइन
- सुबह 11:20 बजे : कर्मचारी कैश लेकर बैंक के लिए निकले।
- 11 : 27 बजे : देव नगर पर पीछे आए बदमाशों ने बैग पर हाथ मारा।
- 11 : 28 बजे : बदमाशों ने हथियार तानकर बैग लूटा और भाग गए।
- 11 :32 बजे : दयालबाग चौकी पर सूचना दी, वहां पुलिस नहीं मिली।
- 11:40 बजे : एजेंसी के अन्य कर्मचारी मौके पर आ गए।
- 11: 55 बजे : न्यू आगरा पुलिस मौके पर पहुंच गई।
- 12: 00 बजे : एसपी सिटी और एएसपी घटनास्थल पर आए।
ताजनगरी बनी अपराधनगरी
25 मार्च - सदर बाजार में जयपुर की महिला से चेन लूट।
22 फरवरी - मलपुरा के इटौरा में अपाचे सवार तीन बदमाशों ने सराफ प्रवीन अग्रवाल से आठ लाख के सोने-चांदी के जेवर लूटे।
15 फरवरी - शास्त्रीपुरम मेें महिला से 70 हजार रुपयों से भरा बैग लूट लिया। इसी दिन चर्च रोड पर महिला से बैग लूटा।
15 फरवरी - थाना कोतवाली के पास एक्टिवा सवार बदमाशों ने युवक से 50 हजार रुपये लूट लिए। वहीं केंद्रीय हिंदी संस्थान रोड पर महिला से बैग लूटा।
15 फरवरी - बोदला चौकी के पास फायरिंग कर शराब कारोबारी के मैनेजर से आठ लाख रुपये की लूट।
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मौका ए वारदात से महज 125 मीटर की दूरी पर दयालबाग पुलिस चौकी है। 100 नंबर पर फोन न उठने पर मैनेजर संदीप चौधरी और कैशियर सोनू यहीं पर गए थे लेकिन यहां कोई नहीं था। मतलब, बदमाशों के लिए वारदात करने से लेकर भागने तक का रास्ता पूरी तरह से साफ था। उनके भागने की दिशा भगवान टाकीज की ओर रहे। इसके आगे ही न्यू आगरा थाना है। माना यही जा रहा है कि बदमाश सादाबाद के हो सकते हैं। वहां से कई गिरोह यहां सक्रिय है। जब 17 वीं बार में 100 नंबर फोन उठा, तब तक 10 मिनट बीत चुके थे। घटनास्थल के पास से गुजर रहे एक राहगीर ने न्यू आगरा थाना पुलिस को फोन से सूचना दी थी। तब पुलिस पहुंची।
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पब्लिक ने भी नहीं दिखाई हिम्मत
जिस जगह वारदात हुई, वहां भीड़ थी। कई लोगों ने घटना देखी। एक कार और ऑटो चालक थोड़ी दूरी पर रुके भी लेकिन किसी ने बदमाशों का विरोध नहीं किया। अगर लोग शोर भी मचा देते, तो बदमाशों के पांव उखड़ सकते थे।
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मॉर्डन कंट्रोल रूम की पोल खुली
यह उस मॉडर्न और वातानुकूलित कंट्रोल रूम का हाल है, जहां दो-चार नहीं, बल्कि 31 पुलिसकर्मी तैनात हैं। इनकी ड्यूटी आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में लगती हैं। यहां कंप्यूटरों के साथ वाइस रिकार्डिंग मशीनें भी लगी हैं। इसके बावजूद 16 बार में फोन न उठना हैरान करता है।
आला अफसर नहीं हिले
इतनी बड़ी वारदात पर वरिष्ठ अफसर मौके पर नहीं पहुंचे। पहले सीओ हरीपर्वत और फिर एसपी सिटी ने मौका मुआयना किया। उनके ऊपर के अधिकारी फोन पर ही जानकारी लेते रहे। जबकि मुख्यमंत्री के निर्देश हैं कि बड़ी घटनाओं पर वरिष्ठ अफसर स्वयं मौके पर जाएं।
