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गागा के खिलाफ सुबूत जुटाने में छूटे पुलिस के पसीने
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Fri, 08 Jul 2016 01:16 AM IST
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संजीव के मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज कराने से अब हो रही है मुश्किल
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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भरतपुर हाउस गोलीकांड में मारे गए जूता कारोबारी राजकुमार लालवानी की हत्या में साजिश रचने के आरोपी डिब्बा कारोबारी स्वदेश वर्मा उर्फ गागा के खिलाफ अभी तक पुलिस ठोस सुबूत नहीं जुटा पाई है। न तो राजकुमार की उन संपत्तियों का ब्योरा मिला है जो गागा के दबाव में बेची गईं। न ही राजकुमार के परिवारीजनोें ने उसके खिलाफ बयान दर्ज कराए हैं।
पुलिस हत्या के नामजद आरोपी संजीव से पूछताछ करके साक्ष्य जुटा सकती है, लेकिन यह भी आसान नहीं। कारण, उसका पहले ही मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज कराया जा चुका है। उसके खिलाफ मजबूत साक्ष्य न होने के चलते ही पुलिस कोर्ट से उसका वारंट हासिल करने के लिए अर्जी नहीं दे पा रही है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि उसके मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई जा चुकी है। इसमें कुछ खास नहीं मिला है। अब पुलिस की सारी उम्मीद इस पर टिकी है कि राजकुमार लालवानी का परिवार साक्ष्य मुहैया कराए।
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राजकुमार की पत्नी निर्मला संजीव के खिलाफ बयान दे चुकी है, लेकिन गागा के बारे में कुछ खास नहीं बताया। राजकुमार के भाई सुंदर ने पुलिस को बताया कि गागा की वजह से ही राजकुमार की संपत्ति बिकी, लेकिन उसने अभी तक बयान दर्ज नहीं कराया है। संजीव अभी अस्पताल में है। उसे इसी महीने के अंत तक छुट्टी मिलने की उम्मीद है। उससे पूछताछ में गागा के खिलाफ साक्ष्य मिलने की संभावना है। लेकिन इसमें दिक्कत यह है कि उसका पहले ही मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज कराया जा चुका है। ऐसे में पुलिस अगर उसका फिर से बयान लेती है तो इसकी अहमियत पर सवाल उठ सकते हैं।
डिब्बा कारोबार का डिब्बा गोल
डिब्बा कारोबार गागा के दम पर चल रहा था। उसके फरार होते ही कारोबार का डिब्बा गोल हो गया है। पुलिस ने डिब्बा कारोबारियों के मोबाइल सर्विलांस पर ले रखे हैं। इस डर से 23 जून से सौदे नहीं हो रहे हैं। राजकुमार की हत्या 20 जून को हुई थी।
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पुलिस हत्या के नामजद आरोपी संजीव से पूछताछ करके साक्ष्य जुटा सकती है, लेकिन यह भी आसान नहीं। कारण, उसका पहले ही मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज कराया जा चुका है। उसके खिलाफ मजबूत साक्ष्य न होने के चलते ही पुलिस कोर्ट से उसका वारंट हासिल करने के लिए अर्जी नहीं दे पा रही है।
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पुलिस सूत्रों ने बताया कि उसके मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई जा चुकी है। इसमें कुछ खास नहीं मिला है। अब पुलिस की सारी उम्मीद इस पर टिकी है कि राजकुमार लालवानी का परिवार साक्ष्य मुहैया कराए।
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राजकुमार की पत्नी निर्मला संजीव के खिलाफ बयान दे चुकी है, लेकिन गागा के बारे में कुछ खास नहीं बताया। राजकुमार के भाई सुंदर ने पुलिस को बताया कि गागा की वजह से ही राजकुमार की संपत्ति बिकी, लेकिन उसने अभी तक बयान दर्ज नहीं कराया है। संजीव अभी अस्पताल में है। उसे इसी महीने के अंत तक छुट्टी मिलने की उम्मीद है। उससे पूछताछ में गागा के खिलाफ साक्ष्य मिलने की संभावना है। लेकिन इसमें दिक्कत यह है कि उसका पहले ही मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज कराया जा चुका है। ऐसे में पुलिस अगर उसका फिर से बयान लेती है तो इसकी अहमियत पर सवाल उठ सकते हैं।
डिब्बा कारोबार का डिब्बा गोल
डिब्बा कारोबार गागा के दम पर चल रहा था। उसके फरार होते ही कारोबार का डिब्बा गोल हो गया है। पुलिस ने डिब्बा कारोबारियों के मोबाइल सर्विलांस पर ले रखे हैं। इस डर से 23 जून से सौदे नहीं हो रहे हैं। राजकुमार की हत्या 20 जून को हुई थी।