फिर मेरठ तक कराई चेकिंग
पुलिस ने शुरू में चेकिंग नहीं कराई। जब बदमाश दूर निकल गए तो आगरा ही नहीं, मेरठ जोन तक चेकिंग कराई गई लेकिन लुटेरों का कोई सुराग नहीं मिला।
चेहरे नहीं पहचान पाई पुलिस
सीसीटीवी फुटेज में बदमाशों के चेहरे साफ हैं लेकिन पुलिस इन्हें पहचान नहीं पा रही। वजह यह है कि बदमाशों के डोजियर अपडेट नहीं किए गए हैं। कई में तो फोटो ही नहीं हैं। हालांकि बदमाशों के भागने की दिशा में माना जा रहा है कि वारदात में सादाबाद के गिरोह का हाथ हो सकता है।
एजेंसी से किया पीछा, दो मिनट में वारदात
आगरा। बदमाश एजेंसी से ही पीछे लगे थे। देव नगर स्थित प्लाई बैंक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के गोदाम का एक गेट सर्विस रोड पर है तो दूसरा गैलाना रोड की ओर है। दोनों गेट पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। गैलाना रोड की ओर गेट पर लगे कैमरे के फुटेज में बदमाश पीछे आते हुए दिख रहे हैं। इसके बाद बदमाशोें ने गोदाम से आगे ट्रांसफार्मर के पास वारदात को अंजाम दिया। मारुति कंपनी के सर्विस सेंटर के बाहर लगे कैमरे में भी बदमाश बाइक से जाते हुए दिख रहे हैं। पूरी वारदात को दो मिनट में अंजाम दिया गया है। प्लाई बैंक का एक कर्मचारी पूरी घटना का गवाह है।
एजेंसी से ही हुई मुखबिरी
एजेंसी के कर्मचारी रोजाना 5-6 लाख रुपये कैश जमा कराते हैं। होली पर पांच दिन की बैंक की छुट्टी हो गईं। मगर, मार्केट से कर्मचारी कलैक्शन करके ला रहे थे। इसके ही तकरीबन 17 लाख रुपये इकट्ठा हो गए थे। रोजाना वह इसी रास्ते से बैंक जाते हैं। एजेंसी में तकरीबन 64 कर्मचारी काम करते हैं। पुलिस का कहना है कि रेकी करके वारदात को अंजाम दिया गया है। शहर यह भी है कि एजेंसी से ही मुखबिरी की गई। कर्मचारियों से भी पूछताछ की जाएगी।
टाइम लाइन
- सुबह 11:20 बजे : कर्मचारी कैश लेकर बैंक के लिए निकले।
- 11 : 27 बजे : देव नगर पर पीछे आए बदमाशों ने बैग पर हाथ मारा।
- 11 : 28 बजे : बदमाशों ने हथियार तानकर बैग लूटा और भाग गए।
- 11 :32 बजे : दयालबाग चौकी पर सूचना दी, वहां पुलिस नहीं मिली।
- 11:40 बजे : एजेंसी के अन्य कर्मचारी मौके पर आ गए।
- 11: 55 बजे : न्यू आगरा पुलिस मौके पर पहुंच गई।
- 12: 00 बजे : एसपी सिटी और एएसपी घटनास्थल पर आए।
ताजनगरी बनी अपराधनगरी
25 मार्च - सदर बाजार में जयपुर की महिला से चेन लूट।
22 फरवरी - मलपुरा के इटौरा में अपाचे सवार तीन बदमाशों ने सराफ प्रवीन अग्रवाल से आठ लाख के सोने-चांदी के जेवर लूटे।
15 फरवरी - शास्त्रीपुरम मेें महिला से 70 हजार रुपयों से भरा बैग लूट लिया। इसी दिन चर्च रोड पर महिला से बैग लूटा।
15 फरवरी - थाना कोतवाली के पास एक्टिवा सवार बदमाशों ने युवक से 50 हजार रुपये लूट लिए। वहीं केंद्रीय हिंदी संस्थान रोड पर महिला से बैग लूटा।
15 फरवरी - बोदला चौकी के पास फायरिंग कर शराब कारोबारी के मैनेजर से आठ लाख रुपये की लूट।